Mobile Slow Charging Problem: इस छिपी हुई सेटिंग की वजह से स्लो चार्ज हो रहा है आपका स्मार्टफोन, आज ही करें ऑफ

Mobile Slow Charging Problem: फोन स्लो चार्ज होने की वजह, आज ही बदलें ये सेटिंग

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Mobile Slow Charging Problem: आज के दौर में स्मार्टफोन हमारी जिंदगी का सबसे अहम हिस्सा बन चुका है। ऑफिस का काम हो या मनोरंजन, हम पूरी तरह से अपने फोन पर निर्भर हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा झुंझलाहट तब होती है जब फोन को फास्ट चार्जर से कनेक्ट करने के बाद भी वह कछुए की रफ्तार से चार्ज होता है। कई बार हमें लगता है कि चार्जर खराब हो गया है या केबल में कोई दिक्कत आ गई है, लेकिन असली वजह आपके फोन के भीतर छिपी एक खास सेटिंग हो सकती है। ज्यादातर स्मार्टफोन्स में ‘एडैप्टिव चार्जिंग’ (Adaptive Charging) नाम का एक फीचर होता है, जो आपकी चार्जिंग की आदतों को समझकर बैटरी की सुरक्षा के लिए उसकी स्पीड को कम कर देता है। हालांकि यह बैटरी की लंबी उम्र के लिए अच्छा है, लेकिन अगर आपको तुरंत फुल चार्ज चाहिए, तो यह फीचर आपकी मुसीबत बढ़ा सकता है। आइए जानते हैं कि यह सेटिंग कैसे काम करती है और इसे बंद करने का सही तरीका क्या है।

Mobile Slow Charging Problem: क्या है एडैप्टिव चार्जिंग और यह क्यों दी जाती है?

स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियां अब केवल डिवाइस की परफॉर्मेंस पर ही नहीं, बल्कि उसकी बैटरी की लाइफ बढ़ाने पर भी काफी ध्यान दे रही हैं। इसी कड़ी में ‘एडैप्टिव चार्जिंग’ फीचर को पेश किया गया है। यह एक एआई (AI) आधारित तकनीक है जो आपके दैनिक रूटीन को ट्रैक करती है। सरल भाषा में कहें तो, यदि आप रोज रात को सोते समय फोन चार्जिंग पर लगाते हैं और सुबह निकालते हैं, तो फोन का सॉफ्टवेयर इसे समझ जाता है। वह पूरी रात फोन को फुल स्पीड में चार्ज करने के बजाय पहले 80%  तक चार्ज करता है और फिर चार्जिंग रोक देता है। सुबह आपके उठने के समय से ठीक पहले वह बाकी की 20 प्रतिशत चार्जिंग को बहुत धीमी गति से पूरा करता है। इसका मुख्य उद्देश्य बैटरी को ओवरहीटिंग से बचाना और उस पर पड़ने वाले रासायनिक दबाव को कम करना है।

Mobile Slow Charging Problem: क्यों फास्ट चार्जर के बावजूद स्लो हो जाती है स्पीड?

अक्सर यूजर्स शिकायत करते हैं कि उन्होंने बॉक्स के साथ मिला ओरिजिनल फास्ट चार्जर ही इस्तेमाल किया है, फिर भी चार्जिंग बहुत धीमी है। इसकी वजह यही एडैप्टिव चार्जिंग सेटिंग है। जब यह फीचर ऑन होता है, तो फोन का सिस्टम पावर इनपुट को सीमित कर देता है। खासकर तब जब फोन का तापमान थोड़ा भी ज्यादा हो या सिस्टम को लगे कि आपको अभी तुरंत फोन की जरूरत नहीं है। कई बार सॉफ्टवेयर अपडेट के बाद यह सेटिंग अपने आप एक्टिवेट हो जाती है, जिससे यूजर को लगता है कि फोन में कोई हार्डवेयर खराबी आ गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि फास्ट चार्जिंग बैटरी के लिए अधिक तनाव पैदा करती है, इसलिए एडैप्टिव चार्जिंग उसे बैलेंस करने का काम करती है।

इस सेटिंग को बंद करने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

अगर आप कहीं जल्दी में निकल रहे हैं और आपको अपने फोन की फुल चार्जिंग स्पीड चाहिए, तो आप इस सेटिंग को कुछ आसान स्टेप्स में बंद कर सकते हैं। अलग-अलग स्मार्टफोन ब्रांड्स में इसके नाम थोड़े अलग हो सकते हैं, लेकिन प्रक्रिया लगभग एक जैसी ही होती है।

  • सबसे पहले अपने फोन की Settings में जाएं।
  • अब नीचे स्क्रॉल करें और Battery वाले विकल्प पर क्लिक करें।
  • यहां आपको Adaptive Charging या Battery Health का विकल्प दिखाई देगा।
  • कुछ फोन्स में यह Charging Optimisation के नाम से भी हो सकता है।
  • इसके सामने दिए गए टॉगल बटन को OFF कर दें।

जैसे ही आप इसे बंद करेंगे, आपका फोन उपलब्ध अधिकतम स्पीड से चार्ज होना शुरू हो जाएगा।

Mobile Slow Charging Problem: एडैप्टिव चार्जिंग ऑफ करने के फायदे और नुकसान

इस सेटिंग को बंद करते ही आपको तुरंत असर दिखाई देगा। आपका फोन पहले की तुलना में काफी तेजी से चार्ज होने लगेगा और कम समय में फुल बैटरी मिल जाएगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर भी कई यूजर्स ने यह अनुभव साझा किया है कि इस सेटिंग को ऑफ करते ही उनके फोन की चार्जिंग परफॉर्मेंस में सुधार आया है।

हालांकि, सिक्के का दूसरा पहलू भी है। बैटरी एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप इस फीचर को हमेशा के लिए बंद रखते हैं, तो लंबे समय में आपकी बैटरी की सेहत पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। बैटरी का तापमान ज्यादा रहने से उसकी कैपेसिटी धीरे-धीरे कम होने लगती है। लिथियम-आयन बैटरी की प्रकृति ऐसी होती है कि वह जितनी अधिक देर तक 100 % पर रहती है, उसकी लाइफ उतनी ही तेजी से घटती है। इसलिए, सलाह दी जाती है कि इस सेटिंग को तभी ऑफ करें जब आपको सच में बहुत जल्दी हो, वरना रात को चार्जिंग के दौरान इसे ऑन रखना ही बेहतर है।

Mobile Slow Charging Problem: बैटरी को लंबे समय तक नया बनाए रखने के अन्य टिप्स

केवल एडैप्टिव चार्जिंग ही नहीं, कुछ और भी तरीके हैं जिनसे आप अपने स्मार्टफोन की बैटरी को सालों-साल नया जैसा रख सकते हैं। कभी भी अपने फोन को 0 प्रतिशत तक डिस्चार्ज न होने दें और न ही हमेशा 100 प्रतिशत तक चार्ज करें। एक्सपर्ट्स के अनुसार, बैटरी को 20 से 80% के बीच रखना सबसे आदर्श माना जाता है। इसके अलावा, चार्जिंग के दौरान कभी भी भारी काम जैसे गेमिंग या वीडियो एडिटिंग न करें, क्योंकि इससे फोन बहुत ज्यादा गर्म हो सकता है जो बैटरी के लिए खतरनाक है। हमेशा ओरिजिनल या सर्टिफाइड चार्जर का ही उपयोग करें।

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