Tvisha Sharma Case: त्विषा शर्मा संदिग्ध मौत मामले की सीबीआई जांच होगी मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र को भेजी सिफारिश

Tvisha Sharma Case: CBI जांच की सिफारिश

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Tvisha Sharma Case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सनसनीखेज तरीके से हुई त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में एक बड़ा प्रशासनिक मोड़ आया है। राज्य सरकार ने मामले की गंभीरता और परिजनों की मांग को देखते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई से इस पूरे प्रकरण की जांच कराने की आधिकारिक सिफारिश केंद्र सरकार से की है। गृह विभाग की ओर से इस संबंध में सहमति पत्र भी जारी कर दिया गया है, जिससे अब इस हाई प्रोफाइल सुसाइड मिस्ट्री की कड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की जांच एजेंसी सुलझाएगी।

इस मामले के तार न्यायपालिका से जुड़े होने के कारण शुरू से ही स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे थे। मृतका के परिजनों ने निष्पक्ष जांच को लेकर लगातार सोशल मीडिया से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक अपनी आवाज बुलंद की थी। मध्य प्रदेश सरकार के इस बड़े कदम के बाद मृतका के मायके पक्ष को न्याय मिलने की उम्मीद काफी मजबूत हो गई है। सचिवालय में मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, मामले में रसूखदार लोगों के नाम सामने आने और कानूनी पेचीदगियों को देखते हुए ही जांच का जिम्मा केंद्रीय एजेंसी को सौंपने का निर्णय लिया गया है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।

Tvisha Sharma Case: हाईकोर्ट में जमानत अर्जी पर तीखी बहस और केस डायरी का पूरा घटनाक्रम

इस बड़े प्रशासनिक फैसले के समानांतर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में भी इस केस को लेकर कानूनी हलचल बेहद तेज हो गई है। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की एकलपीठ के समक्ष मामले के मुख्य आरोपी समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू हुई। आरोपी की तरफ से पैरवी कर रहे देश के वरिष्ठ अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह ने अदालत के सामने दलील दी कि उनके मुवक्किल के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह बेबुनियाद और अनर्गल हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि दोनों के बीच हुई व्हाट्सएप चैट में कहीं भी दहेज या प्रताड़ना का कोई जिक्र नहीं है और तकनीकी रूप से डिजिटल चैट को एडिट भी किया जा सकता है।

दूसरी तरफ, राज्य सरकार का पक्ष रख रहे महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने इस दलील का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कोर्ट से भोपाल पुलिस की मुख्य केस डायरी मंगवाने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की। अदालत ने मामले की गंभीरता को समझते हुए महाधिवक्ता को दोपहर ढाई बजे तक का समय दिया, जिसके बाद केस डायरी के रिकॉर्ड्स को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। कोर्ट रूम के भीतर इस सुनवाई को देखने के लिए वकीलों और कानून के छात्रों की भारी भीड़ जमा थी, क्योंकि इस केस के घटनाक्रम पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।

Tvisha Sharma Case: वैवाहिक वेबसाइट से शुरू हुआ सफर और फंदे पर खत्म हुई जिंदगी

इस दुखद और पेचीदा मामले की पृष्ठभूमि में जाएं तो पता चलता है कि 31 वर्षीय त्विषा शर्मा का रिश्ता दिसंबर 2025 में भोपाल के रहने वाले समर्थ सिंह के साथ एक प्रतिष्ठित वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से तय हुआ था। दोनों परिवारों की सहमति के बाद देश की राजधानी दिल्ली में एक भव्य समारोह के दौरान दोनों का विवाह संपन्न हुआ था। शादी के बाद त्विषा अपने पति समर्थ और ससुराल वालों के साथ भोपाल में आकर रहने लगी थी, लेकिन कुछ ही महीनों के भीतर दोनों के रिश्तों में कड़वाहट आने की बातें सामने आने लगीं।

