Aaj Ka Mausam 31 August 2026: बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से 19 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, जानिए दिल्ली-NCR से लेकर यूपी-बिहार तक का हाल
बंगाल की खाड़ी के सिस्टम से कई राज्यों में भारी बारिश, दिल्ली-NCR में बौछारें संभव
Aaj Ka Mausam 31 August 2026: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 31 अगस्त 2026, सोमवार के लिए देश के 19 राज्यों में मूसलाधार बारिश, आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली को लेकर व्यापक चेतावनी जारी की है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे पश्चिम बंगाल व उत्तरी ओडिशा के तटीय क्षेत्रों पर बना कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) और अधिक सुदृढ़ होकर ‘वेल मार्क्ड लो प्रेशर’ में तब्दील हो चुका है। इस मानसूनी तंत्र के प्रभाव से पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के विशाल भूभाग में अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस मौसमी प्रणाली के सक्रिय होने से हवाओं की दिशा और गति में भारी परिवर्तन देखा जा रहा है। कई तटीय और मैदानी इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की आशंका है। इसके चलते संवेदनशील पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और निचले मैदानी क्षेत्रों में गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र, पूर्वी और मध्य भारत पर सबसे बड़ा असर
मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित चक्रवाती परिसंचरण और कम दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से गांगेय पश्चिम बंगाल और झारखंड के अधिकांश जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा का दौर शुरू हो चुका है।
ओडिशा और छत्तीसगढ़ के लिए 31 अगस्त का दिन मौसम के लिहाज से सबसे संवेदनशील बताया गया है। ओडिशा के तटीय व आंतरिक इलाकों और छत्तीसगढ़ के अधिकांश संभागों में कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा (Extremely Heavy Rainfall) होने की प्रबल संभावना है। स्थानीय प्रशासन ने नदियों के बढ़ते जलस्तर और निचले बांधों से पानी छोड़े जाने की स्थिति को देखते हुए आपदा प्रतिक्रिया दलों (NDRF व SDRF) को हाई अलर्ट पर रखा है।
Aaj Ka Mausam 31 August 2026: इन 19 राज्यों के लिए जारी हुआ अलर्ट, तेज हवाओं की चेतावनी
आईएमडी द्वारा जारी आधिकारिक पूर्वानुमान के तहत देश के 19 राज्यों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। इस सूची में उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, असम, त्रिपुरा और मेघालय शामिल हैं।
इन राज्यों में मानसूनी बादलों के टकराव के चलते गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने (वज्रपात) की गंभीर चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि तेज बारिश के दौरान खुले मैदानों, जल स्रोतों या ऊंचे वृक्षों के नीचे शरण लेना जानलेवा साबित हो सकता है।
दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा: उमस के बीच हल्की से मध्यम बौछारों की संभावना
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद) में सोमवार को आसमान में आंशिक से लेकर घने बादल छाए रहेंगे। दिन का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज होने का अनुमान है।
दक्षिण-पश्चिमी दिशा से चलने वाली 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली नम हवाओं के चलते वातावरण में नमी अधिक रहेगी, जिससे दिन के समय चिपचिपी उमस परेशान कर सकती है। हालांकि, दोपहर या शाम के समय कुछ इलाकों में गरज के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने से तापमान में तात्कालिक गिरावट आएगी। वाहन चालकों को बारिश के दौरान यातायात जाम से बचने के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश और बिहार: पूर्वी यूपी में भारी वर्षा का संकट, बिहार में अलर्ट
उत्तर प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों—गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज, देवरिया और बलिया में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जहां रुक-रुक कर बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बारिश दर्ज हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी छिटपुट से मध्यम बौछारें पड़ेंगी।
बिहार में राजधानी पटना सहित उत्तर और दक्षिण बिहार के अधिकांश हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। राज्य में अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस के करीब बना रहेगा। गंडक, कोसी और बागमती जैसी नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश के चलते जलस्तर पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को खेतों में अतिरिक्त पानी की निकासी सुनिश्चित करने का परामर्श दिया है ताकि खड़ी फसलों को नुकसान न पहुंचे।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा, पूर्वोत्तर में नदियां उफान पर
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय क्षेत्रों में मानसूनी गतिविधियां सक्रिय बनी रहेंगी। शिमला में अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है, जबकि नैनीताल और मसूरी में भी घने कोहरे और मध्यम बारिश का योग है। पर्वतीय ढलानों पर चट्टानें खिसकने और भूस्खलन (Landslides) के जोखिम को देखते हुए पर्यटकों को संवेदनशील मार्गों पर अनावश्यक आवागमन से बचने को कहा गया है।
पूर्वोत्तर के राज्यों—असम, मेघालय, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में मूसलाधार बारिश के चलते ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। असम और मेघालय के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन ने राहत शिविरों की व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर दी हैं।
Aaj Ka Mausam 31 August 2026: नागरिकों और यात्रियों के लिए जरूरी सावधानियां
मौसम विज्ञानियों ने आंधी और भारी वर्षा प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों से अपील की है कि वे स्थानीय मौसम चेतावनियों पर निरंतर नजर रखें। जिन इलाकों में जलभराव की समस्या गंभीर है, वहां भूमिगत केबल और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें।
वाहन चलाते समय गति सीमा नियंत्रित रखें और जलमग्न सड़कों व पुलियों को पार करने का जोखिम न उठाएं। समुद्री तटों पर ऊंची लहरों और तेज हवाओं को देखते हुए मछुआरों को उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के गहरे समुद्र में न जाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
- Read More Here
- Kia Sorento 2026: हाइब्रिड और डीजल इंजन के साथ आएगी 7-सीटर प्रीमियम SUV, फॉर्च्यूनर को मिलेगी कड़ी टक्कर
- Laddu Gopal: लड्डू गोपाल के सीने पर क्यों होता है पैर का निशान? जानिए श्रीवत्स का पौराणिक रहस्य
- Mahindra XUV 7XO: महज 7 महीनों में 70 हजार का आंकड़ा पार, प्रीमियम एसयूवी सेगमेंट में जमाया सिक्का
- Kidney Detox Foods: किडनी को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं ये 7 फूड्स, आज ही अपनी डाइट में करें शामिल