Amit Shah on Congress: ‘फर्जी वोटिंग से चुनाव जीतना चाहती है कांग्रेस’, SIR पर राहुल गांधी को दिया जवाब
हैदराबाद में भाजपा की पदयात्रा और जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कांग्रेस पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का विरोध करने और फर्जी मतदान को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
Amit Shah on Congress: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में आयोजित भारतीय जनता पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा व जनसभा के दौरान कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) को लेकर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस फर्जी मतदान (बोगस वोटिंग) के सहारे चुनावी जीत हासिल करने की फिराक में है। उन्होंने दो टूक कहा कि चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए चलाए जा रहे अभियान को रोकने की हर कोशिश नाकाम की जाएगी।
यह तीखी बयानबाजी ऐसे समय में सामने आई है जब चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव चरम पर पहुंच चुका है। इससे ठीक एक दिन पहले दिल्ली के रामलीला मैदान में विपक्षी ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के नेताओं ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के विरोध में एक विशाल रैली का आयोजन किया था। इसके जवाब में भाजपा ने हैदराबाद में व्यापक मार्च निकालकर कांग्रेस के दावों को निराधार करार दिया।
Amit Shah on Congress: ‘वोट बचाओ नहीं, घुसपैठियों को बचाने की मुहिम चला रही कांग्रेस’
हैदराबाद में जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने दिल्ली में आयोजित विपक्षी रैली पर तंज कसा और कहा कि जिसे कांग्रेस ‘वोट बचाओ’ का नाम दे रही है, वह वास्तव में अवैध घुसपैठियों को संरक्षण देने का प्रयास है। गृह मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल केवल अपने संकीर्ण वोट बैंक को सुरक्षित रखने के लिए मतदाता सूची के शुद्धिकरण का विरोध कर रहे हैं।
अमित शाह ने कहा कि देश के भीतर केवल भारत के वैध नागरिकों को ही मतदान का अधिकार मिलना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को मतदाता सूची में बने रहने की छूट नहीं दी जा सकती। उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की संवैधानिक प्रक्रिया के तहत हर संदिग्ध व गैर-कानूनी प्रविष्टि को सूची से बाहर किया जाएगा।
13 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए जाने के दावों पर गृह मंत्री का स्पष्टीकरण
विपक्षी दलों द्वारा पिछले लोकसभा चुनाव के बाद मतदाता सूची से करीब 13 से 13.5 करोड़ नाम हटाए जाने के लगाए गए आरोपों पर भी अमित शाह ने विस्तृत सफाई दी। उन्होंने आंकड़ों का विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए कहा कि सूची के नियमित और गहन पुनरीक्षण के दौरान लगभग 6.25 करोड़ ऐसे मतदाताओं की पहचान हुई है जो अपना मूल निवास स्थान बदलकर कहीं और स्थानांतरित हो चुके हैं।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्पष्ट किया कि करीब 3 करोड़ नाम उन नागरिकों के थे जिनका देहावसान हो चुका है, जबकि लगभग 1 करोड़ नाम दोहराव (डुप्लीकेट एंट्री) की श्रेणी में पाए गए। शाह ने दावा किया कि शेष करीब 3 करोड़ नाम ऐसे थे जिनका कोई जमीनी अस्तित्व ही नहीं था। गृह मंत्री ने सवाल उठाया कि जो लोग इस दुनिया में नहीं हैं या जो एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत हैं, उनके नाम चुनावी सूची में रखकर बोगस वोटिंग का जरिया क्यों बनने दिया जाए।
मॉक पार्लियामेंट पर तंज: ‘नकली संसद में ही प्रधानमंत्री बन जाएं राहुल’
संसद और संवैधानिक संस्थाओं पर विपक्षी हमलों का जवाब देते हुए गृह मंत्री ने राहुल गांधी द्वारा हाल ही में आयोजित ‘मॉक पार्लियामेंट’ (प्रतीकात्मक संसद) को लेकर चुटकी ली। शाह ने कहा कि राहुल गांधी को उस नकली संसद में ही प्रधानमंत्री बन जाना चाहिए था, क्योंकि वास्तविक लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए जनता उन्हें यह अवसर देने के मूड में नहीं है।
गृह मंत्री ने ईवीएम और चुनाव आयोग पर उठाए जा रहे सवालों पर विपक्षी दलों को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि यदि चुनावी प्रक्रिया में खोट है, तो कांग्रेस तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक में कैसे सत्ता में आई। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष जीतता है तो जनता का जनादेश बताता है, लेकिन जब पराजय का सामना करना पड़ता है तो संवैधानिक संस्थाओं और मशीनों पर दोष मढ़ दिया जाता है। शाह ने राहुल गांधी को चुनौती दी कि वे संसद के आगामी सत्र में आकर इन सभी मुद्दों पर खुली और तथ्यपरक बहस करें।
Amit Shah on Congress: तेलंगाना सरकार पर भ्रष्टाचार और वादे न निभाने का आरोप
हैदराबाद के मंच से अमित शाह ने केंद्र के मुद्दों के साथ-साथ तेलंगाना की मौजूदा कांग्रेस सरकार को भी घेरा। उन्होंने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के नेतृत्व वाली सरकार पर विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए छह प्रमुख वादों (गारंटी) को पूरा न करने का आरोप लगाया। गृह मंत्री ने दावा किया कि तेलंगाना की जनता शासन की विफलताओं और बढ़ते वित्तीय दबाव से त्रस्त है।
मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (SIR) को लेकर दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के रुख से साफ है कि आने वाले दिनों में यह विवाद केवल सड़क तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि संसद के पटल और न्यायिक मंचों पर भी तीखी बहस का कारण बनेगा।
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