September Travel Destinations: न भीड़ का झंझट न चुभती गर्मी, इन 8 खूबसूरत जगहों पर लें सुहावने मौसम का मजा
शिलॉन्ग से तारकरली तक, सुहावने मौसम और कम भीड़ में बनाएं शानदार ट्रिप प्लान
September Travel Destinations: यात्रा के शौकीनों के लिए सितंबर का महीना देश भर में भ्रमण का सबसे आदर्श समय माना जाता है। इस दौरान मानसून की मूसलाधार बारिश का दौर लगभग थम चुका होता है और कड़ाके की सर्दियों से पहले मौसम में एक हल्की ठंडक और सुखद ताजगी घुल जाती है। पहाड़ों से लेकर समुद्र तटों तक प्रकृति हरियाली की नई चादर ओढ़े नजर आती है।
सितंबर माह की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह पर्यटन का ‘शोल्डर सीजन’ (ऑफ-पीक) होता है। प्रमुख पर्यटन स्थलों पर न तो गर्मियों जैसी भारी भीड़ होती है और न ही होटलों व उड़ानों के दाम आसमान छू रहे होते हैं। यदि आप शांति, सुकून और बजट-फ्रेंडली ट्रिप की तलाश में हैं, तो सितंबर में देश के इन आठ शानदार पर्यटन स्थलों का रुख कर सकते हैं।
September Travel Destinations: शिलॉन्ग: बादलों के घर में उफनते झरने और नैसर्गिक शांति
मेघालय की सुरम्य राजधानी शिलॉन्ग को ‘पूर्व का स्कॉटलैंड’ कहा जाता है, और सितंबर में इसकी खूबसूरती अपने चरम पर होती है। मानसून की विदाई के बाद यहां की वादियां धुली हुई और बेहद हरी-भरी नजर आती हैं।
इस मौसम में एलीफेंट फॉल्स, नोहकलिकाई और स्वीट फॉल्स जैसे जलप्रपात पूरे वेग के साथ बहते हैं। पर्यटकों की गहमागहमी कम होने से आप आराम से वार्ड्स लेक, उमियम झील और पुलिस बाजार का भ्रमण कर सकते हैं। हल्की धूप और ठंडी हवाओं के बीच शिलॉन्ग की सड़कें पैदल चलने और कॉफी कैफे संस्कृति का आनंद लेने के लिए सबसे मुफीद मानी जाती हैं।
मुन्नार: धुंध की चादर में लिपटे अंतहीन चाय के बागान
दक्षिण भारत के सबसे लोकप्रिय हिल स्टेशनों में शुमार केरल का मुन्नार सितंबर में किसी स्वर्ग जैसा प्रतीत होता है। पश्चिमी घाट की ढलानों पर फैले चाय के बागान बारिश के बाद बेहद चमकदार और जीवंत हो उठते हैं।
सुबह के समय पहाड़ियों पर तैरती सफेद धुंध और सुहावनी हवाएं मन को असीम शांति देती हैं। इस दौरान अनामुडी पीक, मट्टुपेट्टी बांध और इराविकुलम राष्ट्रीय उद्यान में ट्रैकिंग और बोटिंग का अनुभव बेहद सुगम रहता है। भीड़ न होने के कारण आपको लक्जरी टी-एस्टेट रिजॉर्ट्स और होमस्टे में काफी किफायती दरों पर बेहतरीन कमरे मिल जाते हैं।
शिमला: शांत माल रोड और सुहावनी पहाड़ी वादियां
हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला गर्मियों के पीक सीजन में पर्यटकों की भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम से जूझती है, किंतु सितंबर का महीना यहां बिल्कुल विपरीत और शांत माहौल लेकर आता है।
हल्की गुलाबी ठंड की दस्तक के साथ माल रोड, क्राइस्ट चर्च और जाखू हिल की सैर बेहद खुशनुमा बन जाती है। पहाड़ियों से कुहासा छंटने के कारण दूर-दूर तक फैली हिमालयी चोटियां साफ नजर आती हैं। यदि आप परिवार या पार्टनर के साथ बिना किसी आपाधापी के सुकून भरे दिन बिताना चाहते हैं, तो शिमला की टॉय ट्रेन यात्रा और वाइसरीगल लॉज का दौरा इस महीने सबसे यादगार रहेगा।
मनाली: साहसिक खेल, खुली घाटियां और नदियां
कुल्लू घाटी के मुहाने पर बसा मनाली सितंबर में एडवेंचर पसंद युवाओं के लिए पसंदीदा स्थल बन जाता है। इस समय ब्यास नदी में रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग और सोलंग वैली में जोर्बिंग जैसी आउटडोर गतिविधियों के लिए मौसम पूरी तरह अनुकूल रहता है।
