Deep Sleep Tips: रात में बार-बार टूटती है नींद? सोने से पहले बदलें ये 5 आदतें, आएगी घोड़े बेचकर गहरी नींद

Deep Sleep Tips: रात में बार-बार टूटती है नींद? सोने से पहले बदलें ये 5 आदतें

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Deep Sleep Tips: आज की आधुनिक और भागदौड़ भरी जिंदगी में काम का बढ़ता स्ट्रेस और देर रात तक स्मार्टफोन का इस्तेमाल करना लोगों की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका है। इस खराब लाइफस्टाइल का सबसे पहला और सीधा असर इंसानी सेहत पर पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, आजकल अधिकांश लोग इस समस्या से परेशान हैं कि वे रात को समय पर बिस्तर पर तो चले जाते हैं, लेकिन रात में बार-बार उनकी नींद खुलती रहती है। कई बार तो स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि एक बार आंख खुलने के बाद दोबारा सो पाना बेहद मुश्किल हो जाता है।

यदि आपके साथ भी अक्सर ऐसा होता है, तो आपको अपनी ‘स्लीप हाइजीन’ यानी सोने से जुड़ी आदतों को तुरंत सुधारने की जरूरत है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि रात में बार-बार नींद का टूटना इस बात का स्पष्ट संकेत है कि आपका दिमाग पूरी तरह से शांत नहीं है। शरीर और दिमाग को सही आराम देने और एक सुकूनभरी गहरी नींद पाने के लिए सोने से ठीक पहले अपनी कुछ आदतों में बदलाव करना बेहद जरूरी है। आइए इस विशेष रिपोर्ट में जानते हैं कि वे कौन सी 5 आदतें हैं जिन्हें बदलकर आप रात में घोड़े बेचकर सो सकते हैं।

1. Deep Sleep Tips: सोने से एक घंटा पहले गैजेट्स से बना लें दूरी

डिजिटल युग में स्मार्टफोन और लैपटॉप हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन रात के समय इनका अत्यधिक इस्तेमाल अनिद्रा का सबसे बड़ा कारण बन रहा है।

  • ब्लू लाइट का खतरा: मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी की स्क्रीन से एक विशेष प्रकार की ‘ब्लू लाइट’ (नीली रोशनी) निकलती है। जब हम रात के अंधेरे में इन स्क्रीन्स को देखते हैं, तो यह रोशनी हमारी आंखों के रास्ते दिमाग तक पहुंचती है।
  • मेलाटोनिन हार्मोन में रुकावट: यह नीली रोशनी हमारे दिमाग को भ्रमित करती है और उसे यह अहसास कराती है कि अभी दिन का समय है। इस भ्रम के कारण शरीर में ‘मेलाटोनिन’ नाम का जरूरी हार्मोन नहीं बन पाता है। मेलाटोनिन वही हार्मोन है जो शरीर को सुस्ती और नींद का संकेत देता है।
  • बचाव का तरीका: अगर आप रात भर बिना किसी बाधा के गहरी नींद लेना चाहते हैं, तो सोने के समय से कम से कम एक घंटा पहले अपने स्मार्टफोन, टैबलेट और लैपटॉप को खुद से पूरी तरह दूर कर दें।

2. कैफीन और भारी भोजन को कहें बिल्कुल ना

रात के समय खानपान की गलत आदतें भी पेट में बेचैनी पैदा करती हैं, जिससे रात के सन्नाटे में बार-बार आंखें खुलती हैं। बहुत से लोगों की आदत होती है कि वे रात का भारी खाना खाने के बाद चाय या कॉफी पीना पसंद करते हैं। चाय और कॉफी के अंदर भारी मात्रा में ‘कैफीन’ पाया जाता है। कैफीन एक ऐसा तत्व है जो केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को उत्तेजित करता है और दिमाग को तुरंत सक्रिय (एक्टिव) कर देता है। इसके सेवन से नींद आने में तो दिक्कत होती ही है, साथ ही रात में बार-बार नींद उचटने की समस्या भी बढ़ जाती है।

इसके अलावा, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक रात का भोजन हमेशा सोने के समय से कम से कम 2 से 3 घंटे पहले ही कर लेना चाहिए। रात का खाना बेहद हल्का और सुपाच्य होना चाहिए। बहुत ज्यादा हैवी, तैलीय और मसालेदार भोजन को पचाने के लिए हमारे पाचन तंत्र को रात में अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। इससे पेट में भारीपन, गैस और बेचैनी महसूस होती है, जो रात में बार-बार नींद टूटने की मुख्य वजह बनती है।

