Jammu Fire: शिव मार्केट में भीषण आग, 40 दुकानें और होटल तबाह

जम्मू रेलवे स्टेशन के सामने आग से भारी नुकसान, दुकानों और होटल को पहुंची क्षति

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Jammu Fire: जम्मू रेलवे स्टेशन के ठीक सामने स्थित व्यस्ततम व्यापारिक केंद्र शिव मार्केट में रविवार देर रात एक भीषण अग्निकांड की घटना सामने आई है। अचानक भड़की आग ने कुछ ही पलों में विकराल रूप धारण कर लिया और कतारबद्ध बनी दर्जनों दुकानों व पास स्थित एक होटल को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में करीब 35 से 40 दुकानें पूरी तरह जलकर खाक हो गई हैं। आग की ऊंची लपटों और धुएं के घने गुबार के कारण पूरे स्टेशन परिसर और आसपास के रिहायशी क्षेत्र में भारी दहशत और अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां, पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया। हालांकि, तब तक व्यापारियों का करोड़ों रुपये का कीमती सामान जलकर राख के ढेर में तब्दील हो चुका था।

Jammu Fire: रविवार देर रात भड़की आग, चंद मिनटों में पूरा बाजार बना आग का गोला

घटना रविवार, 25 अक्टूबर की देर रात उस समय हुई जब बाजार की अधिकांश दुकानें बंद हो चुकी थीं और कुछ ही ढाबों पर लोग मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग सबसे पहले बाजार के एक हिस्से में स्थित दुकान में भड़की और देखते ही देखते उसने पास की अन्य दुकानों को अपनी जद में ले लिया। चूंकि शिव मार्केट मुख्य रूप से कश्मीरी ड्राई फ्रूट्स, गर्म ऊनी शॉल, कंबल, चमड़े के उत्पाद, हस्तशिल्प और रेडीमेड कपड़ों का बड़ा केंद्र है, इसलिए इन अत्यधिक ज्वलनशील सामग्रियों के संपर्क में आते ही आग तेजी से फैलती चली गई।

जब तक स्थानीय लोग और दुकानदार कुछ समझ पाते या सामान बाहर निकालने का प्रयास करते, आग ने पूरे परिसर को घेर लिया। दुकानों के भीतर रखे सिलेंडरों और बिजली के उपकरणों में छोटे-छोटे धमाके होने से दहशत और बढ़ गई। लपटें इतनी भयानक थीं कि पास स्थित एक बहुमंजिला होटल की इमारत भी इसकी चपेट में आ गई, जिससे वहां ठहरे यात्रियों को आनन-फानन में सुरक्षित बाहर निकाला गया।

40 दुकानें और होटल खाक, व्यापारियों पर टूटा आर्थिक संकट

इस अग्निकांड में हुए नुकसान का प्राथमिक आकलन बेहद चौंकाने वाला है। बाहु विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद बताया कि शुरुआती आंकड़ों के अनुसार करीब 35 से 40 दुकानें पूरी तरह जल चुकी हैं और एक होटल को भी भारी क्षति पहुंची है। त्योहारी सीजन और आगामी शीतकालीन पर्यटन व माता वैष्णो देवी यात्रा के मद्देनजर दुकानदारों ने हाल ही में दुकानों में लाखों रुपये का नया माल भरा था।

व्यापारियों का कहना है कि उनकी वर्षों की जमा-पूंजी और आजीविका का एकमात्र सहारा चंद घंटों में समाप्त हो गया। ड्राई फ्रूट्स और पश्मीना शॉल जैसी महंगी वस्तुओं का बड़ा स्टॉक पूरी तरह नष्ट होने से यह नुकसान कई करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। कई छोटे दुकानदार और ढाबा संचालक इस तबाही के बाद गहरे सदमे में हैं क्योंकि उनका पूरा व्यवसाय कर्ज और दैनिक बिक्री पर टिका हुआ था।

गांधी नगर और गंग्याल से पहुंचीं दमकल गाड़ियां, घंटों चला रेस्क्यू

आग की भयावहता को देखते हुए गांधी नगर, गंग्याल और सिटी फायर स्टेशनों से दमकल की एक दर्जन से अधिक गाड़ियों को तुरंत मौके के लिए रवाना किया गया। दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए चारों तरफ से पानी और केमिकल फोम की बौछारें शुरू कीं ताकि आग को रेलवे स्टेशन के मुख्य परिसर और अन्य इमारतों तक पहुंचने से रोका जा सके।

घनी बसावट और संकरी गलियों के कारण दमकल वाहनों को अंदर तक ले जाने में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। पुलिस प्रशासन ने तत्काल पूरे इलाके की घेराबंदी कर भीड़ को हटाया ताकि पानी के टैंकरों की आवाजाही निर्बाध रूप से जारी रह सके। कई घंटों के निरंतर और कड़े प्रयासों के बाद सोमवार तड़के आग की लपटों पर पूरी तरह काबू पाया जा सका, जिसके बाद कूलिंग ऑपरेशन शुरू किया गया।

शॉर्ट सर्किट की आशंका, तकनीकी जांच में जुटा प्रशासन

आग लगने के प्राथमिक कारणों में बिजली का शॉर्ट सर्किट होना मुख्य वजह माना जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का अनुमान है कि पुराने बिजली के तारों के जाल में ओवरलोडिंग या स्पार्किंग के चलते यह चिंगारी भड़की होगी। हालांकि, पुलिस और अग्निशमन सेवा के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि घटना की वास्तविक वजह फॉरेंसिक और तकनीकी जांच रिपोर्ट पूरी होने के बाद ही पुख्ता तौर पर सामने आएगी।

जम्मू जिला प्रशासन ने अग्निकांड की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। इस बात की भी जांच की जा रही है कि क्या बाजार में वाणिज्यिक सुरक्षा मानकों और अग्निशमन यंत्रों की उचित व्यवस्था थी या नहीं। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी सुरक्षित कर लिए हैं ताकि घटना के समय की परिस्थितियों का सिलसिलेवार आकलन किया जा सके।

Jammu Fire: प्रशासनिक मुआवजे और आर्थिक पैकेज की उठी मांग

हादसे के बाद तबाह हुए व्यापारियों ने प्रशासन और सरकार से तत्काल आर्थिक सहायता और राहत पैकेज की मांग की है। स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने उपराज्यपाल प्रशासन से गुहार लगाई है कि प्रभावित दुकानदारों के नुकसान का त्वरित प्रशासनिक सर्वे कराया जाए और उन्हें बिना देरी के पर्याप्त मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।

विधायक विक्रम रंधावा ने पीड़ित दुकानदारों को ढांढस बंधाते हुए आश्वासन दिया कि वे इस संकट की घड़ी में व्यापारियों के साथ खड़े हैं और उपराज्यपाल व संभागीय प्रशासन के समक्ष मुआवजे का मुद्दा प्रमुखता से उठाएंगे। उन्होंने मांग की कि प्रभावित व्यापारियों के बैंक कर्जों पर ब्याज में राहत दी जाए और उन्हें दोबारा अपने पैरों पर खड़े होने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाए। राजस्व विभाग की टीम ने नुकसान के सटीक आकलन के लिए भौतिक सत्यापन का काम शुरू कर दिया है।

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