Petrol-Diesel Price 20 August 2026: दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12 और मुंबई में ₹111 के पार, जानें देशभर में ईंधन के ताजा रेट
दिल्ली में पेट्रोल ₹102.12, मुंबई में ₹111 के पार, जानें अपने शहर के नए पेट्रोल-डीजल रेट
Petrol-Diesel Price 20 August 2026: वैश्विक ऊर्जा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, लेकिन भारतीय तेल विपणन कंपनियों ने 20 अगस्त 2026 को भी पेट्रोल और डीजल के दामों में कोई बदलाव न करने का फैसला लिया है। राष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की दरें पिछले काफी समय से स्थिर बनी हुई हैं। सुबह छह बजे जारी नए रेट के मुताबिक दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत देश के सभी प्रमुख महानगरों और प्रांतीय शहरों में पुरानी दरें ही प्रभावी रहेंगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल के भाव में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को रिटेल कीमतों में सीधी राहत मिलती दिख रही है।
सरकारी और निजी तेल कंपनियों द्वारा जारी आंकड़ों से स्पष्ट होता है कि देश भर में ईंधन की मांग और आपूर्ति का संतुलन पूरी तरह बना हुआ है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में स्थानीय वैट और माल ढुलाई शुल्क के कारण शहरों के बीच कीमतों में अंतर देखा जा रहा है।
Petrol-Diesel Price 20 August 2026: दिल्ली-एनसीआर और निकटवर्ती इलाकों में ईंधन के भाव
देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है, जबकि डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बिक रहा है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उत्तर प्रदेश के नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पेट्रोल लगभग 102.00 रुपये और डीजल 95.50 रुपये प्रति लीटर के आसपास उपलब्ध है। हरियाणा के गुरुग्राम में पेट्रोल का रेट 102.97 रुपये और डीजल 95.64 रुपये प्रति लीटर बना हुआ है। केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में स्थानीय करों की दरें कम होने के कारण पेट्रोल 101.51 रुपये प्रति लीटर के नियंत्रित स्तर पर बिक रहा है।
दिल्ली-एनसीआर में प्रतिदिन लाखों वाहन सड़क पर उतरते हैं और ईंधन की दरों में स्थिरता रहने से निजी वाहन चालकों के साथ-साथ व्यावसायिक परिवहन क्षेत्र को भी काफी सहूलियत मिल रही है। स्थानीय नगर निगमों और प्रांतीय शुल्कों का असर इन शहरों के रिटेल रेट पर पड़ता है।
महाराष्ट्र और पश्चिमी राज्यों में पेट्रोल-डीजल की स्थिति
पश्चिम भारत के आर्थिक केंद्र मुंबई में पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर बनी हुई है। पुणे में पेट्रोल 112.00 रुपये के आसपास और डीजल 98.66 रुपये प्रति लीटर पर दर्ज किया गया है। महाराष्ट्र में राज्य सरकार द्वारा लगाए जाने वाले मूल्य संवर्धित कर यानी वैट की दरें अधिक हैं, जिसकी वजह से मुंबई में पेट्रोल का भाव दिल्ली के मुकाबले लगभग नौ रुपये प्रति लीटर महंगा है।
राज्य के अन्य प्रमुख औद्योगिक शहरों जैसे नासिक, नागपुर और कोल्हापुर में भी ईंधन की दरें लगभग इसी दायरे में कारोबार कर रही हैं। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले ट्रक चालकों और लॉजिस्टिक्स कंपनियों के लिए दैनिक आधार पर स्थिर रहने वाली ये दरें बजट प्रबंधन में काफी मददगार साबित हो रही हैं।
पूर्वी भारत के महानगरों और प्रमुख शहरों की रिपोर्ट
पूर्वी भारत के सबसे बड़े महानगर कोलकाता में पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर की दर से बेचा जा रहा है। बिहार की राजधानी पटना में पेट्रोल की कीमत 113.00 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर चुकी है, वहीं डीजल का भाव 99.00 रुपये प्रति लीटर के करीब बना हुआ है। ओडिशा के भुवनेश्वर और झारखंड के रांची शहर में भी प्रांतीय टैक्स के चलते कीमतें राष्ट्रीय औसत से थोड़ी ऊंची दर्ज की जा रही हैं।
पूर्वी राज्यों में रिफाइनरियों से दूरी और परिवहन लागत अधिक होने के कारण छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में दरों में थोड़ा अंतर आ जाता है। तेल कंपनियों का कहना है कि उपभोक्ता अपने निकटतम पेट्रोल पंप पर जाकर प्रतिदिन सुबह के ताजा रेट की जानकारी ले सकते हैं।
दक्षिण भारतीय राज्यों में ईंधन के दामों का हाल
दक्षिण भारत के राज्यों में वैट की ऊंची दरों के कारण ईंधन की कीमतें उत्तर भारत की तुलना में अधिक देखने को मिल रही हैं। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पेट्रोल सबसे महंगा यानी 115.69 रुपये प्रति लीटर और डीजल 103.82 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में पेट्रोल 107.76 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर की दर पर उपलब्ध है।
