Gold-Silver Price 5 June 2026: अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू भाव स्थिर, निवेशकों की दिलचस्पी बरकरार
अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू भाव स्थिर, निवेशकों की दिलचस्पी बरकरार
Gold-Silver Price 5 June 2026: शुक्रवार को भारतीय सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में कोई बड़ा या अप्रत्याशित उलटफेर देखने को नहीं मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जारी उतार-चढ़ाव, कच्चे तेल की बदलती चाल और अन्य वैश्विक वित्तीय कारकों के दबाव के बावजूद घरेलू स्तर पर कीमती धातुओं के भाव पूरी तरह से स्थिर बने हुए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव 1,58,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर टिका रहा, जबकि चमकीली धातु चांदी 2,82,000 रुपये प्रति किलोग्राम के पुराने भाव पर ही कारोबार कर रही है।
कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की समय पर हुई शुरुआत, अमेरिकी डॉलर सूचकांक की मजबूती और वैश्विक भू-राजनीतिक तनावों के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया हुआ है। हालांकि बाजार की अंदरूनी हलचल को देखते हुए आने वाले दिनों में सराफा कीमतों में एक नया बड़ा उतार-चढ़ाव आने की संभावना से बिल्कुल इनकार नहीं किया जा सकता है। आइए विस्तार से जानते हैं कि आज देश के प्रमुख शहरों में सोने-चांदी के वास्तविक भाव क्या हैं, अंतरराष्ट्रीय बाजार का गणित क्या कह रहा है और वर्तमान में निवेश की क्या संभावनाएं बन रही हैं।
आज के सोने-चांदी के भाव: देश के प्रमुख सराफा बाजारों और महानगरों का हाल
भारत में सोने और चांदी की खुदरा व थोक कीमतें रोजाना अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार (COMEX), अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपए की विनिमय दर और स्थानीय आभूषण निर्माताओं की मांग-आपूर्ति के आधार पर तय होती हैं। 5 जून 2026 को देश के अधिकांश राज्यों और बड़े शहरों के हाजिर बाजार में सोने-चांदी की दरें लगातार स्थिर दर्ज की गईं, जिससे ग्राहकों को अंतिम समय की भागदौड़ से एक बड़ी राहत मिली है।
देश की राजधानी दिल्ली में आज 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव 1,58,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर स्थिर रहा, जबकि आभूषण बनाने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला 22 कैरेट सोना 1,45,500 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बिक रहा है। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में स्थानीय करों और चुंगी के कारण सोने की कीमत हमेशा की तरह थोड़ी ज्यादा दर्ज की गई, जहां 24 कैरेट सोना 1,59,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच चुका है। पूर्वी भारत के मुख्य व्यावसायिक केंद्र कोलकाता और दक्षिण के प्रमुख महानगर चेन्नई के सराफा बाजारों में भी बिल्कुल ऐसा ही मिला-जुला और स्थिर ट्रेंड देखा गया है।
दूसरी तरफ, चांदी की औद्योगिक मांग और खुदरा बिक्री की बात करें तो दिल्ली और मुंबई के बाजारों में यह आज 2,82,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास पूरी तरह से स्थिर बनी हुई है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के स्थानीय सराफा बाजार में आज 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव करीब 1,58,400 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि चांदी यहां 2,81,500 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बिक रही है। वहीं, राजस्थान के जयपुर और दक्षिण के प्रमुख केंद्र हैदराबाद में स्थानीय मांग में आई हल्की तेजी के कारण चांदी देश के अन्य शहरों के मुकाबले थोड़ी महंगी साबित हो रही है।
अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार का प्रभाव और भारतीय रुपए की भूमिका
वैश्विक कमोडिटी बाजार (MCX और COMEX) पर नजर डालें तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस समय सोने की हाजिर कीमत 2,650 डॉलर से लेकर 2,700 डॉलर प्रति औंस के एक मजबूत दायरे के भीतर बनी हुई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) की आगामी ब्याज दर नीतियों को लेकर अनिश्चितता, वैश्विक इन्फ्लेशन (महंगाई) के नए आंकड़े और पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी लगातार कूटनीतिक व सैन्य तनाव के कारण वैश्विक निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की तरफ तेजी से आकर्षित हो रहे हैं, जिससे इसके भावों को एक बड़ा वैश्विक संबल मिला हुआ है। इसी तरह, औद्योगिक मांग में आई भारी तेजी के कारण वैश्विक बाजार में चांदी भी 32 डॉलर से 35 डॉलर प्रति औंस के करीब मजबूती से टिकी हुई है।
