Islamabad Hospital Fire: AC कंप्रेसर फटने के बाद नवजात नर्सरी में लगी आग, 15 मासूमों की मौत

इस्लामाबाद के PIMS में AC कंप्रेसर फटने से नर्सरी में आग, 15 नवजातों की मौत

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Islamabad Hospital Fire: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्थित सबसे बड़े और प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य केंद्र ‘पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ (PIMS) में बुधवार सुबह एक अत्यंत हृदयविदारक और भयावह हादसा घटित हुआ। अस्पताल के गायनेकोलॉजी और प्रसूति विभाग अंतर्गत मदर एंड चाइल्ड हेल्थ (MCH) विंग की तीसरी मंजिल पर स्थित नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (नर्सरी) में एयर कंडीशनर (AC) का कंप्रेसर अचानक जोरदार धमाके के साथ फट गया।

धमाके के तुरंत बाद नर्सरी में भीषण आग भड़क उठी और देखते ही देखते चारों तरफ दमघोंटू जहरीला धुआं फैल गया। इस दर्दनाक अग्निकांड में इनक्यूबेटर और ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखे गए 15 नवजात शिशुओं की झुलसने और दम घुटने से मौत हो गई। ड्यूटी पर तैनात एक महिला चिकित्सक ने तत्परता दिखाते हुए एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिसका गहन चिकित्सा कक्ष में उपचार चल रहा है। इस त्रासदी ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है और सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली के बुनियादी सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Islamabad Hospital Fire: सुबह 6:45 बजे हुआ भीषण धमाका, ऑक्सीजन सिलेंडरों ने बढ़ाई आग की लपटें

प्रत्यक्षदर्शियों और बचाव दल से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह भीषण हादसा बुधवार सुबह लगभग 6:45 बजे हुआ। वार्ड में सामान्य दिनचर्या चल रही थी कि अचानक तीसरी मंजिल पर स्थित नवजात केयर यूनिट में लगे एसी कंप्रेसर में भयानक विस्फोट हुआ। धमाके की तीव्रता इतनी तेज थी कि वार्ड की फॉल्स सीलिंग नीचे गिर गई और वहां रखे कपड़ों व प्लास्टिक उपकरणों में तेजी से आग पकड़ ली।

चूंकि नर्सरी में नाजुक स्थिति वाले नवजात बच्चों के लिए सघन ऑक्सीजन आपूर्ति प्रणाली और बैकअप ऑक्सीजन सिलेंडर लगे हुए थे, इसलिए ऑक्सीजन गैस के संपर्क में आते ही आग की लपटें अत्यंत विकराल हो गईं। आग की ऊंची लपटों और काले धुएं के गुबार के कारण बचाव कर्मियों को वार्ड के भीतर प्रवेश करने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा। आपातकालीन अलार्म बजते ही अस्पताल परिसर में भगदड़ मच गई।

रेस्क्यू ऑपरेशन और कूलिंग प्रक्रिया: 6 दमकल गाड़ियां और एंबुलेंस तैनात

इस्लामाबाद के चीफ कमिश्नर सोहेल अशरफ ने मीडिया को बताया कि सुबह सात बजे से ठीक पहले आपातकालीन नियंत्रण कक्ष को आग की सूचना मिली थी। इसके बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए छह फायर टेंडर, चार आधुनिक एंबुलेंस और रेस्क्यू 1122 के विशेष दस्ते को घटनास्थल पर रवाना किया गया। दमकल कर्मियों ने लगभग एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग की मुख्य लपटों पर काबू पाया और अन्य निकटवर्ती वार्डों तक आग को फैलने से रोका।

आग बुझाने के पश्चात बचाव दलों ने कूलिंग ऑपरेशन शुरू किया ताकि अत्यधिक तापमान के कारण कोई दूसरा रासायनिक या इलेक्ट्रिकल उपकरण पुनः आग न पकड़ ले। वार्ड से निकाले गए अधिकांश शिशुओं के शव गंभीर रूप से झुलस चुके थे। अस्पताल प्रशासन ने शेष ब्लॉक को एहतियातन खाली कराकर वहां भर्ती अन्य गर्भवती महिलाओं और मरीजों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया है।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप

हादसे की सूचना जैसे ही बाहर फैली, अस्पताल परिसर में नवजात शिशुओं के माता-पिता, परिजनों और रिश्तेदारों की भारी भीड़ जमा हो गई। अपने जिगर के टुकड़ों को खो चुके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और पूरे परिसर में चीख-पुकार मच गई। कई परिजन फर्श पर बैठकर विलाप करते दिखे, जिनका कहना था कि जन्म के कुछ ही घंटों या दिनों के भीतर उनके बच्चे व्यवस्था की आपराधिक लापरवाही की भेंट चढ़ गए।

वार्ड के बाहर खड़े पीड़ित परिवारों ने आरोप लगाया कि सरकारी अस्पतालों में वेंटिलेशन, फायर अलार्म और नियमित इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। परिजनों ने दावा किया कि नर्सरी के पास पिछले कुछ दिनों से मरम्मत का कार्य चल रहा था, किंतु सुरक्षा प्रोटोकॉल की अनदेखी की गई। कई नागरिक अधिकार संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी इस घटना को प्रशासनिक विफलता करार देते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने लिया संज्ञान, उच्चस्तरीय जांच समिति गठित

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस भीषण त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अपूरणीय क्षति बताया है। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान में स्वास्थ्य मंत्रालय और इस्लामाबाद प्रशासन को घटना की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में जो भी अधिकारी, इंजीनियर या कर्मचारी सुरक्षा मानकों की अनदेखी का दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ बिना किसी रियायत के कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

जिला प्रशासन ने मामले की गहराई से जांच के लिए अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर जनरल की अध्यक्षता में एक संयुक्त जांच समिति का गठन कर दिया है। यह समिति एसी कंप्रेसर के रखरखाव, विद्युत लोड, अस्पताल के अग्नि सुरक्षा अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) और आपातकालीन प्रतिक्रिया समय की विस्तृत फॉरेंसिक व तकनीकी जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर सरकार को सौंपेगी।

Islamabad Hospital Fire: अस्पतालों में सुरक्षा ऑडिट और तकनीकी खामियों से बचाव की जरूरत

राजधानी का पीआईएमएस अस्पताल रोजाना हजारों मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि आईसीयू और नवजात नर्सरी जैसे अति-संवेदनशील वार्डों में जहां चौबीसों घंटे ऑक्सीजन का सघन प्रवाह रहता है, वहां एयर कंडीशनिंग और इलेक्ट्रिकल वायरिंग की साप्ताहिक जांच अनिवार्य होनी चाहिए। कंप्रेसर में होने वाले शॉर्ट सर्किट या गैस लीकेज को पहले से भांपने के लिए आधुनिक सेंसर लगाए जाने चाहिए थे।

यह दुखद घटना इस बात की गंभीर चेतावनी है कि अस्पतालों में केवल आधुनिक चिकित्सा उपकरण जुटाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि नियमित सुरक्षा ऑडिट, फायर फाइटिंग सिस्टम का मॉक ड्रिल और तकनीकी उपकरणों का समय पर नवीनीकरण जीवन रक्षा के लिए उतना ही अनिवार्य है। जब तक ऐसी व्यवस्थागत खामियों को पूरी तरह दुरुस्त नहीं किया जाता, तब तक मासूम जिंदगियों पर इस प्रकार के हादसों का खतरा बना रहेगा।

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