China Shenlong Space Plane: अमेरिकी रिपोर्ट में दिखी चीन के गुप्त अंतरिक्ष विमान की तस्वीर, जानें क्या है मिशन
अमेरिकी डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी (DIA) की रिपोर्ट में चीन के पुन: प्रयोज्य अंतरिक्ष विमान की तस्वीर प्रकाशित होने का दावा है।
China Shenlong Space Plane: अंतरिक्ष में सामरिक और तकनीकी आधिपत्य स्थापित करने की वैश्विक होड़ के बीच चीन के अति-गोपनीय अंतरिक्ष कार्यक्रम को लेकर एक चौंकाने वाला वैश्विक खुलासा हुआ है। संयुक्त राज्य अमेरिका की प्रमुख खुफिया एजेंसी द्वारा सार्वजनिक की गई एक ताजा रिपोर्ट में चीन के अत्यधिक गुप्त और दोबारा उपयोग किए जा सकने वाले अंतरिक्ष विमान (Reusable Spaceplane) की कक्षा में परिक्रमा करते हुए अब तक की सबसे स्पष्ट और दुर्लभ तस्वीर सामने आई है। इस प्रायोगिक अंतरिक्ष यान को पश्चिमी और सामरिक जगत में अनौपचारिक रूप से ‘शेनलोंग’ (Shenlong) कहा जाता है, जिसका मंदारिन भाषा में शाब्दिक अर्थ ‘दिव्य ड्रैगन’ होता है। पारंपरिक वायुयानों के विपरीत यह रनवे से सीधे टेकऑफ करने के बजाय भारी अंतरिक्ष रॉकेट के शीर्ष पर सवार होकर अंतरिक्ष की निचली कक्षा (LEO) में स्थापित होता है और अपने गुप्त अभियानों को अंजाम देने के बाद सामान्य हवाई जहाज की भांति वायुमंडल में पुनः प्रवेश कर रनवे पर ग्लाइड करते हुए उतरने में सक्षम है।
अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी (DIA) द्वारा सार्वजनिक की गई इस तस्वीर ने वैश्विक सामरिक विश्लेषकों, खगोलविदों और अंतरिक्ष वैज्ञानिकों को स्तब्ध कर दिया है। तस्वीर में चीनी अंतरिक्ष विमान केवल अकेले परिक्रमा करता हुआ नहीं दिख रहा, बल्कि वह कक्षा में मौजूद एक अन्य अज्ञात अंतरिक्ष वस्तु या उपग्रह के साथ सटीकता से जुड़ा हुआ (Docked) नजर आ रहा है। इसके साथ ही विमान के पेलोड अथवा कार्गो बे के दरवाजे पूरी तरह खुले हुए देखे जा सकते हैं। इस रहस्यमयी दृश्य ने उन आशंकाओं को नई हवा दे दी है कि चीन अंतरिक्ष में उपग्रहों को पकड़ने, निष्क्रिय करने अथवा ऑन-ऑर्बिट सर्विसिंग जैसी आधुनिक एंटी-सैटेलाइट (ASAT) क्षमताओं का गुप्त परीक्षण कर रहा है।
China Shenlong Space Plane: अमेरिका की ‘चैलेंजेस टू सिक्योरिटी इन स्पेस’ रिपोर्ट में हुआ खुलासा
यूएस डिफेंस इंटेलिजेंस एजेंसी ने ‘चैलेंजेस टू सिक्योरिटी इन स्पेस’ (Challenges to Security in Space) शीर्षक से एक विस्तृत सामरिक रिपोर्ट जारी की है। इस रणनीतिक दस्तावेज में अंतरिक्ष के सैन्यीकरण, पृथ्वी की कक्षा में बढ़ते खतरों और प्रतिद्वंद्वी देशों की तकनीकी प्रगति का गहन आकलन प्रस्तुत किया गया है। इसी दस्तावेज के 53वें पृष्ठ पर उच्च-रिज़ॉल्यूशन वाली वह दुर्लभ उपग्रह तस्वीर संलग्न की गई है, जिसमें चीनी अंतरिक्ष विमान को पृथ्वी की कक्षा में चक्कर काटते हुए दिखाया गया है।
सामरिक विश्लेषकों के अनुसार, यह उपग्रह चित्र 28 मई 2024 को निजी उपग्रह इमेजरी कंपनी मैक्सार टेक्नोलॉजीज (अब वैंटोर) के विश्व-स्तरीय ‘वर्ल्डव्यू-3’ (WorldView-3) उपग्रह द्वारा अत्यंत करीबी रेंज से खींचा गया था। अमेरिकी रिपोर्ट में इस यान को आधिकारिक तौर पर ‘पीपल्स लिबरेशन आर्मी का पुन: प्रयोज्य अंतरिक्ष विमान’ निरूपित किया गया है। यद्यपि अमेरिकी एजेंसी ने तस्वीर के विवरण में सीधे ‘शेनलोंग’ नाम का उल्लेख करने से परहेज किया है, किंतु वैश्विक रक्षा विश्लेषकों और स्वतंत्र ट्रैकिंग विशेषज्ञों का एकमत मानना है कि यह चीन का वही बहुचर्चित गुप्त स्पेसप्लेन है जिसके प्रक्षेपणों को बीजिंग ने आज तक रहस्य के पर्दे में छिपा कर रखा है।
क्या है चीन का रहस्यमयी शेनलोंग स्पेसप्लेन?
