Instagram 90 Minute Videos: इंस्टाग्राम पर अब 90 मिनट के लंबे वीडियो अपलोड कर सकेंगे क्रिएटर्स, कमाई का नया रास्ता खुलने की उम्मीद
Instagram 90 Minute Videos: इंस्टाग्राम पर अब 90 मिनट के लंबे वीडियो अपलोड कर सकेंगे क्रिएटर्स, कमाई का नया रास्ता खुलने की उम्मीद
Instagram 90 Minute Videos: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव लाते हुए लंबे वीडियो अपलोड करने वाले फीचर की टेस्टिंग शुरू कर चुका है। इसके तहत क्रिएटर्स अब 90 मिनट तक के वीडियो शेयर कर सकेंगे। पिछले कई वर्षों से शॉर्ट फॉर्म वर्टिकल वीडियो पर फोकस रहा है, लेकिन अब मेटा के स्वामित्व वाले इस प्लेटफॉर्म पर लंबे कंटेंट को भी जगह दी जा रही है। साथ ही लाइव वीडियो डिस्कवरी के नए तरीके और क्रिएटर्स की प्रोफाइल पर एक-दूसरे से जुड़ी रील्स की सीरीज बनाने का सेक्शन भी जोड़ा जा रहा है।
यह कदम क्रिएटर्स के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि शॉर्ट फॉर्म वीडियो से सीधे प्लेटफॉर्म पर कमाई करना मुश्किल रहा है। लंबे वीडियो में विज्ञापन लगाने की ज्यादा जगह होने से मोनेटाइजेशन बेहतर हो सकता है। इंस्टाग्राम के प्रमुख एडम मोसेरी ने एक इंटरव्यू में भी क्रिएटर्स की कमाई के तरीकों पर बात की है।
इंस्टाग्राम पर 90 मिनट के लंबे वीडियो फीचर की टेस्टिंग कैसे हो रही है?
इंस्टाग्राम अभी ब्राजील में फीचर्स और क्लिप्स एज रील्स की टेस्टिंग कर रहा है। अब इसे अमेरिका में भी एक छोटे टेस्ट के रूप में शुरू किया जाएगा। इस फीचर की मदद से क्रिएटर्स सिर्फ शॉर्ट वीडियो नहीं, बल्कि एक घंटा 30 मिनट तक के लंबे वीडियो भी अपलोड कर पाएंगे।
ऐप लाइव वीडियो देखने और ढूंढने के नए तरीके भी ला रहा है, ताकि यूजर्स अपनी पसंद के वीडियो आसानी से खोज सकें। इसके अलावा क्रिएटर्स की प्रोफाइल में एक नया सेक्शन जोड़ा जा रहा है, जिसमें वे एक-दूसरे से जुड़ी रील्स की पूरी सीरीज बनाकर रख सकेंगे। यह बदलाव उन क्रिएटर्स के लिए फायदेमंद हो सकता है जो लंबे फॉर्मेट में कंटेंट बनाना चाहते हैं। टेस्टिंग के नतीजे आने के बाद इसे और देशों में विस्तार दिया जा सकता है।
शॉर्ट फॉर्म वीडियो से कमाई क्यों मुश्किल रही है?
2020 के दशक में इंटरनेट पर शॉर्ट फॉर्म वर्टिकल वीडियो काफी लोकप्रिय रहे हैं। लेकिन इन वीडियो को बनाने वाले क्रिएटर्स इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म से सीधे तौर पर बहुत ज्यादा पैसा नहीं कमा पाते। मेटा के इस प्लेटफॉर्म पर सब्सक्रिप्शन जैसे कुछ मोनेटाइजेशन टूल मौजूद हैं, लेकिन आमतौर पर क्रिएटर्स को प्रति-व्यू के हिसाब से पैसा नहीं मिलता।
शॉर्ट फॉर्म कंटेंट से कमाई करना लंबे वीडियो की तुलना में काफी मुश्किल होता है क्योंकि इसमें विज्ञापन लगाने के लिए कम जगह होती है। कई क्रिएटर्स इन अकाउंट्स को अपनी मुख्य कमाई का स्रोत मानने के बजाय यूट्यूब चैनलों के लिए प्रमोशनल टूल के रूप में इस्तेमाल करते हैं। इंस्टाग्राम और टिकटॉक दोनों ही शॉर्ट फॉर्म में यूट्यूब मॉडल की तरह काम नहीं कर पाए हैं।
एडम मोसेरी ने क्रिएटर्स की कमाई के बारे में क्या कहा?
