Aaj Ka Mausam 20 August 2026: दिल्ली-NCR समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, तेज हवाओं और वज्रपात की भी चेतावनी
दिल्ली-NCR में छाए रहेंगे बादल, कई राज्यों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
Aaj Ka Mausam 20 August 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 20 अगस्त 2026 के लिए देश के कई हिस्सों में मानसून की चाल तेज होने की चेतावनी जारी की है। वायुमंडल में बने चक्रवाती तंत्र और निम्न दबाव के क्षेत्र की वजह से उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक झमाझम बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश के ऊपर बना मानसूनी सिस्टम अगले 24 से 48 घंटों में पड़ोसी राज्यों को व्यापक रूप से प्रभावित करेगा। इसके असर से न सिर्फ दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, बल्कि तेज रफ्तार हवाएं और वज्रपात की घटनाएं भी दर्ज हो सकती हैं।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत आसपास के इलाकों में सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने आम नागरिकों और विशेषकर यात्रियों को सलाह दी है कि वे जलभराव और भूस्खलन की संवेदनशील स्थितियों को देखते हुए सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें।
Aaj Ka Mausam 20 August 2026: उत्तर भारत में मानसूनी हवाओं का दबाव और बारिश का अलर्ट
उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में मानसून की सक्रियता इस समय चरम पर दिख रही है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जनपदों में मूसलाधार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी व्यापक स्तर पर वर्षा की संभावना व्यक्त की गई है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश की वजह से चट्टानें खिसकने और प्रमुख रास्तों पर भूस्खलन होने का खतरा बढ़ गया है, जिससे यातायात बाधित हो सकता है।
दिल्ली-एनसीआर के क्षेत्रों में सुबह से ही हवा की गुणवत्ता और नमी के स्तर में बदलाव महसूस किया जाएगा। राजधानी में दोपहर के समय गरज के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के आसार हैं। तेज हवाएं, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है, मौसम को सुहावना बनाए रखेंगी। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के आसपास के इलाकों में छिटपुट से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी, जिससे किसानों को फसलों की सिंचाई में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
मध्य भारत में भारी बारिश का दौर और जनजीवन पर असर
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में मानसूनी तंत्र पूरी ताकत के साथ असर दिखा रहा है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा का अनुमान लगाया गया है, जिसके चलते नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी आने वाले तीन से चार दिनों तक लगातार बारिश की स्थिति बनी रहेगी। विदर्भ और छत्तीसगढ़ के आसपास के जिलों में आंधी-तूफान के साथ बिजली चमकने की चेतावनी जारी की गई है।
मौसम विभाग ने मध्य भारत के कृषि क्षेत्रों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है। लगातार पानी गिरने की वजह से खेतों में जलजमाव होने की आशंका है, जिससे खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने खेतों में पानी की निकासी का सही प्रबंध करके रखें। साथ ही, निचले रिहायशी इलाकों में रहने वाले परिवारों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति के लिए स्थानीय प्रशासन से संपर्क बनाए रखने का सुझाव दिया गया है।
पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में बिगड़े मिजाज की चेतावनी
पूर्वी भारत के प्रमुख राज्यों बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में वर्षा का सिलसिला रुक-रुक कर जारी रहेगा। झारखंड पर बने दबाव के चलते बिहार के कई ग्रामीण और शहरी इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी वर्षा हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के पर्वतीय क्षेत्रों में मानसूनी हवाओं की वजह से जनजीवन प्रभावित होने का अंदेशा जताया गया है। नदियों के मुहाने पर बसे गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति पर नजर रखने के लिए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी से बहुत भारी वर्षा का दौर बना रहेगा। इन राज्यों में पहले से ही मानसूनी बारिश के कारण कई रास्ते बंद हैं और नदियां उफान पर हैं। मौसम की इस अनिश्चितता को देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रहने के लिए कहा गया है।
दक्षिण और पश्चिम भारत के तटीय इलाकों का हाल
पश्चिम भारत के तटीय इलाकों जैसे कोंकण, गोवा और तटीय कर्नाटक में मानसून की गतिविधियां संतोषजनक बनी हुई हैं। महाराष्ट्र के अंदरूनी हिस्सों में भी मध्यम स्तर की बारिश होने की संभावना है। गुजरात के कुछ सीमित हिस्सों में हल्की बौछारें गिर सकती हैं। दक्षिण भारत के राज्यों जैसे तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और केरल में स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव आ सकता है, जिससे कहीं-कहीं तेज वर्षा हो सकती है।
समुद्री तटों पर हवाओं की गति तेज रहने के कारण समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका है। मौसम विभाग ने मछुआरों को सलाह दी है कि वे अगले कुछ दिनों तक गहरे समुद्र में जाने से परहेज करें। तटीय सुरक्षा बल और स्थानीय पुलिस बल स्थिति पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।
तापमान में गिरावट और तेज रफ्तार हवाओं का रुख
देश भर के प्रमुख शहरों में बारिश की वजह से तापमान सामान्य से कुछ डिग्री नीचे रहने के आसार हैं। जिन क्षेत्रों में लगातार बारिश हो रही है, वहां दिन के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट महसूस की जा सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में रातों के समय ठंडक बढ़ सकती है, जबकि मैदानी भागों में उमस से काफी हद तक राहत मिलने की संभावना है।
आंधी और बिजली चमकने की घटनाओं को देखते हुए लोगों को खुले मैदानों, ऊंचे पेड़ों या लोहे के खंभों के पास न खड़े होने की सख्त सलाह दी गई है। बच्चों और बुजुर्गों को खराब मौसम के दौरान घरों के भीतर ही सुरक्षित रहने की बात कही गई है।
आम जनता और स्थानीय प्रशासन के लिए जरूरी सुरक्षा निर्देश
मौसम के इस रुख को देखते हुए राज्य सरकारों और जिला प्रशासनों ने अलर्ट जारी कर दिए हैं। भारी वर्षा से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे बिना किसी आपात काम के लंबी दूरी की यात्राएं करने से बचें। जलभराव वाले मार्गों पर वाहन चलाने से दुर्घटनाएं हो सकती हैं, इसलिए पुलिस प्रशासन ने यातायात के रास्तों में बदलाव करने के संकेत दिए हैं।
किसानों के लिए मौसम विभाग ने कहा है कि कीटनाशकों और उर्वरकों का छिड़काव फिलहाल टाल दें, क्योंकि बारिश के पानी में ये बह सकते हैं। इसके अलावा, शहरी क्षेत्रों में नगर निगमों को नालियों की सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मुख्य सड़कों पर पानी जमा न हो सके।
Aaj Ka Mausam 20 August 2026: आगामी दिनों में मौसम की दिशा और पूर्वानुमान
मौसम विशेषज्ञों की मानें तो मानसून की यह सक्रियता केवल आज तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसका असर अगले तीन से चार दिनों तक बना रहेगा। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के उत्तरी भागों में 23 से 25 अगस्त तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। यद्यपि निम्न दबाव का क्षेत्र समय के साथ कमजोर पड़ेगा, फिर भी नमी वाली हवाएं विभिन्न राज्यों में वर्षा का कारण बनती रहेंगी।
नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और केवल भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर दी जाने वाली जानकारियों पर ही भरोसा करें। समय पर मिली सटीक जानकारी आपको और आपके परिवार को मौसम संबंधी किसी भी जोखिम से सुरक्षित रख सकती है।
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