3. बेडरूम के माहौल को बनाएं शांत और हल्का ठंडा

आपके सोने का कमरा यानी बेडरूम का वातावरण सीधे तौर पर आपकी नींद की क्वालिटी (गुणवत्ता) को तय करता है। यदि कमरे में रोशनी ज्यादा है या तापमान सही नहीं है, तो गहरी नींद आना असंभव है।

अच्छी नींद के लिए जरूरी है कि सोने से पहले अपने कमरे की सभी तेज लाइटों को बंद कर दें या फिर उन्हें बिल्कुल कम ब्राइटनेस वाले नाइट मोड पर सेट कर दें। अंधेरा होने पर शरीर प्राकृतिक रूप से रिलैक्स महसूस करता है। इसके साथ ही कमरे के तापमान (टेंपरेचर) पर भी विशेष ध्यान दें। कमरे का तापमान न तो बहुत ज्यादा गर्म होना चाहिए और न ही अत्यधिक ठंडा होना चाहिए।

एक शांत, पूरी तरह से अंधेरा और हल्का ठंडा कमरा इंसानी दिमाग को गहरी नींद के चक्र (डीप स्लीप साइकिल) में ले जाने के लिए सबसे मुफीद माहौल तैयार करता है। यदि कमरे के आस-पास या घर के भीतर कोई ध्यान भटकाने वाली आवाज आ रही हो, तो सोने से पहले उसे पूरी तरह बंद करने का प्रयास करें।

4. पैरों के तलवों की मालिश और गुनगुना पानी

प्राचीन भारतीय चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद में नींद न आने या बार-बार नींद टूटने की समस्या का एक बेहद अचूक और पक्का घरेलू उपाय बताया गया है।

आयुर्वेदिक उपाय: आयुर्वेद के अनुसार, रात को सोने से पहले अपने हाथों और पैरों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद एक सूती कपड़े से पोंछकर, सरसों के तेल या नारियल के तेल की कुछ बूंदें लें और अपने पैरों के तलवों की कम से कम 5 मिनट तक अच्छी तरह मालिश (मसाज) करें। तलवों की मालिश करने से पैरों की नसें रिलैक्स होती हैं, जिससे पूरे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन (रक्त संचार) बेहतर होता है और दिमाग की थकान तुरंत दूर होती है।

इसके साथ ही, रात को बिस्तर पर जाने से ठीक पहले एक गिलास गुनगुना पानी या फिर हल्का गर्म हल्दी वाला दूध पीना भी सेहत के लिए काफी गुणकारी माना जाता है। यह उपाय शरीर के आंतरिक तापमान को संतुलित करता है और मांसपेशियों के तनाव को कम करके एक आरामदायक नींद लाने में मदद करता है।

5.Deep Sleep Tips: दिमाग को शांत करने के लिए करें ब्रीथिंग एक्सरसाइज

दिनभर की भागदौड़, ऑफिस का काम, पारिवारिक जिम्मेदारियां और मानसिक तनाव अक्सर रात के समय हमारे दिमाग में विचारों के रूप में घूमने लगते हैं। जब दिमाग शांत नहीं होता, तो शरीर भी गहरी नींद की स्थिति में नहीं पहुंच पाता।

इस मानसिक तनाव और बेचैनी से बचने का सबसे सरल उपाय यह है कि आप जैसे ही बिस्तर पर लेटें, अपनी आंखें बंद कर लें और 5 से 10 मिनट तक गहरी सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया (ब्रीथिंग एक्सरसाइज) करें। इसे प्राणायाम या डीप ब्रीथिंग भी कहा जाता है। गहरी सांस लेने से शरीर में ऑक्सीजन का स्तर बढ़ता है और तनाव बढ़ाने वाला कोर्टिसोल हार्मोन कम होता है।

यदि आपका ध्यान फिर भी भटक रहा हो, तो आप अपने कमरे में बहुत ही धीमा और शांतिदायक संगीत (पीसफुल म्यूजिक) बजा सकते हैं या फिर सोने से पहले कोई सकारात्मक व अच्छी किताब पढ़ सकते हैं। ऐसा करने से दिमाग का ध्यान फालतू की चिंताओं और एंग्जायटी (घबराहट) से पूरी तरह हट जाता है और कुछ ही मिनटों में एक बहुत ही शांतिपूर्ण और गहरी नींद आ जाती है।

Disclaimer: इस लेख में दी गई सभी जानकारियां और सुझाव सामान्य स्वास्थ्य सूचनाओं पर आधारित हैं। इन्हें किसी विशेषज्ञ डॉक्टर या चिकित्सा परामर्श के विकल्प के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। यदि आप लंबे समय से क्रोनिक इंसोमनिया (गंभीर अनिद्रा) या नींद से जुड़ी किसी अन्य बीमारी से पीड़ित हैं, तो कृपया किसी योग्य डॉक्टर या स्लीप थेरेपिस्ट से सलाह अवश्य लें।

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