Modi Government: ‘इंस्टाग्राम धमाका’, एक महीने में कैबिनेट की रीच में 48 फीसदी का उछाल, 1100 से अधिक पोस्ट; जानें मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड

एक महीने में मंत्रियों की इंस्टाग्राम सक्रियता बढ़ी, 1,179 पोस्ट और 80 हजार नए फॉलोअर्स

0

Modi Government: केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने देश की युवा पीढ़ी और ‘जेन-जेड’ (Gen Z) आबादी के साथ सीधा संवाद स्थापित करने के लिए अपनी डिजिटल और सोशल मीडिया रणनीति में युगांतरकारी बदलाव किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में दिए गए स्पष्ट निर्देशों के ठीक एक महीने बाद केंद्रीय मंत्रियों का विस्तृत डिजिटल रिपोर्ट कार्ड सामने आया है। इस रिपोर्ट कार्ड के आंकड़े दर्शाते हैं कि केंद्र सरकार के मंत्रियों ने पारंपरिक संचार माध्यमों के साथ-साथ अब मेटा के लोकप्रिय विजुअल प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर अपनी सक्रियता में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की है।

मंत्रिमंडल के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक महीने के भीतर केंद्रीय मंत्रियों द्वारा इंस्टाग्राम पर किए जाने वाले पोस्ट और रील्स की संख्या में 48 प्रतिशत की जबरदस्त छलांग देखी गई है। यह बदलाव केवल डिजिटल आंकड़ों का प्रदर्शन नहीं है, बल्कि देश के 55 करोड़ से अधिक सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं, विशेषकर 35 वर्ष से कम आयु वाले युवाओं तक सरकारी योजनाओं, नीतियों और विकास कार्यों को उनकी ही बोलचाल की भाषा में पहुंचाने का एक सुनियोजित और रणनीतिक कदम साबित हो रहा है।

Modi Government: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभूतपूर्व डिजिटल रिकॉर्ड, 10.65 करोड़ फॉलोअर्स और सेल्फी वीडियोज का प्रभाव

डिजिटल संवाद के मोर्चे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले लोकतांत्रिक वैश्विक नेता बने हुए हैं। इंस्टाग्राम पर उनके व्यक्तिगत आधिकारिक हैंडल पर फॉलोअर्स का आंकड़ा 10.65 करोड़ (106.5 मिलियन) को पार कर चुका है। पिछले एक महीने के दौरान प्रधानमंत्री ने प्रतिदिन औसतन एक पोस्ट साझा करने का नियमित सिलसिला बनाए रखा, जिसके माध्यम से उन्होंने कुल 31 पोस्ट साझा किए। इस अल्पावधि में उनके अकाउंट से 31 लाख से अधिक नए फॉलोअर्स जुड़े, जो पूरी केंद्रीय कैबिनेट के सभी मंत्रियों द्वारा संयुक्त रूप से जोड़े गए नए फॉलोअर्स की कुल संख्या से भी अधिक है।

प्रधानमंत्री द्वारा 23 जुलाई से 31 जुलाई के बीच अपलोड की गई पांच अनूठी ‘सेल्फी-स्टाइल’ वीडियो रील्स ने सोशल मीडिया पर रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया। इन पांच रील्स को संयुक्त रूप से 120 करोड़ से अधिक व्यूज प्राप्त हुए। युवाओं के साथ जुड़ने के लिए प्रधानमंत्री ने किसी भी प्रकार की जटिल या औपचारिक शब्दावली के स्थान पर बेहद सहज, दोस्ताना और प्रेरक संवाद शैली अपनाई। इस अनूठे संवाद प्रयोग ने यह साबित कर दिया कि जब देश का सर्वोच्च नेतृत्व युवाओं की अपनी पसंदीदा डिजिटल शैली में बात करता है, तो उसका प्रभाव व्यापक और त्वरित होता है।

केंद्रीय मंत्रियों की सक्रियता में भारी वृद्धि: 29 में से 28 मंत्रियों ने बढ़ाई इंस्टाग्राम पोस्टिंग

कैबिनेट सचिवालय और सोशल मीडिया एनालिटिक्स टीम द्वारा तैयार किए गए डेटा के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल के 29 प्रमुख मंत्रियों में से 28 मंत्रियों ने पिछले एक महीने में इंस्टाग्राम पर अपनी दैनिक गतिविधियों और पोस्ट्स की संख्या में उल्लेखनीय विस्तार किया है। पंचायती राज और मत्स्य पालन मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को छोड़कर बाकी सभी वरिष्ठ मंत्रियों ने सोशल मीडिया आउटरीच में तीव्र गति दिखाई।