शादी के महज कुछ महीनों बाद ही भोपाल स्थित उनके आवास में त्विषा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका हुआ मिला था। सबसे ज्यादा झकझोर देने वाली बात यह थी कि मौत के वक्त त्विषा गर्भवती थी, जिसके कारण इस मामले ने और अधिक गंभीर रूप अख्तियार कर लिया। इस घटना के बाद से ही भोपाल के स्थानीय समाज और सोशल मीडिया पर महिला सुरक्षा और घरेलू कलह को लेकर एक नई बहस छिड़ गई थी।

पिता का मर्डर का आरोप बनाम ससुराल पक्ष का मानसिक बीमारी का दावा

त्विषा की मौत के बाद से ही दोनों पक्षों की तरफ से बेहद गंभीर और विरोधाभासी दावे किए जा रहे हैं। मृतका के पिता ने पुलिस को दिए अपने बयानों में सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि उनकी बेटी किसी भी हाल में आत्महत्या नहीं कर सकती थी। उनका दावा है कि दहेज और प्रताड़ना के चलते पहले उनकी बेटी की हत्या की गई और बाद में मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को फंदे से लटका दिया गया। उन्होंने स्थानीय रसूख के कारण जांच प्रभावित होने की आशंका भी जताई थी।

इसके विपरीत, आरोपी समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह, जो कि न्यायपालिका में एक सम्मानित पद से सेवानिवृत्त जिला जज रही हैं, ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। ससुराल पक्ष का कहना है कि त्विषा लंबे समय से गंभीर मानसिक अस्थिरता से जूझ रही थी और वह कथित तौर पर कुछ नशीले पदार्थों का सेवन भी करती थी। उनके मुताबिक, इसी मानसिक तनाव और कथित नशे की लत के कारण उपजे अवसाद के चलते उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। ससुराल पक्ष का यह रसूखदार बैकग्राउंड ही इस केस को मध्य प्रदेश का सबसे चर्चित मामला बना रहा है।

पुलिसिया इनाम के बीच फरार आरोपी की गिरफ्तारी पर सस्पेंस

भोपाल पुलिस ने मामले में प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज होने के बाद से ही मुख्य आरोपी समर्थ सिंह की तलाश तेज कर दी थी, लेकिन वह लगातार पुलिस को चकमा दे रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी न होने से नाराज पुलिस प्रशासन ने पहले उस पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था, जिसे अब बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दिया गया है। आरोपी की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई टीमें अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।

इससे पहले समर्थ ने अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए भोपाल की जिला अदालत में अग्रिम जमानत की याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दिया था। निचली अदालत से झटका लगने के बाद ही आरोपी ने हाईकोर्ट की शरण ली है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर काफी आक्रोश है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी एक नामजद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

Tvisha Sharma Case: सीबीआई जांच की कमान मिलने के बाद अब आगे क्या होगा

राज्य सरकार की सिफारिश को केंद्र की मंजूरी मिलने के बाद अब दिल्ली से सीबीआई की एक विशेष फॉरेंसिक और जांच टीम जल्द ही भोपाल का रुख करेगी। सीबीआई सबसे पहले स्थानीय पुलिस से इस केस की अब तक की केस डायरी, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जब्त किए गए डिजिटल साक्ष्य जैसे मोबाइल फोन और लैपटॉप अपने कब्जे में लेगी। केंद्रीय एजेंसी नए सिरे से घटना स्थल का मुआयना करेगी और एम्स के डॉक्टरों की एक विशेष टीम से पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट की दोबारा समीक्षा भी कराई जा सकती है।

कानूनी विश्लेषकों का मानना है कि सीबीआई की एंट्री के बाद अब इस केस में किसी भी प्रकार का स्थानीय या प्रशासनिक दबाव काम नहीं कर पाएगा। जांच एजेंसी दोनों पक्षों के दावों की सच्चाई परखने के लिए मृतका के मेडिकल इतिहास और आरोपी के व्हाट्सएप क्रेडेंशियल्स की गहनता से कूटनीतिक जांच करेगी। फरार आरोपी समर्थ सिंह की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं क्योंकि सीबीआई आमतौर पर ऐसे मामलों में तुरंत लुकआउट नोटिस जारी कर देश से बाहर भागने के रास्तों को बंद कर देती है।

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