दिल्ली से अयोध्या जाने का प्लान? जानें ट्रेन, फ्लाइट, बस और होटल की पूरी जानकारी

दीपोत्सव 2026 में अयोध्या के राम मंदिर और सरयू घाट पर दीपों की भव्य सजावट देखने जाना चाहते हैं?

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Ayodhya Travel Guide: दीपावली के पावन अवसर पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की पावन नगरी अयोध्या का वातावरण दिव्य और आलौकिक हो उठता है। यदि आप इस वर्ष दीपोत्सव के साक्षी बनने और रामलला के भव्य मंदिर में शीश नवाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से अयोध्या की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो पूर्व तैयारी करना अत्यंत आवश्यक है। दीपोत्सव के दौरान मां सरयू के पावन तट, राम की पैड़ी और समूचे अयोध्या धाम को लाखों दीपों की स्वर्णिम आभा से नहलाया जाता है। रोशनी से जगमगाते घाट, गूंजते वैदिक मंत्र, भव्य आरती और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां इस उत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अविस्मरणीय बनाती हैं। देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए परिवहन, दर्शन और ठहरने के इंतजामात पहले से सुनिश्चित कर लेना ही समझदारी है।

Ayodhya Travel Guide: दीपोत्सव 2026 की तिथियां और मुख्य आयोजन

अयोध्या का भव्य दीपोत्सव उत्सव दीपावली के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाला सबसे बड़ा धार्मिक व सांस्कृतिक महापर्व है। वर्ष 2026 में 8 नवंबर को मनाए जाने वाले दीपावली पर्व से ठीक पहले, दीपोत्सव के मुख्य सांस्कृतिक कार्यक्रम 5 से 7 नवंबर के मध्य आयोजित किए जा रहे हैं। इस आयोजन का सबसे भव्य आकर्षण—राम की पैड़ी और सरयू तट पर ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड के तहत दीप प्रज्वलन—7 नवंबर की संध्या को संपन्न होगा। इस दौरान लेजर शो, 3D प्रोजेक्शन मैपिंग, ड्रोन शो और भव्य आतिशबाजी का आयोजन किया जाता है। हालांकि, सुरक्षा कारणों से मुख्य दीपोत्सव की शाम राम की पैड़ी के निकट आम प्रवेश पास अथवा अनुमति के आधार पर नियंत्रित किया जाता है और श्रद्धालुओं के लिए शहर भर में विशाल एलईडी स्क्रीन की व्यवस्था रहती है, अतः स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का ध्यान रखें।

दिल्ली से अयोध्या की दूरी और पहुंचने के साधन

दिल्ली से अयोध्या धाम की सड़क मार्ग से कुल दूरी लगभग 636 से 680 किलोमीटर है। अपनी सुविधानुसार यात्री रेल, हवाई मार्ग या सड़क मार्ग में से किसी भी साधन का चयन कर सकते हैं। अयोध्या में रेलवे कनेक्टिविटी के लिए दो मुख्य स्टेशन—अयोध्या धाम जंक्शन (पुराना अयोध्या स्टेशन) और अयोध्या कैंट (पुराना फैजाबाद जंक्शन)—मौजूद हैं। दोनों ही स्टेशन देश के प्रमुख शहरों से भली-भांति जुड़े हुए हैं, इसलिए टिकट आरक्षित कराते समय अपने गंतव्य स्टेशन का नाम ध्यानपूर्वक जांच लें।

रेल मार्ग: वंदे भारत और प्रमुख ट्रेनों के विकल्प

दिल्ली से अयोध्या की यात्रा के लिए भारतीय रेल सबसे सुगम और लोकप्रिय माध्यम है। आनंद विहार टर्मिनल से अयोध्या धाम के बीच चलने वाली अत्याधुनिक ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ मात्र 8 घंटे 20 मिनट के भीतर यात्रियों को अयोध्या पहुंचा देती है। इसके अतिरिक्त पुरानी दिल्ली और नई दिल्ली रेलवे स्टेशनों से अयोध्या एक्सप्रेस, कैफियत एक्सप्रेस, फरक्का एक्सप्रेस और अमृत भारत ट्रेनें भी संचालित होती हैं। जो यात्री दिन का समय बचाना चाहते हैं, वे रात की स्लीपर या एसी ट्रेनों से यात्रा कर अगली सुबह सीधे अयोध्या पहुंच सकते हैं। त्योहारों और दीपोत्सव के दौरान यात्रियों के भारी दबाव को देखते हुए उत्तर रेलवे द्वारा विशेष दीपोत्सव स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जाती हैं, जिनकी बुकिंग आईआरसीटीसी (IRCTC) के माध्यम से की जा सकती है।