कर्नाटक के बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमत 110.89 से 111.68 रुपये के बीच चल रही है, जबकि डीजल 98.80 से 99.56 रुपये प्रति लीटर के दायरे में बना हुआ है। केरल के तिरुवनंतपुरम में भी पेट्रोल का भाव 115.00 रुपये प्रति लीटर के आसपास दर्ज किया गया है। दक्षिण भारत के परिवहन यूनियनों ने करों में कटौती की मांग कई बार उठाई है, लेकिन फिलहाल दरें यथावत रखी गई हैं।
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में ताजा रेट का असर
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल 101.89 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.36 रुपये प्रति लीटर के भाव से बिक रहा है। राज्य के अन्य प्रमुख शहरों जैसे कानपुर, वाराणसी, आगरा और प्रयागराज में भी लगभग यही दरें लागू हैं। पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश की बात करें तो वहां करों का प्रभाव अधिक है। भोपाल में पेट्रोल 114.57 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.64 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है।
राजस्थान के जयपुर में पेट्रोल 112.66 रुपये और डीजल 97.78 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से बिक रहा है। मध्य प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग अक्सर कम टैक्स वाले पड़ोसी राज्यों से पेट्रोल भरवाने को प्राथमिकता देते हैं, जिससे स्थानीय बिक्री पर असर पड़ता है।
अंतरराष्ट्रीय क्रूड बाजार की हलचल और भारतीय रिफाइनरियां
वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव जारी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रेंट क्रूड की दरें 91 डॉलर प्रति बैरल के आसपास घूम रही हैं। दुनिया भर में जारी भू-राजनीतिक तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों की अनिश्चितता के कारण क्रूड ऑयल की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित होती है। इसके बावजूद भारतीय तेल कंपनियां घरेलू बाजार में रिटेल दरों को नियंत्रित रखने में सफल रही हैं।
तेल विपणन कंपनियां कच्चे तेल के आयात मूल्य, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की विनिमय दर, रिफाइनिंग लागत और केंद्र व राज्य सरकारों के टैक्स को ध्यान में रखकर हर सुबह मूल्य तय करती हैं। फिलहाल कंपनियों द्वारा कीमतों को न बढ़ाना आम जनता के लिए महंगाई से बचाव का एक बड़ा जरिया बन गया है।
विभिन्न राज्यों में करों का ढांचा और दरों में भिन्नता
भारत में पेट्रोल और डीजल के अंतिम मूल्य में करों का बहुत बड़ा योगदान होता है। केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला उत्पाद शुल्क पूरे देश में समान रहता है, लेकिन राज्य सरकारें अपने हिसाब से वैट और स्थानीय सेस वसूलती हैं। यही कारण है कि दिल्ली और चंडीगढ़ जैसे कम टैक्स वाले राज्यों में पेट्रोल सस्ता मिलता है, जबकि मध्य प्रदेश, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में प्रति लीटर पेट्रोल पर भारी टैक्स देना पड़ता है।
इसके अलावा पहाड़ी राज्यों और दुर्गम इलाकों में माल ढुलाई का खर्च बढ़ जाने की वजह से पंपों तक ईंधन पहुंचाने की लागत बढ़ जाती है। इसका सीधा असर उपभोक्ता से वसूले जाने वाले अंतिम मूल्य पर पड़ता है।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह और सावधानियां
वाहन चालकों को सलाह दी जाती है कि वे हमेशा प्राधिकृत और विश्वसनीय पेट्रोल पंपों से ही ईंधन भरवाएं और बिल जरूर हासिल करें। कई बड़े पेट्रोल पंपों पर प्रीमियम ग्रेड पेट्रोल जैसे एक्सपी95 और स्पीड भी मिलते हैं, जिनकी दरें साधारण पेट्रोल की तुलना में चार से छह रुपये अधिक होती हैं। इसलिए अपनी गाड़ी के इंजन के अनुसार सही ईंधन का चुनाव करना बेहद आवश्यक है।
इसके साथ ही, जो लोग लंबी यात्रा पर निकल रहे हैं, वे अपने रूट में पड़ने वाले अलग-अलग राज्यों के ईंधन रेट की पूर्व जानकारी रख लें। इससे वे कम वैट वाले राज्यों में अपनी गाड़ी की टंकी फुल करवाकर यात्रा खर्च में बचत कर सकते हैं।
Petrol-Diesel Price 20 August 2026: आगामी दिनों में क्या बदल सकते हैं ईंधन के दाम
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी दायरे में बनी रहती हैं, तो आने वाले दिनों में भी घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल के दामों में किसी बड़े बदलाव की संभावना कम ही है। भारतीय तेल कंपनियां घाटे और फायदे का संतुलन बनाकर रेट तय करती हैं ताकि उपभोक्ताओं पर अचानक आर्थिक बोझ न पड़े।
फिलहाल स्थिर बने ये रेट अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत हैं, क्योंकि ईंधन के दाम बढ़ने से सीधे तौर पर माल ढुलाई महंगी हो जाती है, जिसका असर खाद्य पदार्थों और दैनिक जरूरत की चीजों की कीमतों पर पड़ता है। नागरिक अपने शहर का सटीक भाव जानने के लिए संबंधित तेल कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल ऐप या वेबसाइट की मदद ले सकते हैं।
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