सड़कों पर फिसलन और भूस्खलन का जोखिम कम हो जाने से रोहतांग दर्रा और अटल टनल के रास्ते स्पीति व लद्दाख की ओर का सफर भी सुगम हो जाता है। सेब के बागानों में पके हुए लाल सेबों के लदे पेड़ और हिडिम्बा देवी मंदिर के आसपास देवदार के घने जंगलों की सुगंध यात्रा को खास बना देती है।
वाराणसी: घाटों पर ठंडी हवाएं और आध्यात्मिक आभा
उत्तर प्रदेश का प्राचीन नगर वाराणसी सितंबर में उमस भरी गर्मी से राहत पाता है और गंगा किनारे का माहौल बेहद शांत व दर्शनीय हो जाता है। गंगा का बढ़ा हुआ जलस्तर नियंत्रित होने लगता है और दशाश्वमेध घाट की विश्वप्रसिद्ध शाम की महाआरती का दर्शन अत्यंत सुलभ हो जाता है।
अस्सी घाट पर सुबह की ‘सुबह-ए-बनारस’ और नाव पर बैठकर गंगा के विहंगम घाटों का दीदार इस मौसम में बेहद सुकूनदायक लगता है। कम भीड़ होने के कारण काशी विश्वनाथ मंदिर और सारनाथ के ऐतिहासिक बौद्ध अवशेषों के दर्शन आसानी से किए जा सकते हैं।
नीमराना: ऐतिहासिक वैभव और वीकेंड की शानदार सैर
दिल्ली-जयपुर राजमार्ग पर स्थित राजस्थान का नीमराना अपनी 15वीं शताब्दी के हेरिटेज फोर्ट पैलेस के लिए प्रसिद्ध है। चिलचिलाती धूप समाप्त होने के बाद अरावली की पहाड़ियों की गोद में बसा यह ऐतिहासिक किला वीकेंड बिताने के लिए सबसे आकर्षक ठिकाना बन जाता है।
किले के ऊपर से सूर्यास्त का नजारा और वहां संचालित होने वाली ‘जिपलाइनिंग’ जैसी साहसिक गतिविधि का आनंद इस मौसम में दोगुना हो जाता है। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के निवासियों के लिए यह बिना लंबी यात्रा के राजसी ठाठ-बाट और शांति अनुभव करने का बेहतरीन विकल्प है।
डुआर्स: घने जंगल, नदियां और वन्यजीवों का दीदार
पश्चिम बंगाल में पूर्वी हिमालय की तलहटी में स्थित डुआर्स का तराई क्षेत्र जैव विविधता और चाय बागानों का अद्भुत संगम है। मानसून के उपरांत यहां के जलदापारा और गोरुमारा राष्ट्रीय उद्यान अपनी प्राकृतिक भव्यता के साथ पर्यटकों का स्वागत करते हैं।
हाथी सफारी, जीप सफारी और दुर्लभ एक सींग वाले गैंडों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का यह सबसे शांत समय है। नदियों के किनारे स्थित छोटे-छोटे वन विश्राम गृह और तीस्ता नदी के मनोरम दृश्य उन लोगों को विशेष आकर्षित करते हैं जो शहर की भागदौड़ से दूर घने जंगलों में खो जाना चाहते हैं।
तारकरली: साफ-सुथरा समुद्र तट और स्कूबा डाइविंग का रोमांच
महाराष्ट्र के कोंकण तट पर स्थित तारकरली अपने पारदर्शी नीले पानी और सुनहरे समुद्र तटों के लिए जाना जाता है। सितंबर में अरब सागर की उग्र लहरें शांत होने लगती हैं, जिससे तटवर्ती जीवन सामान्य हो जाता है।
यह समय स्कूबा डाइविंग, स्नॉर्कलिंग और पानी के भीतर मूंगे की चट्टानों (कोरल रीफ) को देखने के लिए बेहतरीन माना जाता है। इसके साथ ही ऐतिहासिक सिंधुदुर्ग किले का समुद्री भ्रमण और पारंपरिक मालवणी व्यंजनों का स्वाद तारकरली को एक मुकम्मल और कम भीड़-भाड़ वाला बीच डेस्टिनेशन बनाता है।
September Travel Destinations: सितंबर ट्रिप की योजना बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
ऑफ-सीजन का लाभ उठाने के लिए होटलों और परिवहन की बुकिंग पहले से करा लें ताकि अतिरिक्त छूट मिल सके।
पहाड़ी या जंगली इलाकों की यात्रा के दौरान मौसम में आने वाले अचानक बदलावों को ध्यान में रखते हुए अपने साथ एक मजबूत छाता, हल्का रेनकोट और रात के लिए हल्के गर्म कपड़े (जैसे जैकेट या शॉल) अवश्य साथ रखें। ट्रैकिंग और घाटों पर घूमने के लिए ग्रिप वाले आरामदायक जूते पहनना सुविधाजनक रहेगा। स्थानीय मौसम की दैनिक रिपोर्ट पर नजर बनाए रखें ताकि आपकी यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और आनंददायक बनी रहे।
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