Sagar Spurious Liquor Case: जहरीली शराब से 11 मौतें, 40 से ज्यादा अस्पताल में भर्ती

मेथेनॉल की पुष्टि के बाद जांच तेज, डिप्टी CM राजेंद्र शुक्ल ने BMC पहुंचकर हालात का जायजा लिया

0

Sagar Spurious Liquor Case: मध्य प्रदेश के सागर जिले में अवैध और मिलावटी शराब के सेवन से बड़ा मानवीय संकट खड़ा हो गया है। बंडा थाना क्षेत्र के कई ग्रामीण अंचलों में संदिग्ध देशी शराब पीने के उपरांत ग्रामीणों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी, जिसके चलते अब तक 11 लोगों की असामयिक मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है। इस त्रासदी में 40 से अधिक लोग गंभीर रूप से बीमार हैं, जिनका उपचार बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (BMC), जिला चिकित्सालय और बंडा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में युद्धस्तर पर चल रहा है।

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मध्य प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री राजेंद्र शुक्ल रविवार को तत्काल सागर पहुंचे। उन्होंने बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंचकर आईसीयू और आपातकालीन वार्डों का निरीक्षण किया, पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया और वरिष्ठ चिकित्सकों को उपचार में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने के कड़े निर्देश दिए। प्रारंभिक फोरेंसिक जांच में शराब में अत्यधिक विषैले रसायन मेथेनॉल (Methanol) की पुष्टि हुई है, जिसके बाद पुलिस ने अंतरराज्यीय शराब माफिया के विरुद्ध बड़े पैमाने पर धरपकड़ शुरू कर दी है।

Sagar Spurious Liquor Case: बंडा क्षेत्र के गांवों में पसरा मातम, शनिवार रात से शुरू हुआ मौतों का सिलसिला

यह भयावह घटनाक्रम शनिवार देर शाम उस समय सामने आया जब बंडा तहसील के घोघरा, दलपतपुर और आसपास के मजरों में रहने वाले कई ग्रामीणों ने स्थानीय स्तर पर बेची गई शराब का सेवन किया। शराब पीने के कुछ ही घंटों बाद लोगों को पेट में असहनीय दर्द, लगातार उल्टियां, सांस लेने में तकलीफ और आंखों की रोशनी धुंधली होने जैसी गंभीर समस्याएं होने लगीं।

स्वजन जब तक पीड़ितों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, तब तक कई लोगों की स्थिति नाजुक हो चुकी थी। रविवार की सुबह तक मौतों का आंकड़ा 11 तक जा पहुंचा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की संयुक्त टीमों ने प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर सर्वे शुरू किया है ताकि जिन लोगों ने भी संदिग्ध शराब का घूंट लिया हो, उन्हें लक्षण गंभीर होने से पूर्व ही अस्पताल पहुंचाया जा सके। एक अत्यंत नाजुक मरीज को बेहतर और आधुनिक जीवन रक्षक प्रणाली के लिए एयरलिफ्ट कर एम्स भोपाल रेफर किया गया है।

उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल का अस्पताल दौरा: दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन

बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में मरीजों की स्थिति का जायजा लेने के उपरांत उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में भर्ती लगभग 40 से 45 मरीजों की स्थिति फिलहाल स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं, किंतु कुछ मरीजों को सघन निगरानी (ICU) में रखा गया है।

राजेंद्र शुक्ल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मानव जीवन के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव चिकित्सकीय और आर्थिक संबल देने का निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि मामले की तह तक जाकर अवैध शराब निर्माण की पूरी चेन को ध्वस्त किया जाएगा।

फॉरेंसिक रिपोर्ट में मेथेनॉल की पुष्टि: रासायनिक जहर बना मौतों का कारण

सागर पुलिस और आबकारी विभाग द्वारा घटनास्थल और संदिग्ध ठिकानों से जब्त किए गए शराब के नमूनों की प्राथमिक रासायनिक जांच में मेथेनॉल (मिथाइल अल्कोहल) की घातक मौजूदगी पाई गई है। रासायनिक दृष्टि से मेथेनॉल एक अत्यंत विषैला औद्योगिक विलायक है, जिसका उपयोग वार्निश, पेंट और एंटीफ्रीज में होता है।

अवैध धंधेबाज शराब की तीव्रता (किक) बढ़ाने और कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के लिए एथिल अल्कोहल के स्थान पर मेथेनॉल की मिलावट कर देते हैं। मानव शरीर में जाने पर मेथेनॉल फॉर्मेल्डिहाइड और फॉर्मिक एसिड में बदल जाता है, जो सीधे ऑप्टिक नर्व को नष्ट कर व्यक्ति को अंधा बना देता है और कुछ ही घंटों में मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण मौत का कारण बनता है।

नकली क्यूआर कोड और उत्तर प्रदेश का ललितपुर कनेक्शन उजागर

जांच एजेंसियों के हाथ लगे साक्ष्यों से यह बात सामने आई है कि यह कोई सामान्य अवैध शराब का मामला नहीं है, बल्कि एक सुव्यवस्थित संगठित सिंडिकेट द्वारा संचालित फर्जीवाड़ा था। तस्करों ने शराब की बोतलों पर मध्य प्रदेश आबकारी विभाग के हूबहू दिखने वाले नकली रैपर और फर्जी क्यूआर (QR) कोड चस्पा किए थे, ताकि आम ग्रामीण और उपभोक्ता इसे वैध सरकारी शराब समझकर खरीदें।

पुलिसिया तफ्तीश में इस रैकेट का तार पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिले ललितपुर से जुड़ता दिखाई दे रहा है। आशंका जताई जा रही है कि मिलावटी शराब की यह खेप सीमा पार किसी अवैध डिस्टिलरी में तैयार कर सागर के ग्रामीण क्षेत्रों में खपाई गई थी। मध्य प्रदेश पुलिस की विशेष टीमें अब उत्तर प्रदेश पुलिस के संपर्क में हैं और ललितपुर के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।

Sagar Spurious Liquor Case: 20 आरोपियों पर एफआईआर, 10 हिरासत में; लापरवाह आबकारी अधिकारी निलंबित

कानून-व्यवस्था और जनसुरक्षा के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति अपनाते हुए प्रशासन ने त्वरित दंडात्मक कदम उठाए हैं। पुलिस ने अब तक 20 नामजद आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं तथा आबकारी अधिनियम के तहत गैर-इरादतन हत्या और धोखाधड़ी का आपराधिक प्रकरण दर्ज किया है, जिनमें से 10 प्रमुख संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

वहीं, स्थानीय स्तर पर निगरानी में घोर विफलता और लापरवाही बरतने के आरोप में मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर क्षेत्र के संबंधित आबकारी उप-निरीक्षक और सर्किल अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि जांच में यदि पुलिस या आबकारी विभाग के किसी अन्य कार्मिक की संलिप्तता या कर्तव्यहीनता उजागर होती है, तो उनके विरुद्ध भी विभागीय जांच के साथ दंडात्मक कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

Read more here

Monday Shiva Puja: शिवलिंग पर जल चढ़ाने की विधि, मंत्र, व्रत और दान जानें

Gold Silver Price 7 September 2026: 24K सोना ₹1.50 लाख के पार, चांदी ₹2.35 लाख से ऊपर

Aaj Ka Mausam 7 September 2026: दिल्ली-UP समेत कई राज्यों में बारिश का अलर्ट

Rooftop Solar for Tenants: किराएदार भी लगा सकते हैं सोलर, जानें NOC और नेट-मीटरिंग नियम

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.