Uttarakhand Free Pilgrimage Scheme: 60 वर्ष से अधिक बुजुर्गों को मुफ्त गंगोत्री-बदरीनाथ यात्रा, सितंबर में होगी शुरुआत
Uttarakhand Free Pilgrimage Scheme: 60 वर्ष से अधिक बुजुर्गों को मुफ्त गंगोत्री-बदरीनाथ यात्रा, सितंबर में होगी शुरुआत
Uttarakhand Free Pilgrimage Scheme: उत्तराखंड सरकार दीन दयाल उपाध्याय मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना के तहत प्रदेश के साठ वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र बुजुर्गों को निःशुल्क तीर्थ यात्रा करा रही है। इस बार पर्यटन विभाग गंगोत्री और बदरीनाथ धाम के दर्शन कराने जा रहा है। यात्रा सितंबर के पहले सप्ताह से शुरू होगी। रहने और खाने की सुविधा भी मुफ्त मिलेगी। विभाग को अब तक एक सौ पचास आवेदन मिल चुके हैं। आयकरदाता और सेवानिवृत्त कर्मी इस योजना में शामिल नहीं हो सकेंगे। पात्र बुजुर्ग अभी भी जिला पर्यटन कार्यालय से आवेदन कर सकते हैं।
Uttarakhand Free Pilgrimage Scheme: योजना का उद्देश्य और इस वर्ष के गंतव्य
पर्यटन विभाग उत्तराखंड के बुजुर्गों को प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराने के लिए यह योजना चला रहा है। यात्रा के साथ निःशुल्क आवास और भोजन की व्यवस्था भी की जाती है। नैनीताल की जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्या ने बताया कि इस वर्ष गंगोत्री और बदरीनाथ की यात्रा प्रस्तावित है। विभागीय स्तर पर आवेदन मांगे गए थे। पात्र बुजुर्ग अब भी आवेदन कर सकते हैं। यात्रा सितंबर के पहले सप्ताह से शुरू कर दी जाएगी।
कितने आवेदन आए और कहां से होगी यात्रा
अब तक बदरीनाथ के लिए नब्बे और गंगोत्री के लिए साठ आवेदन विभाग के पास पहुंच चुके हैं। कुल संख्या एक सौ पचास हो गई है। यात्रा जिलों से पर्यटन अधिकारी के माध्यम से निकाली जाएगी। डीएम कार्यालय में पंजीकरण के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। जिला पर्यटन विकास अधिकारी के कार्यालय से आवेदन फॉर्म उपलब्ध हैं। इच्छुक बुजुर्ग वहीं संपर्क कर सकते हैं।
आवेदन के लिए कौन से कागजात जरूरी हैं
आवेदन के साथ आधार कार्ड देना होगा। आय प्रमाण पत्र भी जमा करना होगा। ये दस्तावेज पात्रता जांचने के लिए मांगे गए हैं। फॉर्म जिला पर्यटन विकास अधिकारी कार्यालय से मिल सकते हैं। पंजीकरण जिलाधिकारी कार्यालय में कराया जाएगा। इसके बाद पर्यटन अधिकारी के मार्फत यात्रा का संचालन होगा। अधूरी जानकारी पर आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
किन बुजुर्गों को योजना का लाभ नहीं मिलेगा
सेवानिवृत्त कर्मियों को इस योजना में शामिल नहीं किया जाएगा। आयकर देने वाले भी पात्र नहीं माने जाएंगे। सरकार का लक्ष्य उन बुजुर्गों तक योजना पहुंचाना है जो आर्थिक रूप से सीमित साधनों वाले हैं। आयु साठ वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। बाकी शर्तें पूरी करने वाले आवेदकों को ही यात्रा का अवसर मिलेगा। विभाग पात्रता की जांच आवेदन के समय करेगा।
Uttarakhand Free Pilgrimage Scheme: यात्रा कब शुरू होगी और सुविधाएं क्या रहेंगी
कीर्ति आर्या के अनुसार यात्रा सितंबर के पहले सप्ताह से शुरू कर दी जाएगी। गंगोत्री और बदरीनाथ दोनों स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। यात्रा के दौरान रहने और खाने की व्यवस्था विभाग की ओर से निःशुल्क रहेगी। आवेदन अभी भी लिए जा रहे हैं। समय रहते फॉर्म जमा करने वाले पात्र बुजुर्गों को ही स्थान मिल सकेगा। जिला कार्यालयों में जानकारी उपलब्ध है।
दीन दयाल उपाध्याय मातृ-पितृ तीर्थाटन योजना उत्तराखंड के वरिष्ठ नागरिकों को तीर्थ दर्शन का सुगम अवसर दे रही है। गंगोत्री और बदरीनाथ की प्रस्तावित यात्रा सितंबर में निकलेगी। एक सौ पचास आवेदन पहले ही आ चुके हैं, फिर भी पात्र लोग फॉर्म भर सकते हैं। आधार और आय प्रमाण पत्र अनिवार्य हैं। आयकरदाता और सेवानिवृत्त कर्मी बाहर रहेंगे। समय पर आवेदन करने वाले बुजुर्ग निःशुल्क रहने-खाने के साथ धामों के दर्शन कर सकेंगे। जिला पर्यटन कार्यालय ही संपर्क का मुख्य केंद्र है।
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