Clothes Care Tips: कपड़ों का रंग जल्दी फीका क्यों पड़ जाता है, इन 5 गलतियों से बचें, रंग लंबे समय तक फ्रेश रहेगा
धुलाई और देखभाल की 5 गलतियां छोड़ें, कपड़ों का रंग लंबे समय तक रहेगा नया जैसा
Clothes Care Tips: हर किसी को अपने पसंदीदा कपड़ों का रंग चमकदार और नया जैसा रखना पसंद होता है। लेकिन कई बार बार-बार धोने के बाद कपड़ों का रंग फीका पड़ने लगता है। इसका मुख्य कारण कपड़ों की देखभाल में की जाने वाली कुछ आम गलतियां हैं। सही तरीके से धोने, सुखाने और स्टोर करने से कपड़ों की चमक लंबे समय तक बरकरार रखी जा सकती है। आइए जानते हैं वे कौन-सी पांच मुख्य गलतियां हैं जो कपड़ों के रंग को नुकसान पहुंचाती हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है।
गलत तापमान के पानी से धोना
रंगीन कपड़ों को गर्म पानी में धोना उनकी चमक खराब करने की सबसे बड़ी वजहों में से एक है। गर्म पानी कपड़े के फाइबर (रेशों) को खोल देता है, जिससे उनमें समाए रंग के कण आसानी से बाहर निकल जाते हैं। इसके परिणामस्वरूप कपड़े का रंग बहुत जल्दी फीका पड़ने लगता है।
रंगीन कपड़ों को हमेशा ठंडे या हल्के गुनगुने पानी में ही धोना चाहिए। ठंडा पानी रंग को फैब्रिक के रेशों में मजबूती से बांधे रखता है और कपड़े के ताने-बाने को भी नुकसान नहीं पहुंचाता। इससे कपड़े लंबे समय तक नए और चमकदार बने रहते हैं।
जरूरत से ज्यादा डिटर्जेंट का इस्तेमाल
कई लोग ऐसा मानते हैं कि ज्यादा साबुन या डिटर्जेंट डालने से कपड़े ज्यादा साफ और चमकदार होंगे, लेकिन यह धारणा पूरी तरह गलत है। अतिरिक्त डिटर्जेंट कपड़े के रेशों में जम जाता है और उस पर एक परत बना देता है, जो समय के साथ रंग को बेजान और फीका कर देती है।
हमेशा जरूरत और कपड़ों की मात्रा के अनुसार ही डिटर्जेंट का उपयोग करें। वाशिंग मशीन में धोते समय मापने वाले कप के अनुसार ही साबुन डालें। हाथ से धोते समय भी अत्यधिक झाग बनाने से बचें, ताकि कपड़े सही तरीके से साफ हों और उनका रंग सुरक्षित रहे।
कपड़ों को सीधी और तेज धूप में सुखाना
धुले हुए कपड़ों को कड़कड़ाती धूप में सुखाना उनके रंग के लिए काफी हानिकारक होता है। सूरज की पराबैंगनी (UV) किरणें कपड़ों के रंगीन पिगमेंट को तोड़ देती हैं, जिससे कपड़ा समय से पहले पुराना और फीका दिखने लगता है। विशेष रूप से गहरे (Dark) और ब्राइट रंग वाले कपड़े धूप से ज्यादा प्रभावित होते हैं।
कपड़ों को हमेशा किसी हवादार और छायादार जगह पर ही सुखाना चाहिए। अगर कपड़ों को बाहर धूप में सुखाना आपकी मजबूरी हो, तो उन्हें हमेशा उल्टा (अंदर की तरफ पलटकर) करके ही तार पर फैलाएं। इससे रंग सीधे धूप के संपर्क में आने से बचता है और कपड़े सुरक्षित रहते हैं।
बार-बार और बिना जरूरत के धोना
कपड़े को केवल एक बार पहनने के तुरंत बाद धो देने की आदत भी उसके रंग और फैब्रिक को नुकसान पहुंचाती है। बार-बार पानी और डिटर्जेंट के संपर्क में आने से फैब्रिक कमजोर होता है और रंग के कण धीरे-धीरे झड़ने लगते हैं।
कपड़ों को तभी धोएं जब वे वास्तव में गंदे हों या उनमें से दुर्गंध आ रही हो। अगर कपड़े पर केवल हल्का दाग लगा है, तो पूरे कपड़े को धोने के बजाय उस हिस्से को स्पॉट क्लीन करें। जींस और भारी फैब्रिक वाले कपड़ों को 4-5 बार पहनने के बाद ही धोना बेहतर माना जाता है।
ब्लीच और तेज केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल
ब्लीच या अधिक केमिकल युक्त डिटर्जेंट रंगीन कपड़ों के लिए बेहद घातक साबित होते हैं। ये हार्ड केमिकल्स रंग को पूरी तरह से उड़ा सकते हैं या कपड़े पर भद्दे सफेद-पीले धब्बे बना देते हैं।
रंगीन कपड़ों की धुलाई के लिए हमेशा ‘कलर प्रोटेक्ट’ या माइल्ड डिटर्जेंट का ही चयन करें। ब्लीच का इस्तेमाल केवल पूरी तरह से सफेद कपड़ों तक ही सीमित रखें। किसी जिद्दी दाग को हटाने के लिए सौम्य और सुरक्षित स्टेन रिमूवर का सहारा लें।
कपड़ों का रंग लंबे समय तक फ्रेश रखने का आसान हैक
कपड़ों की चमक को बरकरार रखने के लिए एक बहुत ही सरल और प्राकृतिक घरेलू उपाय अपनाया जा सकता है। कपड़े धोते समय आखिरी बार साफ पानी से निकालते वक्त उसमें थोड़ा सा सफेद सिरका (White Vinegar) मिला दें।
सिरका कपड़े पर जमे डिटर्जेंट के अवशेषों को पूरी तरह से हटा देता है, जिससे कपड़ों का रंग और खिलकर बाहर आता है। इसके अलावा, सिरका कपड़ों को प्राकृतिक रूप से सॉफ्ट भी बनाता है। नियमित रूप से इस हैक का इस्तेमाल करने से कपड़ों का रंग लंबे समय तक नया जैसा बना रहता है।
कपड़ों को सही तरीके से स्टोर करने के नियम
केवल धोने के तरीके ही नहीं, बल्कि कपड़ों को अलमारी में रखने का ढंग भी उनके रंग और लाइफ को प्रभावित करता है। धुले हुए कपड़ों को अलमारी में रखने से पहले यह सुनिश्चित करें कि वे पूरी तरह से सूख चुके हों। हल्की नमी वाले कपड़े रखने से उनमें फफूंद लग सकती है और रंग खराब हो सकता है।
गहरे रंग के कपड़ों को हमेशा हल्के रंग के कपड़ों से अलग टांगें या रखें। कपड़ों को अलमारी में टांगने के लिए लकड़ी या गद्देदार हैंगर का इस्तेमाल करें और उन्हें लंबे समय तक एयरटाइट प्लास्टिक बैग में न रखें, ताकि कपड़ों को हवा मिलती रहे।
फैब्रिक के प्रकार के अनुसार सही देखभाल
अलग-अलग तरह के फैब्रिक को अलग देखभाल की जरूरत होती है। कॉटन यानी सूती कपड़े ठंडे पानी में आसानी से धुल जाते हैं, जबकि सिल्क (रेशम) और वूल (ऊनी) कपड़ों को केवल माइल्ड लिक्विड डिटर्जेंट से हल्के हाथ से धोना चाहिए या ड्राई क्लीन कराना चाहिए।
सिंथेटिक कपड़ों को भी ज्यादा गर्म पानी और तेज धूप से बचाना आवश्यक है। कपड़ों पर लगे केयर लेबल (Care Label) पर दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़कर ही उन्हें धोएं और प्रेस करें।
रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतें जो रंग बचाती हैं
धुलाई के दौरान कपड़ों को हमेशा उल्टा करके वाशिंग मशीन में डालें ताकि घर्षण से बाहरी रंग प्रभावित न हो। कपड़ों की जिपर (चैन) और बटन बंद करके ही धोएं ताकि वे दूसरे कपड़ों को न खुरचें।
मेशिन में एक साथ बहुत ज्यादा कपड़े ठूंसकर न भरें। कपड़ों को आपस में रगड़ने के लिए पर्याप्त जगह मिलने से उनका फैब्रिक और कलर दोनों सुरक्षित रहते हैं।
निष्कर्ष
कपड़ों का रंग फीका पड़ना ज्यादातर हमारी धुलाई (Clothes Care Tips) और देखभाल से जुड़ी गलतियों का नतीजा होता है। गर्म पानी, जरूरत से ज्यादा डिटर्जेंट, सीधी धूप और हार्ड केमिकल्स से बचाकर कपड़ों के ओरिजिनल कलर को सालों-साल बरकरार रखा जा सकता है। अंतिम रिंस में सफेद सिरके का उपयोग और सही स्टोरेज जैसी छोटी-छोटी आदतें आपके पसंदीदा कपड़ों को हमेशा नया और आकर्षक बनाए रखेंगी।
Read More Here
Akshara Singh ने शादी और प्यार पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- आज के दौर में सच्चा साथी मिलना बहुत मुश्किल