Yamuna Expressway Accident: अनियंत्रित ट्रक ने डिवाइडर तोड़कर कार को कुचला, चार लोगों की दर्दनाक मौत; चालक हिरासत में
अनियंत्रित ट्रक डिवाइडर तोड़कर विपरीत लेन में घुसा, कार सवार चार लोगों की मौत
Yamuna Expressway Accident: ग्रेटर नोएडा के जेवर थाना क्षेत्र अंतर्गत यमुना एक्सप्रेसवे पर रविवार देर रात एक भीषण और हृदयविदारक सड़क दुर्घटना सामने आई है। नोएडा से आगरा की ओर तेज गति में जा रहा एक भारी ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर कंक्रीट डिवाइडर और सुरक्षा रेलिंग को तोड़ते हुए विपरीत दिशा वाली लेन में जा घुसा। इसके बाद ट्रक ने दिल्ली की ओर आ रही एक स्विफ्ट कार को अपनी चपेट में लेते हुए बुरी तरह कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में कार में सवार सभी चार लोगों की मौके पर ही हालत गंभीर हो गई, जिन्हें अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रक के नीचे दबने से कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई। पुलिस और राहत बचाव दल को क्रेन व जेसीबी मशीनों की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को अलग कर शवों को बाहर निकालना पड़ा।
रविवार रात 11 बजे हुआ हादसा: डिवाइडर फांदकर विपरीत लेन में घुसा ट्रक
यह भीषण दुर्घटना रविवार रात करीब 11 बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर जेवर कट के समीप घटित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस जांच के अनुसार, ट्रक (पंजीकरण संख्या RJ-05 GB-5526) नोएडा से आगरा की ओर तीव्र गति से जा रहा था। जेवर क्षेत्र में पहुंचते ही चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया।
अनियंत्रित ट्रक सड़क के बीचों-बीच बने डिवाइडर और लोहे की क्रैश बैरियर रेलिंग को उखाड़ते हुए दूसरी तरफ यानी आगरा से नोएडा-दिल्ली आ रही लेन में पहुंच गया। ठीक उसी वक्त दिल्ली की ओर बढ़ रही कार (पंजीकरण संख्या DL-9C BB-0553) ट्रक के भारी पहियों के नीचे आ गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और उसमें बैठे यात्रियों को संभलने का एक क्षण भी नहीं मिला।
मृतकों में तीन महराजगंज और एक राजस्थान का निवासी
हादसे में जान गंवाने वाले चार नागरिकों में से तीन उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के निवासी बताए जा रहे हैं, जबकि कार चला रहा ड्राइवर राजस्थान का रहने वाला था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पीड़ित रक्षाबंधन का पावन पर्व अपने पैतृक घर में मनाकर वापस दिल्ली-एनसीआर लौट रहे थे।
सूचना मिलते ही जेवर पुलिस और एक्सप्रेसवे राहत दल मौके पर पहुंचे। कार के मलबे से निकाले गए चारों घायलों को तत्काल जीवन कैलाश अस्पताल पहुंचाया गया, जहां आपातकालीन चिकित्सकों ने प्राथमिक जांच के उपरांत चारों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है तथा परिजनों को आधिकारिक सूचना दे दी गई है। अचानक हुए इस हादसे से पीड़ित परिवारों में कोहराम मच गया है।
Yamuna Expressway Accident: जेसीबी से हटाए गए क्षतिग्रस्त वाहन, ट्रक चालक पुलिस हिरासत में
हादसे के तुरंत बाद एसीपी जेवर राजीव सिसोदिया भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना के बाद दोनों ओर लंबा जाम लगने लगा था। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल दो जेसीबी और भारी क्रेन मंगवाई गईं, जिनकी मदद से कार के ऊपर चढ़े ट्रक को खींचकर किनारे किया गया।
दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाने के बाद यमुना एक्सप्रेसवे पर यातायात को पूरी तरह सुचारु और सामान्य कराया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भागने की फिराक में रहे आरोपी ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया है। चालक का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि घटना के समय वह नशे की हालत में था या उसे झपकी आ गई थी। पुलिस वाहन के तकनीकी निरीक्षण और फिटनेस संबंधी दस्तावेजों की भी जांच कर रही है।
Yamuna Expressway Accident: यमुना एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार और लेन सुरक्षा पर फिर उठे गंभीर सवाल
छह लेन वाला यमुना एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ने वाला प्रमुख हाई-स्पीड कॉरिडोर है। हालांकि, गति सीमा (Speed Limit) के उल्लंघन और रात के समय ड्राइवरों को आने वाली झपकी (Microsleep) के कारण यह मार्ग लगातार जानलेवा हादसों का गवाह बनता रहा है।
इस घटना ने एक्सप्रेसवे पर लगे सेंट्रल डिवाइडर्स और स्टील रेलिंग की प्रभावशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तेज रफ्तार भारी वाहनों को विपरीत लेन में जाने से रोकने के लिए डिवाइडर पर्याप्त रूप से मजबूत क्यों साबित नहीं हो रहे, यह एक बड़ा तकनीकी जांच का विषय है। यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि रात के समय एक्सप्रेसवे पर गश्त बढ़ाने, ऑटोमैटिक स्पीड डिटेक्शन कैमरों को सक्रिय रखने और थकान से जूझ रहे चालकों के लिए अनिवार्य विश्राम स्थलों की व्यवस्था ही ऐसे भीषण हादसों पर रोक लगा सकती है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
Read More Here
Ather Konark Launched: ₹1 लाख से कम में 200 किमी तक की रेंज, मेटल बॉडी और कई स्मार्ट फीचर्स
Hartalika Teej 2026: 13 या 14 सितंबर? गणेश चतुर्थी संग संयोग और व्रत का महत्व