तुलनात्मक आंकड़ों का विश्लेषण करें तो 13 जुलाई से 26 जुलाई के बीच पूरी कैबिनेट द्वारा कुल 797 पोस्ट शेयर की गई थीं। प्रधानमंत्री के निर्देश और रणनीति में बदलाव के बाद 11 अगस्त से 24 अगस्त के पखवाड़े में यह संख्या बढ़कर 1,179 पोस्ट तक पहुंच गई, जो सीधे तौर पर 48 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाती है। इस दौरान प्रत्येक केंद्रीय मंत्री ने औसतन 82 पोस्ट साझा कीं और संयुक्त रूप से 80,993 नए फॉलोअर्स अपने आधिकारिक एकाउंट्स पर जोड़े। यह आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि सरकार अब डिजिटल गवर्नेंस और जनसंपर्क को शासन का अनिवार्य अंग बना चुकी है।

फॉलोअर्स वृद्धि में अमित शाह और एस. जयशंकर अव्वल, प्रल्हाद जोशी और पीयूष गोयल भी आगे

नए फॉलोअर्स जोड़ने और यूजर एंगेजमेंट के मामले में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शीर्ष स्थान पर रहे। अमित शाह ने यद्यपि पोस्ट्स की संख्या के मामले में संयमित दृष्टिकोण अपनाया, किंतु राष्ट्रीय सुरक्षा, आंतरिक सुधारों और संगठनात्मक कार्यक्रमों पर आधारित उनके कंटेंट को उपयोगकर्ताओं ने भारी संख्या में पसंद और साझा किया। दूसरे स्थान पर विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर रहे, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति, भारत के वैश्विक रुख और युवाओं से जुड़े संवादों पर 59 से अधिक गुणवत्तापूर्ण पोस्ट्स के साथ मजबूत पकड़ बनाए रखी।

इस सूची में तीसरे स्थान पर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री चंद्रकांत रघुनाथ पाटिल, चौथे स्थान पर उपभोक्ता मामले व नवीन ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी और पांचवें स्थान पर वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल रहे। इन मंत्रियों ने अपने-अपने विभागों की महत्वपूर्ण पहलों, इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं और जनहितैषी निर्णयों को इन्फोग्राफिक्स और वीडियो प्रारूप में प्रस्तुत कर युवा वर्ग का ध्यान आकर्षित किया। आंकड़ों से यह तथ्य भी सामने आया कि केवल पोस्ट की संख्या बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि कंटेंट का विषय और उसकी प्रस्तुति यूजर एंगेजमेंट को तय करने वाले सबसे निर्णायक घटक होते हैं।

कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के फॉलोअर्स में आई गिरावट: कंटेंट की गुणवत्ता पर आत्ममंथन

सोशल मीडिया रिपोर्ट कार्ड के विश्लेषण से यह तथ्य भी उजागर हुआ कि सभी मंत्रियों का डिजिटल प्रदर्शन एक समान रूप से सकारात्मक नहीं रहा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर फॉलोअर्स की संख्या में कमी दर्ज की गई। रिपोर्ट के अनुसार, गडकरी के फॉलोअर्स 66.91 लाख से घटकर 66.65 लाख पर आ गए, जिसका अर्थ है कि उन्हें लगभग 26 हजार फॉलोअर्स का नुकसान हुआ। उन्होंने इस अवधि में बड़ी संख्या में राजमार्ग परियोजनाओं और सम्मेलनों से जुड़े पोस्ट किए थे, किंतु युवाओं के साथ भावनात्मक या संवादात्मक जुड़ाव की कमी के कारण फॉलोअर्स संख्या प्रभावित हुई।

इसी प्रकार केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, जुएल ओराम, मनोहर लाल खट्टर और भूपेंद्र यादव के खातों पर भी फॉलोअर्स की वृद्धि दर या तो बेहद सुस्त रही अथवा उसमें मामूली गिरावट दर्ज की गई। डिजिटल विशेषज्ञों का मानना है कि केवल प्रशासनिक बैठकों की तस्वीरें और प्रेस रिलीज की भाषा अपलोड करने से आधुनिक सोशल मीडिया एल्गोरिदम सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं देता। इसके लिए वीडियो की गुणवत्ता, बैकग्राउंड म्यूजिक का चयन, थंबनेल और संक्षिप्त कैप्शन का प्रभावी होना आवश्यक होता है।