क्रिएटर इकॉनमी पर हुए इंटरव्यू शो कोलिन एंड समीर में इंस्टाग्राम के प्रमुख एडम मोसेरी ने बताया कि क्रिएटर्स सीधे प्लेटफॉर्म से अपने फैंस से या फिर किसी ब्रांड से पैसे कमा सकते हैं। अभी इंस्टाग्राम पर खासतौर पर ब्रांड्स से ही पैसे मिलते हैं। कुछ लोगों को फैंस से भी पैसे मिलते हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे पास परफॉर्मेंस आधारित एक छोटा प्रोग्राम भी है, लेकिन इसमें हमारी कमाई से कहीं ज्यादा खर्च हो जाता है। इसलिए इसे बड़े स्तर पर ले जाने का कोई मतलब नहीं है क्योंकि इसमें सिर्फ हमारा पैसा ही बर्बाद होगा। मोसेरी के इस बयान से साफ है कि इंस्टाग्राम अभी भी क्रिएटर्स को प्लेटफॉर्म से सीधे प्रति-व्यू पेमेंट देने की स्थिति में नहीं है।
लंबे वीडियो से क्रिएटर्स को क्या फायदा हो सकता है?
इंस्टाग्राम क्रिएटर्स को लंबे वीडियो अपलोड करने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे उसने आठ साल पहले IGTV के साथ किया था, जिसे बाद में बंद कर दिया गया था। लंबे वीडियो में विज्ञापन लगाने की ज्यादा संभावना होती है, जिससे क्रिएटर्स को बेहतर कमाई का मौका मिल सकता है।
ब्रांड्स भी लंबे कंटेंट में ज्यादा निवेश कर सकते हैं क्योंकि इसमें स्टोरीटेलिंग की जगह अधिक होती है। क्रिएटर्स अपनी रील्स सीरीज को प्रोफाइल पर व्यवस्थित करके दर्शकों को लंबे समय तक बांधे रख सकते हैं। अगर टेस्टिंग सफल रही तो यह फीचर उन क्रिएटर्स के लिए नया अवसर साबित हो सकता है जो यूट्यूब जैसी प्लेटफॉर्म पर लंबे वीडियो बनाते हैं।
इस बदलाव से इंस्टाग्राम की रणनीति में क्या बदलाव दिखता है?
पिछले कई सालों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स शॉर्ट फॉर्म वीडियो पर फोकस कर रहे थे, लेकिन अब इंस्टाग्राम अपनी स्ट्रेटजी बदल रहा है। लंबे वीडियो की टेस्टिंग से लगता है कि प्लेटफॉर्म क्रिएटर्स को ज्यादा समय बिताने और बेहतर मोनेटाइजेशन का मौका देना चाहता है। लाइव वीडियो डिस्कवरी और रील्स सीरीज सेक्शन भी इसी दिशा में कदम हैं।
हालांकि IGTV का बंद होना याद दिलाता है कि नए फीचर्स को सफलता तभी मिलेगी जब क्रिएटर्स और यूजर्स दोनों इसे अपनाएं। आने वाले समय में टेस्टिंग के नतीजे बताएंगे कि 90 मिनट के वीडियो फीचर को कितनी जगह मिलती है। क्रिएटर्स के लिए यह एक नया मौका जरूर है, लेकिन कमाई अभी भी मुख्य रूप से ब्रांड डील और फैंस सपोर्ट पर निर्भर रहेगी।
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