Petrol-Diesel Price 26 August 2026: 26 अगस्त 2026 को प्रमुख शहरों में कीमतें स्थिर, जानें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई के लेटेस्ट रेट्स

दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई समेत प्रमुख शहरों में ईंधन के दाम जारी

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Petrol-Diesel Price 26 August 2026: देश की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) ने बुधवार, 26 अगस्त 2026 के लिए पेट्रोल और डीजल के ताजा खुदरा भाव जारी कर दिए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर ईंधन की कीमतों में किसी प्रकार का बड़ा फेरबदल नहीं किया गया है और दरें अपने पूर्व स्तर पर स्थिर बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमतों में जारी उतार-चढ़ाव तथा डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की स्थिति के बीच घरेलू खुदरा बाजार में उपभोक्ताओं को यथावत दरों पर ही ईंधन उपलब्ध कराया जा रहा है।

राजधानी दिल्ली में आज पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर के भाव पर बिक रहा है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में स्थानीय करों और उच्च वैट दरों के कारण पेट्रोल की कीमत 111.21 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.83 रुपये प्रति लीटर दर्ज की गई है। विभिन्न राज्यों में अलग-अलग मूल्य वर्धित कर (VAT), माल ढुलाई लागत (Freight Charges) और डीलर कमीशन के चलते शहरों के बीच कीमतों में अंतर देखा जा रहा है।

Petrol-Diesel Price 21 June 2026: देश के प्रमुख महानगरों और बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल की दरें

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में अन्य महानगरों की तुलना में वैट की दर अपेक्षाकृत संतुलित होने के कारण यहां कीमतें कम हैं। कोलकाता में आज पेट्रोल 113.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.82 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर उपलब्ध है। दक्षिण भारत के प्रमुख महानगर चेन्नई में पेट्रोल 107.76 रुपये और डीजल 99.55 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है।

सिलिकॉन वैली के नाम से विख्यात बेंगलुरु में पेट्रोल की कीमत 111.68 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.00 रुपये प्रति लीटर के आसपास दर्ज की गई है। देश के प्रमुख महानगरों में हैदराबाद में ईंधन के दाम सबसे ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं, जहां उपभोक्ताओं को पेट्रोल के लिए 115.69 रुपये प्रति लीटर और डीजल के लिए 103.82 रुपये प्रति लीटर चुकाने पड़ रहे हैं।

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पेट्रोल 102.00 रुपये और डीजल 95.00 रुपये प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है। बिहार के पटना में पेट्रोल 113.00 रुपये प्रति लीटर से ऊपर बिक रहा है, जबकि झारखंड के रांची में यह 106.00 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर है। केंद्र शासित प्रदेश अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर में सबसे कम स्थानीय कर होने के कारण पेट्रोल देश में सबसे सस्ता यानी लगभग 88.00 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है।

ईंधन की कीमतों के निर्धारण का आधार और स्थिरता की मुख्य वजहें

भारत में सरकारी तेल कंपनियां—इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL)—अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की औसत कीमत, विदेशी मुद्रा विनिमय दर (USD/INR), रिफाइनरी प्रोसेसिंग मार्जिन और केंद्र व राज्य सरकारों के टैक्स ढांचे के आधार पर ईंधन की कीमतें निर्धारित करती हैं।

मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनावों और वैश्विक शिपिंग मार्गों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बावजूद घरेलू स्तर पर ईंधन आपूर्ति पूरी तरह सुगम बनी हुई है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार और रिफाइनरियों की शोधन क्षमता पर्याप्त है। यही कारण है कि वैश्विक कमोडिटी बाजार में होने वाले अल्पकालिक उतार-चढ़ाव का सीधा भार तुरंत घरेलू खुदरा उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जा रहा है और दरें नियंत्रित बनी हुई हैं।

राज्यों के बीच कीमतों में भारी अंतर का क्या है कारण

अक्सर उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल उठता है कि एक ही देश में अलग-अलग राज्यों और शहरों में पेट्रोल-डीजल के भाव इतने भिन्न क्यों होते हैं। इसका मुख्य कारण यह है कि पेट्रोल और डीजल वर्तमान में वस्तु एवं सेवा कर (GST) के दायरे से बाहर हैं।

कच्चे तेल के शोधन के बाद जब ईंधन रिफाइनरी गेट से बाहर निकलता है, तो उस पर केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Excise Duty) लगाया जाता है, जो पूरे देश में समान रहता है। इसके बाद प्रत्येक राज्य सरकार अपनी वित्तीय प्राथमिकताओं के अनुसार अलग-अलग प्रतिशत में वैट (VAT) और उपकर (Cess) लगाती है। इसके अतिरिक्त रिफाइनरी से पेट्रोल पंप तक की परिवहन दूरी और डीलरों का कमीशन जुड़ने के कारण हर शहर में अंतिम खुदरा मूल्य (Retail Selling Price) में अंतर आ जाता है।

Petrol-Diesel Price 26 August 2026: ई-20 पेट्रोल का देशव्यापी प्रसार और बाजार का परिदृश्य

वर्तमान में देश भर के ईंधन स्टेशनों पर 20 प्रतिशत एथेनॉल संमिश्रित पेट्रोल (E-20 Fuel) की नियमित आपूर्ति की जा रही है। सरकार की जैव-ईंधन नीति के तहत इस मिश्रण से कच्चे तेल के आयात बिल में कमी लाने और पर्यावरण में कार्बन उत्सर्जन घटाने का लक्ष्य रखा गया है।

परिवहन और कृषि क्षेत्र में डीजल की स्थिर कीमतें माल ढुलाई लागत को नियंत्रित रखने में सहायक साबित हो रही हैं, जिससे दैनिक उपभोग की आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर लॉजिस्टिक्स का अतिरिक्त दबाव नहीं बन रहा है। उपभोक्ता अपने नजदीकी पेट्रोल पंप के डिजिटल बोर्ड अथवा तेल कंपनियों के आधिकारिक मोबाइल ऐप और एसएमएस सेवा के माध्यम से अपने शहर के सटीक दैनिक रेट्स की पुष्टि कर सकते हैं।

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