Heatwave Alert: दिल्ली-जयपुर से पटना तक सूरज उगल रहा है आग, रातों में भी नहीं मिल रही राहत; IMD ने जारी किया भीषण लू और गर्म रातों का अलर्ट
दिल्ली में 45 डिग्री पार, ओडिशा में स्कूल-कॉलेज सुबह करने के निर्देश, 22-27 मई तक लू का प्रकोप
Heatwave Alert: देश के उत्तर भारत और पूर्वी हिस्सों में गर्मी ने कहर ढा रखा है। मई 2026 के आखिरी हफ्ते में सूरज की तपिश इतनी तेज है कि दिन में लोग घरों से निकलने में हिचकिचा रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बिहार समेत कई राज्यों में लू से लेकर भीषण लू और गर्म रातों का अलर्ट जारी कर दिया है। दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने की संभावना है, जबकि रात में भी पारा 30 डिग्री के आसपास रहने से लोगों को राहत नहीं मिल रही।
यह स्थिति न सिर्फ आम जनजीवन को प्रभावित कर रही है बल्कि स्वास्थ्य समस्याओं को भी बढ़ावा दे रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी भीषण गर्मी की घटनाएं बढ़ रही हैं। आइए विस्तार से जानते हैं मौसम का पूरा हाल और क्या हैं सावधानियां।
दिल्ली-NCR में भीषण गर्मी का प्रकोप
दिल्ली और आसपास के इलाकों में गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। IMD के अनुसार, आज दिल्ली में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। दोपहर और शाम के समय तेज सतही हवाएं चलने से लू का असर और तेज हो जाएगा। रात का न्यूनतम तापमान भी 30 डिग्री से ऊपर रहने की संभावना है, जिसे ‘गर्म रात’ कहा जाता है।
हरियाणा और चंडीगढ़ में भी स्थिति लगभग एक जैसी है। 22 से 27 मई तक इन क्षेत्रों में कई जगहों पर लू से भीषण लू चलने का अलर्ट है। पंजाब में भी इसी अवधि में लू का प्रकोप रहेगा। दिल्ली-NCR के निवासी सुबह-शाम की सैर तक छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। पानी की खपत बढ़ गई है और स्वास्थ्य विभाग ने हीट स्ट्रोक से बचने की कूटनीतिक अपील की है।
राजस्थान और उत्तर प्रदेश में तापमान का कहर
राजस्थान की बात करें तो जयपुर में आज अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। पश्चिमी राजस्थान में 25 से 27 मई तक भीषण लू चल सकती है, जबकि पूर्वी राजस्थान में 22 से 27 मई तक लू का असर रहेगा। बीकानेर, जोधपुर, उदयपुर जैसे शहरों में दिन का पारा 43-45 डिग्री तक पहुंच रहा है।
उत्तर प्रदेश में लखनऊ समेत कई शहरों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री के करीब पहुंचने वाला है। पश्चिमी यूपी में 22 से 27 मई तक लू और पूर्वी यूपी में भीषण लू की चेतावनी जारी की गई है। बांदा, प्रयागराज, वाराणसी जैसे इलाकों में पहले ही 45 डिग्री से ऊपर तापमान दर्ज हो चुका है। किसान खेतों में काम करने के समय में बदलाव कर रहे हैं, जबकि मजदूर दोपहर के वक्त काम रोकने को मजबूर हैं।
बिहार और पूर्वी राज्यों में बढ़ती परेशानी
पटना में आज अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। बिहार में 22 से 24 मई तक लू चलने की संभावना है। झारखंड में 22-23 मई को और ओडिशा में 22 से 25 मई तक लू का अलर्ट है। पूर्वी भारत में नमी के साथ गर्मी बढ़ने से ‘गर्म और आर्द्र’ मौसम की स्थिति बन रही है, जो स्वास्थ्य के लिए खासतौर पर हानिकारक है।
पश्चिम बंगाल में 22 से 26 मई तक और ओडिशा में 22 से 27 मई तक गर्म रातें रहने की चेतावनी है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी 23 से 27 मई तक गर्म और आर्द्र मौसम बना रहेगा।
पूर्वी मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत में लू का असर
ईस्टर्न मध्य प्रदेश, विदर्भ, कोस्टल आंध्र प्रदेश और यनम में 22 से 25 मई तक लू से भीषण लू चल सकती है। तेलंगाना और कुछ अन्य दक्षिणी इलाकों में भी गर्मी का प्रकोप जारी है। IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक, इन क्षेत्रों में तापमान में 2-3 डिग्री की कूटनीतिक बढ़ोतरी हो सकती है।