चूंकि भारत अपनी कुल घरेलू सोने की खपत का एक बहुत बड़ा हिस्सा विदेशों से सीधे आयात (इम्पोर्ट) करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाली छोटी सी हलचल भी घरेलू कीमतों को तुरंत प्रभावित करती है। पिछले कुछ दिनों में वैश्विक स्तर पर सोने के भाव में मामूली गिरावट जरूर दर्ज की गई थी, लेकिन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए की विनिमय दर में आई मजबूती और स्थिरता ने घरेलू बाजार में कीमतों को पूरी तरह संतुलित बनाए रखा, जिसके कारण भारतीय खुदरा बाजार में आज बड़ा रिस्क देखने को नहीं मिला।
निवेशकों, मध्यम वर्ग और आभूषण बाजार पर ऊंचे भावों का वास्तविक असर
सोने और चांदी की कीमतों में बनी यह तात्कालिक स्थिरता उन निवेशकों के लिए एक बहुत अच्छी और बड़ी खबर है जो बाजार में गिरावट का इंतजार कर रहे थे। देश के कई हिस्सों में शादियों के आगामी सीजन और स्थानीय त्योहारों की तैयारियों को देखते हुए आभूषण बाजारों में ग्राहकों की सक्रियता और चहल-पहल लगातार देखी जा रही है। बहुत से पारंपरिक और संस्थागत निवेशक इस समय शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से बचने के लिए सोने को सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद आश्रय मानकर फिजिकल और डिजिटल दोनों रूपों में बड़े पैमाने पर खरीदारी कर रहे हैं।
विशेष रूप से चांदी की मांग में हाल के महीनों में एक बहुत बड़ा और क्रांतिकारी उछाल आया है। हरित ऊर्जा के क्षेत्र में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले सोलर पैनल्स, आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स कड़ियों और एडवांस मेडिकल उपकरणों के निर्माण में चांदी का औद्योगिक उपयोग दिन-ब-दिन तेजी से बढ़ रहा है, जिसका सीधा और बेहद सकारात्मक प्रभाव इसकी कीमतों के दीर्घकालिक चार्ट पर साफ दिखाई दे रहा है। देश का मध्यम वर्गीय परिवार जो सोने की आसमान छूती कीमतों के कारण भारी आभूषण खरीदने में असमर्थ महसूस कर रहा है, वह अब शुद्धता के सिक्कों और छोटे गहनों के रूप में चांदी की ओर तेजी से रुख कर रहा है। वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि लंबे समय के निवेश परिदृश्य में सोना हमेशा से मुद्रास्फीति (महंगाई) के खिलाफ बचाव का सबसे अचूक और बेहतरीन साधन साबित होता आया है, हालांकि मौजूदा ऊंचे भावों को देखते हुए कुछ छोटे और रिटेल निवेशक इस समय नई बड़ी खरीदारी करने से थोड़ा कतरा भी रहे हैं।
टैक्स संरचना, डिजिटल गोल्ड का उदय और शुद्धता को लेकर जरूरी सावधानियां
भारत में सोने और चांदी की खुदरा कीमतों का निर्धारण केवल वैश्विक भावों से नहीं होता, बल्कि इसमें केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले विभिन्न टैक्सों का भी एक बहुत बड़ा हिस्सा शामिल होता है। वर्तमान टैक्स नियमों के अनुसार, देश में सोने-चांदी की प्रत्येक खरीद पर 3 प्रतिशत का वस्तु एवं सेवा कर (GST) अनिवार्य रूप से लगाया जाता है, जो इसकी खुदरा कीमत को सीधे बढ़ा देता है। इसके अतिरिक्त, अलग-अलग राज्यों में स्थानीय परिवहन शुल्क, ज्वेलर्स का मेकिंग चार्ज (गढ़ाई शुल्क) और अतिरिक्त वैट लागू होने के कारण अलग-अलग शहरों के भावों में कुछ सौ रुपये का अंतर साफ दिखाई देता है।
बाजार विशेषज्ञों की ओर से आम उपभोक्ताओं और पहली बार निवेश करने वाले नागरिकों को यह विशेष और कड़ी सलाह दी जाती है कि वे जब भी फिजिकल सोने या चांदी की खरीदारी करें, तो केवल भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा प्रमाणित ‘हॉलमार्क’ (Hallmark) वाले आभूषण या शुद्धता के सिक्के ही खरीदें, ताकि भविष्य में उसे बेचते समय उन्हें किसी भी प्रकार का आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े। इसके अलावा, आज के आधुनिक और डिजिटल युग में युवा निवेशकों के बीच ‘डिजिटल गोल्ड’ (Digital Gold), सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) और गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) जैसे इलेक्ट्रॉनिक विकल्प तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। ये आधुनिक माध्यम न केवल भौतिक सोने को घर में सुरक्षित रखने या चोरी होने की बड़ी चिंता को पूरी तरह खत्म कर देते हैं, बल्कि मेकिंग चार्ज की बचत होने के कारण निवेश पर मिलने वाले रिटर्न को भी कई गुना बढ़ा देते हैं।
