लिवर पर फैट क्यों जमने लगता है? डॉक्टर बता रहे हैं फैटी लिवर को ठीक करने का सबसे तेज़ और असरदार तरीका
फैटी लिवर के कारण, लक्षण और उपचार: पीएसआरआई अस्पताल के वरिष्ठ जीआई सर्जन डॉ. भूषण भोले का विशेष साक्षात्कार – जीवनशैली बदलाव से लिवर को ठीक करने का सबसे असरदार तरीका, डाइट, व्यायाम और बचाव की सलाह
Fatty Liver: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनहेल्दी खान-पान और शारीरिक गतिविधि की कमी ने लिवर की एक गंभीर समस्या को आम बना दिया है – फैटी लिवर। विशेषज्ञों के अनुसार आजकल फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। पीएसआरआई अस्पताल के वरिष्ठ सलाहकार जीआई सर्जन डॉ. भूषण भोले बताते हैं कि फैटी लिवर को पूरी तरह ठीक करने का सबसे तेज़ और कारगर तरीका दवाइयों से ज्यादा जीवनशैली में बदलाव है। अगर समय रहते ध्यान दिया जाए तो यह समस्या पूरी तरह उलट सकती है।
Fatty Liver: फैटी लिवर क्या है और यह कितना खतरनाक हो सकता है
फैटी लिवर तब होता है जब लिवर की कोशिकाओं में 5 प्रतिशत से ज्यादा फैट जमा हो जाता है। इसे मेडिकल भाषा में हेपेटिक स्टेटोसिस कहते हैं। यह दो प्रकार का होता है – अल्कोहलिक फैटी लिवर और नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर। डॉ. भूषण भोले कहते हैं कि शुरुआती स्टेज में यह कोई लक्षण नहीं दिखाता लेकिन धीरे-धीरे लिवर सूजने लगता है। अगर इसे रोका न गया तो सिरोसिस हो सकता है जिसमें लिवर पूरी तरह खराब हो जाता है। भारत में करीब 30 प्रतिशत वयस्कों को फैटी लिवर की समस्या है।
Fatty Liver: लिवर पर फैट जमने के मुख्य कारण
फैटी लिवर का सबसे बड़ा कारण हमारी आधुनिक जीवनशैली है। इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं:
-
खान-पान: ज्यादा तला-भुना, प्रोसेस्ड जंक फूड और मीठे पेय पदार्थ (फ्रक्टोज) लिवर में फैट जमा करते हैं।
-
शराब का सेवन: यह लिवर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है और फैट जमा होने की प्रक्रिया तेज कर देती है।
-
बीमारियां: मोटापा, डायबिटीज, इंसुलिन रेसिस्टेंस, हाई कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स लिवर पर बोझ बढ़ाते हैं।
-
सक्रियता की कमी: रोजाना घंटों बैठे रहने और व्यायाम न करने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है।
-
अन्य: थायरॉइड समस्या, कुछ दवाओं का साइड इफेक्ट और तनाव भी लिवर पर बुरा असर डालते हैं।
फैटी लिवर के लक्षण – कब समझें कि समस्या बढ़ रही है
शुरुआती दौर में फैटी लिवर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाता। लेकिन जैसे-जैसे समस्या बढ़ती है, ये लक्षण दिख सकते हैं:
-
थकान और कमजोरी।
-
पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में हल्का दर्द।
-
भूख न लगना, वजन का अनियंत्रित घटना या बढ़ना।
-
सुबह उठने पर मुंह में कड़वाहट और पाचन संबंधी समस्या।
-
गंभीर स्थिति में पीलिया जैसे लक्षण।
डॉक्टर सलाह देते हैं कि अगर ऐसी शिकायत है तो ब्लड टेस्ट, अल्ट्रासाउंड या फाइब्रोस्कैन करवाएं।
फैटी लिवर को ठीक करने का सबसे तेज़ तरीका – जीवनशैली बदलाव
डॉ. भूषण भोले स्पष्ट रूप से कहते हैं कि फैटी लिवर को ठीक करने में दवाइयों से ज्यादा असरदार जीवनशैली में बदलाव है:
-
संतुलित डाइट: हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन शामिल करें। चीनी, मैदा और फ्राइड फूड पूरी तरह कम कर दें।
-
नियमित व्यायाम: रोजाना 30-40 मिनट तेज चलना, योग (भुजंगासन, धनुरासन), साइकलिंग या स्विमिंग करें।
-
वजन कम करना: सिर्फ 5-10 प्रतिशत वजन घटाने से लिवर की स्थिति में 50 प्रतिशत तक सुधार आ सकता है।
-
बुरी आदतों से दूरी: शराब से पूरी तरह दूरी बनाएं और पर्याप्त नींद लें। तनाव कम करने के लिए मेडिटेशन करें।
Fatty Liver: फैटी लिवर से बचाव के लिए अपनाएं ये आदतें
फैटी लिवर को रोकने का सबसे अच्छा तरीका स्वस्थ आदतें अपनाना है। रोजाना संतुलित भोजन करें और जंक फूड से दूर रहें। हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट मॉडरेट एक्सरसाइज करें। वजन, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच करवाएं। डॉ. भोले के अनुसार, 40 साल के बाद हर व्यक्ति को साल में एक बार ‘लिवर फंक्शन टेस्ट’ जरूर करवाना चाहिए।
डॉक्टर की सलाह: समय रहते ध्यान दें
डॉ. भूषण भोले का कहना है कि फैटी लिवर पूरी तरह ‘रिवर्सिबल’ समस्या है। अगर शुरुआती स्टेज में पकड़ लिया जाए तो दवाओं की जरूरत भी नहीं पड़ती। छोटे बदलाव जैसे रोज 10,000 कदम चलना, चीनी कम करना और योग करना लिवर को नया जीवन दे सकता है। देरी करने से फाइब्रोसिस बढ़ता है और स्थिति जटिल हो जाती है।
निष्कर्ष: स्वस्थ लिवर से ही स्वस्थ जीवन
फैटी लिवर आज की सबसे बड़ी जीवनशैली संबंधी बीमारी है लेकिन इसे पूरी तरह रोका और ठीक किया जा सकता है। अपनी दिनचर्या को संतुलित रखें, स्वस्थ खाएं और समय-समय पर जांच करवाएं। याद रखें, लिवर चुपचाप काम करता है लेकिन जब समस्या बढ़ती है तो चेतावनी देता है। समय रहते ध्यान दें तो लिवर हमेशा स्वस्थ रहेगा।
read more here