गर्म रातों ने बढ़ाई मुश्किलें
सिर्फ दिन की गर्मी ही नहीं, रातें भी लोगों को परेशान कर रही हैं। चंडीगढ़, दिल्ली, यूपी, हरियाणा और विदर्भ में 22-23 मई को गर्म रातें रहेंगी। ओडिशा और पश्चिम बंगाल में यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहेगी। गर्म रातों के कारण नींद नहीं आ पाती, जिससे दिन में थकान और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ जाती हैं।
स्वास्थ्य पर पड़ रहा बुरा असर और सावधानियां
भीषण गर्मी में सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को होता है। डॉक्टरों के अनुसार, डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, हीट एग्जॉर्शन और त्वचा संबंधी बीमारियां बढ़ रही हैं और अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या में कूटनीतिक इजाफा हुआ है।
बचाव के लिए दिन के 12 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से पूरी तरह बचें। खूब पानी पिएं तथा नारियल पानी, छाछ और नींबू पानी का सेवन बढ़ाएं। शरीर को ढकने के लिए हल्के रंग के ढीले कपड़े पहनें। घरों को ठंडा रखने के लिए पर्दे बंद रखें और पंखे या कूलर का इस्तेमाल करें। इसके साथ ही बेजुबान जानवरों और पक्षियों के लिए पानी का इंतजाम जरूर करें। सरकार और स्थानीय प्रशासन ने भी हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। स्कूलों में समय सारणी बदल दी गई है और कई जगहों पर आउटडोर गतिविधियां स्थगित कर दी गई हैं।
जलवायु परिवर्तन और बढ़ती गर्मी की चुनौती
विशेषज्ञों का मानना है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण भारत में हीटवेव की अवधि और तीव्रता लगातार बढ़ रही है। पिछले कुछ वर्षों में रिकॉर्ड तापमान दर्ज किए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में कूटनीतिक हीट आइलैंड प्रभाव के कारण गर्मी और ज्यादा महसूस हो रही है।
IMD ने पूरे मई-जून में सामान्य से अधिक गर्मी वाले दिनों की भविष्यवाणी की थी। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो ऐसी स्थितियां सामान्य हो जाएंगी। वनों की कटाई, प्रदूषण और अनियोजित शहरीकरण इस समस्या को तेजी से बढ़ावा दे रहे हैं।
Heatwave Alert: किसानों और अर्थव्यवस्था पर असर
गर्मी का असर कृषि क्षेत्र पर भी पड़ रहा है। गेहूं, सब्जी और फलों की फसल काफी प्रभावित हो रही है। पशुपालन में भी मुश्किलें बढ़ी हैं। बिजली की मांग चरम पर पहुंच गई है और कई राज्यों में पावर कट की शिकायतें आ रही हैं। कूटनीतिक रूप से पर्यटन क्षेत्र भी प्रभावित हुआ है और राजस्थान तथा उत्तर भारत के पर्यटक स्थलों पर विजिटर बहुत कम हो गए हैं।
आगे क्या है मौसम का हाल?
IMD के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। 27 मई के बाद कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन पूर्ण राहत जून के मध्य तक ही संभव है जब मानसून पूरी तरह सक्रिय होगा। फिलहाल किसी बड़े मौसम बदलाव की संभावना नहीं है। लोगों से अपील की गई है कि वे IMD और स्थानीय मौसम विभाग के अपडेट नियमित रूप से चेक करते रहें।
निष्कर्ष
देश के बड़े हिस्से में चल रही यह भीषण गर्मी सिर्फ एक मौसमी घटना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक चुनौती है। दिल्ली से पटना तक फैली इस आग की लपटों ने हर किसी को सतर्क किया है। सही तैयारी, जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण से हम इस चुनौती का कूटनीतिक रूप से सामना कर सकते हैं।
फिलहाल सभी से अनुरोध है कि गर्मी से बचाव के उपाय अपनाएं और जरूरतमंदों की मदद करें। मौसम विभाग लगातार निगरानी रख रहा है और आगे की अपडेट समय-समय पर जारी करेगा।
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