भविष्य की संभावनाएं: 2026 के बाकी महीनों के लिए सराफा बाजार का विजन
प्रमुख कमोडिटी विश्लेषकों और बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि साल 2026 के बाकी बचे हुए महीनों के दौरान भी सोने की कीमतों में तेजी का रुख लगातार जारी रह सकता है। यदि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और अधिक गहराता है, तो घरेलू बाजार में सोना बेहद आसानी से 1,55,000 रुपये की अपनी निचली सपोर्ट लाइन से उछलकर 1,70,000 रुपये प्रति 10 gram के एक नए ऐतिहासिक शिखर को छू सकता है। ठीक इसी प्रकार, नए उद्योगों की स्थापना और हरित ऊर्जा तकनीकों में चांदी की बढ़ती अनिवार्य खपत के कारण इसकी कीमतें भी आने वाले समय में और अधिक मजबूत और आक्रामक होने की पूरी उम्मीद जताई गई है।
देश में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की समय पर हुई इस शानदार शुरुआत के कारण ग्रामीण अर्थव्यवस्था और कृषि आय में एक बड़ा सुधार होने की संभावना है, जो पारंपरिक रूप से भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में सोने की मांग को ग्रामीण समृद्धि के रूप में और अधिक गति प्रदान करेगा। हालांकि, आने वाले समय में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के बाद की नीतियां, वैश्विक मंदी के छुपे हुए खतरे और अंतरराष्ट्रीय बैंकों की ब्याज दरें इस बात को पूरी तरह तय करेंगी कि सराफा बाजार की यह तेजी किस दिशा में आगे बढ़ती है।
देश के प्रमुख शहरों की विस्तृत और सटीक सराफा मूल्य सूची (5 जून 2026)
दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 1,58,500 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत 2,82,000 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है। मुंबई में एक लीटर या 10 ग्राम 24 कैरेट सोने की कीमत 1,59,200 रुपये और चांदी की कीमत 2,82,500 रुपये बनी हुई है। कोलकाता में शुद्ध सोना उपभोक्ताओं को 1,58,800 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,81,800 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर मिल रही है। चेन्नई में 24 कैरेट सोने की दर 1,59,500 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी की दर 2,83,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर है।
बेंगलुरु में सोने का खुदरा मूल्य 1,58,600 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का मूल्य 2,82,200 रुपये प्रति किलोग्राम चल रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 24 कैरेट सोना 1,58,400 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,81,500 रुपये प्रति किलोग्राम के भाव पर बिक रही है। राजस्थान के जयपुर में सोने की कीमत 1,58,700 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमत 2,82,300 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई है, जबकि हैदराबाद में शुद्ध सोना 1,59,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 2,82,800 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बनी हुई है।
निष्कर्ष
समग्र रूप से देखा जाए तो 5 जून 2026 को देश भर के सराफा बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार स्थिरता बनी रहना देश के मध्यम वर्ग, आभूषण प्रेमियों और व्यापारिक जगत के लिए एक बेहद सुखद और राहत भरी खबर है। वैश्विक वित्तीय बाजारों की अनिश्चितता को देखते हुए लंबी अवधि (लॉन्ग-टर्म) का निवेश हमेशा से ही सुरक्षित और अत्यधिक फायदेमंद साबित होता है।
आम उपभोक्ताओं और निवेशकों को यही अंतिम सलाह दी जाती है कि वे बाजार की रोजमर्रा की अफवाहों से दूर रहकर केवल आधिकारिक और प्रामाणिक स्रोतों से ही प्रतिदिन के भाव चेक करें और अपनी वित्तीय क्षमता के अनुसार ही समझदारी से निवेश की योजना बनाएं। सोना-चांदी न केवल आपके व्यक्तिगत वित्तीय पोर्टफोलियो को एक मजबूत सुरक्षा कवच प्रदान करते हैं, बल्कि कठिन समय में देश की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार को भी एक अभूतपूर्व आंतरिक मजबूती देते हैं।
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