शेनलोंग चीन की एयरोस्पेस तकनीक का वह अत्याधुनिक सोपान है, जिसे एक स्वायत्त मानवरहित अंतरिक्ष यान के रूप में डिजाइन किया गया है। इसका बाहरी ढांचा अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के सेवानिवृत्त हो चुके स्पेस शटल अथवा अमेरिकी वायुसेना के गुप्त मानव रहित शटल के लघु रूप जैसा दिखाई देता है। इसमें डेल्टा पंख, थर्मल प्रोटेक्शन टाइलें, पूंछ पर दिशा नियंत्रक और ऊर्जा उत्पादन के लिए स्वचालित रूप से खुलने वाले उन्नत सौर पैनल लगाए गए हैं।
इस अंतरिक्ष विमान की सबसे क्रांतिकारी विशेषता इसका पूर्णतः ‘पुन: प्रयोज्य’ (Reusable) होना है। पारंपरिक अंतरिक्ष यानों और कैप्सूलों के विपरीत, जिन्हें समुद्र या रेगिस्तान में पैराशूट के सहारे उतारा जाता है और जिनका अधिकांश हिस्सा नष्ट हो जाता है, शेनलोंग वायुमंडल के घर्षण को सहते हुए सामान्य रनवे पर उतरता है और न्यूनतम मरम्मत के बाद अगले मिशन के लिए तैयार हो जाता है। यह तकनीक उपग्रहों की लॉन्चिंग लागत को भारी पैमाने पर कम करने, आपातकालीन जासूसी मिशनों को गति देने और अंतरिक्ष से सुरक्षित नमूने या पेलोड वापस लाने की असीम संभावनाएं प्रदान करती है। बीजिंग ने आज तक इस विमान के वास्तविक आयामों, पंखों के फैलाव और इसके आंतरिक उपकरणों का आधिकारिक ब्योरा अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ साझा नहीं किया है।
कक्षा में दूसरे उपग्रह से जुड़ाव और खुले कार्गो दरवाजे के सामरिक निहितार्थ
अमेरिकी खुफिया दस्तावेज में प्रकाशित तस्वीर का सबसे संवेदनशील और चिंताजनक पहलू शेनलोंग की अंतरिक्ष में कार्यप्रणाली है। तस्वीर में यह यान एक द्वितीयक अंतरिक्ष वस्तु के साथ सीधे भौतिक संपर्क में यानी ‘डॉक्ड’ अवस्था में कैद हुआ है, जबकि उसके कार्गो कम्पार्टमेंट के शटर खुले हुए हैं। अंतरिक्ष विशेषज्ञों का विश्लेषण है कि यह गतिविधि पृथ्वी की कक्षा में ‘रेंडेवू एंड प्रॉक्सिमिटी ऑपरेशंस’ (RPO) का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जिसमें एक अंतरिक्ष यान दूसरे उपग्रह के अत्यंत निकट जाकर उससे तालमेल बिठाता है।
इस तकनीक के दोहरे उपयोग हैं; शांतिपूर्ण संदर्भ में इसका उपयोग अपने ही उपग्रहों में ईंधन भरने, उनके खराब पुर्जे बदलने या अंतरिक्ष कचरे को हटाने के लिए किया जा सकता है। परंतु सैन्य संदर्भ में, यह क्षमता किसी भी शत्रु देश के संचार या नेविगेशन उपग्रह को अंतरिक्ष में ही पकड़ने, उसके सिग्नल जाम करने, उसका निरीक्षण करने या उसे कक्षा से नीचे गिराकर नष्ट करने की भयावह ताकत प्रदान करती है। अमेरिकी रक्षा विश्लेषक लंबे समय से यह आरोप लगाते रहे हैं कि चीन शेनलोंग के जरिए अंतरिक्ष युद्ध की अगली पीढ़ी की तकनीकों का गोपनीय परीक्षण कर रहा है।