लंबे बयानों की जगह रील्स और ‘जेन-जेड’ की भाषा: डिजिटल संवाद की नई कार्यप्रणाली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के बाद केंद्रीय मंत्रियों ने पारंपरिक और लंबे सरकारी बयानों के स्थान पर 30 से 60 सेकंड की आकर्षक इंस्टाग्राम रील्स को प्राथमिकता देना शुरू किया है। केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी जैसे नेता नियमित रूप से समसामयिक मुद्दों, बजट प्रावधानों और जनहित की योजनाओं पर सरल भाषा में रील्स बनाकर सीधे युवाओं से मुखातिब हो रहे हैं। सरकारी योजनाओं के जटिल नियमों को एनिमेशन, वॉयसओवर और संक्षिप्त बुलेटिन के जरिए समझाया जा रहा है।

वर्तमान समय में भारत में इंस्टाग्राम के सक्रिय उपयोगकर्ताओं की संख्या लगभग 55 करोड़ तक पहुंच चुकी है, जिसमें से 70 से 76 प्रतिशत उपयोगकर्ता 35 वर्ष से कम आयु के हैं। जनसंख्या अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2026 तक देश की कुल मतदाता आबादी में 18 से 29 वर्ष के युवा मतदाताओं की हिस्सेदारी लगभग 29.2 प्रतिशत हो जाएगी। वर्ष 2029 के आगामी आम चुनावों तक यह युवा वर्ग देश की सबसे बड़ी राजनीतिक और सामाजिक निर्णायक शक्ति बन जाएगा। ऐसे में सरकार द्वारा अपने संचार तंत्र को समय रहते युवा-केंद्रित प्लेटफॉर्म्स पर स्थानांतरित करना एक दूरगामी राजनीतिक और प्रशासनिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

Modi Government: कैबिनेट में सोशल मीडिया प्रदर्शन की नियमित समीक्षा और आगामी दिशा

केंद्रीय मंत्रिमंडल की उच्चस्तरीय बैठकों में अब केवल नीतिगत फाइलों की ही समीक्षा नहीं की जा रही, बल्कि मंत्रियों के सोशल मीडिया परफॉर्मेंस की विस्तृत समीक्षा भी एजेंडे का हिस्सा बन चुकी है। इस मूल्यांकन में इंस्टाग्राम के अतिरिक्त सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक पर मंत्रियों की सक्रियता को परखा गया है। इसके लिए औसत दैनिक पोस्ट, कुल एंगेजमेंट रेट, प्रति पोस्ट लाइक्स, कमेंट्स और री-शेयर जैसे कड़े मानक तय किए गए हैं।

सरकार का प्राथमिक उद्देश्य केवल आंकड़ों में फॉलोअर्स बढ़ाना नहीं, बल्कि जनता और सरकार के बीच एक पारदर्शी व दोतरफा संवाद स्थापित करना है। हाल के महीनों में विभिन्न मुद्दों पर युवाओं द्वारा सोशल मीडिया पर व्यक्त की गई चिंताओं के बाद मंत्रियों को निर्देश दिया गया है कि वे कमेंट सेक्शन में आने वाले सवालों और सुझावों पर भी नजर रखें। यदि यह सक्रियता इसी गति से जारी रहती है, तो आने वाले समय में भारत का प्रशासनिक तंत्र सोशल मीडिया के माध्यम से जनता के साथ कहीं अधिक जवाबदेह, त्वरित और जीवंत रूप में जुड़ा हुआ दिखाई देगा।

Read More Here

Crispy Corn Kachori Recipe: झमाझम बारिश के मौसम में चाय के साथ लें क्रिस्पी कॉर्न कचौड़ी का मजा, घर पर ऐसे बनाएं यह चटपटा स्नैक

Namkeen Sevai Recipe: पोहा-उपमा खाकर हो गए हैं बोर, तो नाश्ते में ट्राई करें चटपटी नमकीन सेवई

SUVs Under 15 Lakh: 15 लाख रुपये के बजट में सबसे ज्यादा बूट स्पेस वाली SUVs, Kia Syros से MG Astor तक जानें किस गाड़ी में मिलेगा सबसे ज्यादा सामान रखने की जगह

Renault Kwid 2027 का नया अवतार ब्राजील में बिना छद्मवेश के स्पॉट, बोल्ड फ्रंट और डिजिटल केबिन के साथ 2027 में भारत आने की उम्मीद

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.