हवाई यात्रा और सड़क परिवहन के विकल्प

कम समय में यात्रा पूरी करने के इच्छुक श्रद्धालुओं के लिए हवाई मार्ग सर्वोत्तम है। अयोध्या में स्थित ‘महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा’ मुख्य मंदिर परिसर से लगभग 10 से 12 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अयोध्या के लिए सीधी उड़ानें संचालित होती हैं, जो लगभग सवा घंटे में सफर पूरा कराती हैं। यदि दीपोत्सव के दौरान अयोध्या की सीधी उड़ान का टिकट उपलब्ध न हो या किराया अधिक हो, तो यात्री दिल्ली से लखनऊ (अमौसी एयरपोर्ट) या गोरखपुर की फ्लाइट ले सकते हैं और वहां से टैक्सी, इंटरसिटी बस या राज्य परिवहन की बस से ढाई से तीन घंटे में अयोध्या पहुंच सकते हैं।

सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले यात्री यमुना एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे या राष्ट्रीय राजमार्ग 27 के रास्ते 9 से 10 घंटे की ड्राइव में अयोध्या पहुंच सकते हैं। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) कश्मीरी गेट (ISBT) और आनंद विहार बस टर्मिनल से अयोध्या के लिए नियमित जनरथ, वोल्वो और साधारण बस सेवाएं उपलब्ध कराता है।

अयोध्या में प्रमुख दर्शनीय स्थल और दर्शन का क्रम

अयोध्या धाम पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं की यात्रा का प्रमुख केंद्र भव्य ‘श्री राम जन्मभूमि मंदिर’ में रामलला के दर्शन करना होता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार, राम मंदिर जाने से पूर्व नगर के कोतवाल माने जाने वाले ‘सिद्धपीठ हनुमानगढ़ी’ के दर्शन किए जाते हैं, जहां 76 सीढ़ियां चढ़कर वीर बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके पश्चात कनक भवन, दशरथ महल, नागेश्वरनाथ मंदिर और मणि पर्वत के दर्शन किए जा सकते हैं।

संध्या के समय सरयू नदी के नया घाट पर होने वाली भव्य सरयू महाआरती का साक्षी बनना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। इसके समीप स्थित राम की पैड़ी पर बैठकर सूर्यास्त के बाद दीपों और फव्वारों की छटा निहारी जा सकती है। यदि आपके पास समय शेष हो, तो नवाबी स्थापत्य के नमूने ‘गुलाब बाड़ी’ का भी भ्रमण किया जा सकता है।

ठहरने की व्यवस्था और यात्रा से जुड़ी सावधानियां

दीपोत्सव और दीपावली के सप्ताह में अयोध्या के होटल, होमस्टे, टेंट सिटी और धर्मशालाएं पूरी तरह फुल हो जाती हैं। इसलिए बिना पूर्व बुकिंग के अयोध्या पहुंचना असुविधाजनक हो सकता है। ठहरने के लिए राम पथ, नया घाट, धर्मपथ और अयोध्या धाम रेलवे स्टेशन के आसपास कई धर्मशालाएं और बजट होटल उपलब्ध हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश पर्यटन विकास निगम (UPSTDC) के राही यात्री निवास और सरयू अतिथि गृह में भी आधिकारिक पोर्टल से बुकिंग की जा सकती है।

त्योहारी सीजन में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रहती है और अयोध्या के मुख्य मार्गों पर निजी वाहनों का प्रवेश वर्जित कर पैदल या ई-रिक्शा संचालन की व्यवस्था लागू की जाती है। भारी भीड़ के कारण दर्शन की कतारों में समय लग सकता है, इसलिए परिवार के वरिष्ठ सदस्यों और बच्चों के साथ यात्रा करते समय आवश्यक दवाएं, पहचान पत्र और पानी की बोतल साथ रखें।

Ayodhya Travel Guide: दो दिवसीय संपूर्ण यात्रा कार्यक्रम

एक संतुलित दो दिवसीय योजना के अंतर्गत पहले दिन प्रातः अयोध्या पहुंचकर होटल में चेक-इन करें और दोपहर से पूर्व हनुमानगढ़ी व कनक भवन के दर्शन पूर्ण कर लें। दोपहर के विश्राम के बाद श्री राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के दर्शन करें और शाम को सरयू महाआरती में सम्मिलित हों।

दूसरे दिन सुबह नागेश्वरनाथ मंदिर में जलाभिषेक कर अन्य स्थानीय पौराणिक स्थलों का भ्रमण करें। संध्या काल में राम की पैड़ी के समीप आयोजित दीपोत्सव, लेजर शो और रोशनी के उत्सव का आनंद लें। रात्रि भोजन के उपरांत वापसी की ट्रेन या अगले दिन की फ्लाइट पकड़कर यात्रा को सुगमता से संपन्न किया जा सकता है।

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