वर्ष 2020 से अब तक चार गोपनीय अभियानों को दे चुका है अंजाम
शेनलोंग के परीक्षणों का सिलसिला सितंबर 2020 में शुरू हुआ था, जब गोबी रेगिस्तान स्थित जियुकुआन सैटेलाइट लॉन्च सेंटर से इसे पहली बार लॉन्ग मार्च-2F रॉकेट की मदद से गुप्त रूप से अंतरिक्ष में भेजा गया था। इसका पहला परीक्षण अभियान मात्र दो दिनों तक चला था, जिसके दौरान इसने रनवे लैंडिंग की बुनियादी तकनीक को प्रमाणित किया था। इसके पश्चात वर्ष 2022 में प्रक्षेपित किया गया दूसरा मिशन अंतरिक्ष में पूरे 276 दिनों तक टिका रहा, जिसने दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञों को चौंका दिया था।
विमान का तीसरा गुप्त अभियान दिसंबर 2023 में आरंभ होकर सितंबर 2024 तक लगभग नौ महीने तक संचालित हुआ। इसी तीसरे मिशन के दौरान मैक्सार के उपग्रह ने उसकी यह दुर्लभ तस्वीर कैमरे में कैद की थी। अभियानों की इस सफल श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए चीन ने 7 फरवरी 2026 को अपने चौथे शेनलोंग मिशन का सफल प्रक्षेपण किया। प्रत्येक मिशन के साथ अंतरिक्ष में इसकी परिचालन अवधि और जटिल युद्धाभ्यासों की क्षमता में निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है।
China Shenlong Space Plane: अमेरिकी स्पेस फोर्स के X-37B के साथ सीधी तकनीकी टक्कर
चीन के इस गुप्त अंतरिक्ष विमान की सीधी तुलना संयुक्त राज्य अमेरिका के अत्यंत गोपनीय ‘बोइंग X-37B’ स्पेसप्लेन से की जा रही है, जिसे अमेरिकी वायुसेना और यूनाइटेड स्टेट्स स्पेस फोर्स (USSF) द्वारा संचालित किया जाता है। अमेरिका का X-37B भी पिछले एक दशक से अधिक समय से अंतरिक्ष में वर्षों तक परिक्रमा कर गुप्त सैन्य पेलोड की टेस्टिंग करता रहा है। शेनलोंग के सफल परीक्षणों ने यह निर्विवाद रूप से सिद्ध कर दिया है कि चीन ने अब अमेरिका के इस विशेष तकनीकी एकाधिकार को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।
अमेरिकी रणनीतिकारों ने चेतावनी दी है कि चीन की तेजी से बढ़ती अंतरिक्ष क्षमताएं पश्चिमी उपग्रह नेटवर्कों के लिए गंभीर सामरिक संतुलन बिगाड़ सकती हैं। दूसरी ओर, चीन के विदेश और रक्षा मंत्रालय का आधिकारिक रुख सदैव यही रहा है कि उसका पुन: प्रयोज्य प्रायोगिक अंतरिक्ष यान केवल अंतरिक्ष के शांतिपूर्ण अन्वेषण, लागत में कमी लाने और भविष्य के नागरिक वैज्ञानिक अभियानों के लिए प्रौद्योगिकी के सत्यापन हेतु समर्पित है। आधिकारिक बयानों के विपरीत, अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में उजागर हुई यह जीवंत तस्वीर स्पष्ट करती है कि 21वीं सदी में महाशक्तियों के बीच प्रभुत्व की वास्तविक जंग अब पृथ्वी की सीमाओं को लांघकर अंतरिक्ष की मौन कक्षाओं में लड़ी जा रही है।
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