Gold Import Decline India: सोने का आयात घटा, पीएम मोदी की अपील और ड्यूटी बढ़ोतरी का असर
Gold Import Decline India: मई से अगस्त तक भारत का गोल्ड इंपोर्ट गिरा। कस्टम ड्यूटी 6 से 15 प्रतिशत और ऊंचे भाव के साथ पीएम की अपील का असर दिख रहा है। सितंबर में भी कमी का अनुमान।
Gold Import Decline India: भारत में सोने के आयात में मई के बाद लगातार गिरावट दर्ज हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कम खरीद की अपील और मई में कस्टम ड्यूटी 6 प्रतिशत से 15 प्रतिशत किए जाने को इसका बड़ा कारण बताया जा रहा है। ऊंचे बाजार भाव ने भी खरीदारों को रोका। मेटल्स फोकस के आंकड़ों के अनुसार मई में आयात 4 प्रतिशत गिरकर 29.4 टन रहा। जून में 20 प्रतिशत, जुलाई में 23.7 प्रतिशत और अगस्त में करीब 30 प्रतिशत की गिरावट आई। सितंबर में भी करीब 15 प्रतिशत कमी का अनुमान लगाया गया है। चीन के बाद भारत विश्व का दूसरा बड़ा खरीदार है और सालाना 700 से 900 टन आयात करता रहा है।
Gold Import Decline India: मई के बाद महीने दर महीने क्या रहा रुख
मई में आयात पिछले साल के 30.6 टन से घटकर 29.4 टन रह गया। इसके बाद गिरावट तेज हुई। जून में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत कमी आई। जुलाई में यह आंकड़ा 23.7 प्रतिशत पहुंच गया। अगस्त में आयात लगभग 30 प्रतिशत लुढ़का। मई में पीएम की पहली अपील के बाद यह सिलसिला जुड़ा माना जा रहा है। केवल अपील नहीं, शुल्क और कीमत दोनों ने मांग पर असर डाला।
साल की शुरुआत में उलटा ट्रेंड था
जनवरी में आयात 171.6 प्रतिशत बढ़कर 99.4 टन पहुंच गया था। फरवरी में 114.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 66 टन आयात हुआ। मार्च में 34.9 प्रतिशत की गिरावट आई। अप्रैल में 30.7 प्रतिशत की रिकवरी दिखी। यानी वित्त वर्ष की पहली तिमाही में खरीद तेज रही। मई के नीतिगत कदम और अपील के बाद दिशा बदली। आंकड़े मेटल्स फोकस पर आधारित बताए गए हैं।
ड्यूटी बढ़ोतरी ने आयात क्यों महंगा किया
सरकार ने मई में सोना और चांदी पर कस्टम ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी। बाहर से धातु मंगाना महंगा हो गया। घरेलू भाव पहले से ऊंचे चल रहे थे। दोनों कारणों से आम खरीदार और व्यापारियों ने आयात कम किया। सरकार का उद्देश्य आयात बिल और व्यापार घाटा घटाना बताया गया है। आभूषण मांग त्योहारों पर फिर बढ़ सकती है, यह इस सामग्री में अनुमान मात्र है।
सितंबर का अनुमान और आईबीजेए का जिक्र
पीएम की हालिया अपील के बाद सितंबर में आयात में करीब 15 प्रतिशत कमी आ सकती है। इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन का अनुमान स्रोत में शुरू हुआ है, पूरा आंकड़ा उपलब्ध नहीं। इसलिए अतिरिक्त दावा नहीं जोड़ा जा रहा। गिरावट जारी रही तो व्यापार घाटे पर राहत मिल सकती है। घरेलू कीमत तुरंत सस्ती हो यह तय नहीं, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय भाव और मुद्रा भी दर तय करते हैं।
Gold Import Decline India: आयात घटने का मतलब सोना सस्ता होगा या नहीं
आयात कम होने से आपूर्ति दबाव कुछ हद तक घट सकता है। फिर भी दाम वैश्विक बाजार, डॉलर और घरेलू मांग पर निर्भर रहते हैं। सरकार ने खरीद घटाने की अपील की है ताकि चालू खाता घाटा संभले। भारत की सालाना 700 से 900 टन खरीद विश्व बाजार में भारी वजन रखती है। खरीदार इंतजार कर रहे हैं या आभूषण टाल रहे हैं, यह रुझान आंकड़ों से झलकता है। भविष्य की कीमत का पक्का दावा आंकड़ों से आगे नहीं जाता।
मई से अगस्त तक सोने के आयात में गिरावट साफ दिखी है। पीएम मोदी की अपील, 15 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी और ऊंचे भाव तीनों कारण साथ आए। जनवरी-फरवरी की तेज खरीद के बाद रुख पलट गया। सितंबर में भी कमी का अनुमान है। भारत विश्व का दूसरा बड़ा आयातक बना हुआ है, इसलिए यह गिरावट व्यापार घाटे के लक्ष्य से जुड़ी है। सोना तुरंत सस्ता होगा यह निष्कर्ष आंकड़े नहीं देते। खरीदार और व्यापारी सरकारी कदम तथा अंतरराष्ट्रीय भाव दोनों पर नजर रखेंगे।
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