Gold-Silver Price 26 October 2026: सोने-चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव, जानें 24K और 22K गोल्ड की कीमत
दिल्ली, मुंबई और लखनऊ में सोने-चांदी के भाव जानें, खरीदारी से पहले हॉलमार्क और मेकिंग चार्ज की जांच करें
Gold-Silver Price 26 October 2026: त्योहारी मौसम और आगामी सहालग के मद्देनजर भारतीय सर्राफा बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों पर खरीदारों की पैनी नजर टिकी हुई है। धनतेरस और दिवाली की पारंपरिक खरीदारी से ठीक पहले कीमती धातुओं के बाजार में उतार-चढ़ाव का दौर लगातार बना हुआ है। पिछले कारोबारी दिनों में आई तेज गिरावट के बाद अब घरेलू बाजारों में सोने-चांदी के दाम नए स्तरों पर स्थिरता तलाश रहे हैं। सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को नए कारोबारी सप्ताह की शुरुआत के साथ ही आभूषण विक्रेताओं और निवेशकों के बीच ताजा दरों को लेकर हलचल तेज हो गई है। ऐसे में यदि आप भी शादी-विवाह के लिए गहने, सोने के सिक्के या चांदी के बर्तन खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो खरीदारी से पहले आज के ताजा भाव और बाजार के रुख को समझ लेना बेहद जरूरी है।
Gold-Silver Price 26 October 2026: 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने के ताजा खुदरा भाव
घरेलू खुदरा बाजार के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश में 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत लगभग ₹1,42,580 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बनी हुई है। वहीं आभूषण निर्माण में सर्वाधिक प्रयुक्त होने वाले 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,30,700 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। इसके अलावा हल्के और आधुनिक डिजाइन के आभूषणों के लिए लोकप्रिय 18 कैरेट सोने की कीमत करीब ₹1,06,940 प्रति 10 ग्राम के दायरे में है।
सोने की शुद्धता के मामले में 24 कैरेट को सबसे शुद्ध धातु माना जाता है, जिसमें 99.9 प्रतिशत सोना होता है, हालांकि अत्यधिक मुलायम होने के कारण इसका उपयोग सीधे आभूषण बनाने के लिए नहीं किया जाता। जेवर बनाने के लिए 22 कैरेट सोने में तांबा या चांदी जैसी अन्य धातुएं मिलाकर उसे मजबूती दी जाती है। ग्राहकों को खरीदारी करते समय केवल धातु के कैरेट पर ही नहीं, बल्कि भारतीय मानक ब्यूरो के 6 अंकों वाले विशिष्ट पहचान कोड यानी एचयूआईडी हॉलमार्क पर भी ध्यान देना चाहिए।
चांदी की कीमतों पर दबाव, जानें थोक और खुदरा दरों का अंतर
सोने के साथ-साथ चांदी की कीमतों में भी अक्टूबर माह के दौरान खासा दबाव देखा गया है। खुदरा बाजारों में चांदी की दरें लगभग ₹2.20 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रही हैं। वहीं इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन यानी आईबीजेए के आंकड़ों के मुताबिक, हालिया सत्रों में चांदी का थोक भाव लगभग ₹1,94,415 प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया था।
उपभोक्ताओं के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि आईबीजेए द्वारा जारी किए जाने वाले भाव जीएसटी, परिवहन लागत और स्थानीय खुदरा प्रीमियम से पहले के होते हैं। जब चांदी स्थानीय दुकानों और शोरूम तक पहुंचती है, तो उस पर तीन प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर और विक्रेता का मार्जिन जुड़ जाता है, जिससे अंतिम खुदरा मूल्य बढ़ जाता है। चांदी के लक्ष्मी-गणेश के सिक्के, पूजन थाली और बर्तन खरीदने वाले उपभोक्ताओं को बिलिंग के समय शुद्धता और वजन का विशेष सत्यापन करना चाहिए।
अक्टूबर के महीने में क्यों आई सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट
अंतरराष्ट्रीय और घरेलू वित्तीय मंचों पर कई ऐसे कारक एक साथ सक्रिय हुए हैं जिन्होंने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है। वैश्विक बाजार में अमेरिकी डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में सुधार के चलते बड़े संस्थागत निवेशकों ने सोने से पूंजी निकालकर अन्य संपत्तियों में लगाना शुरू किया। इसके अलावा लगातार ऊंचाई छूने के बाद कमोडिटी एक्सचेंजों पर निवेशकों द्वारा की गई जबर्दस्त मुनाफावसूली ने भी कीमतों को नीचे खींचा।
भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और वैश्विक केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को लेकर अपनाए जा रहे सख्त रुख ने भी सर्राफा बाजार को प्रभावित किया है। सोना हमेशा से संकट के समय सुरक्षित निवेश का विकल्प माना जाता रहा है, लेकिन अल्पकालिक अवधि में वैश्विक उतार-चढ़ाव इसकी दरों को तेजी से ऊपर-नीचे कर सकते हैं। यही वजह है कि विशेषज्ञों की राय में केवल एक दिन की गिरावट को देखकर जल्दबाजी में भारी निवेश करने से बचना चाहिए।
दिल्ली, मुंबई और लखनऊ के सर्राफा बाजारों में अलग-अलग दरें
देश के अलग-अलग शहरों में सोने और चांदी के खुदरा भाव में थोड़ा अंतर देखने को मिलता है। दिल्ली और लखनऊ के बाजारों में माल ढुलाई शुल्क और स्थानीय एसोसिएशन के फैसलों के आधार पर दरें लगभग समान स्तर पर कोट की जाती हैं। वहीं मुंबई में बंदरगाह से नजदीकी और स्थानीय सर्राफा संघों की नीतियों के कारण कुछ रुपयों का फर्क नजर आता है।
खुदरा स्तर पर जब ग्राहक किसी ज्वेलरी शोरूम से तैयार आभूषण खरीदता है, तो बेस रेट के ऊपर 8 से 25 प्रतिशत तक मेकिंग चार्ज जोड़ा जाता है। इसके उपरांत कुल मूल्य पर 3 प्रतिशत का जीएसटी भी देय होता है। यही कारण है कि अखबारों या ऑनलाइन माध्यमों पर दिखाई देने वाला बेस रेट और शोरूम के अंतिम बिल में अंतर होना स्वाभाविक है।
Gold-Silver Price 26 October 2026: खरीदारी से पहले ग्राहकों के लिए जरूरी सावधानियां और गाइडेंस
सोमवार को बाजार खुलने के साथ ही सोना या चांदी खरीदने जा रहे उपभोक्ताओं को कुछ बुनियादी बातों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। सबसे पहले अपने स्थानीय विश्वसनीय ज्वेलर से दिन का शुरुआती बेस रेट स्पष्ट रूप से पूछें। आभूषणों पर बीआईएस हॉलमार्क का निशान और 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक कोड अवश्य जांचें, जिसे बीआईएस केयर मोबाइल ऐप के जरिए आसानी से सत्यापित किया जा सकता है।
दुकानदार से हमेशा पक्का जीएसटी बिल लें, जिसमें सोने का कुल वजन, शुद्धता (कैरेट), प्रति ग्राम दर, मेकिंग चार्ज और टैक्स का अलग-अलग स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। किसी भी अनधिकृत या कच्चे बिल पर आभूषण खरीदने से बचें, ताकि भविष्य में उसे बदलने या बेचने पर किसी प्रकार की आर्थिक हानि न उठानी पड़े।
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