CJP Nationwide Protest: CJP का देशव्यापी प्रदर्शन, छात्रों और युवाओं से बड़े आंदोलन में शामिल होने की अपील, जंतर-मंतर के बाद अब पूरे देश में गूंजेगी आवाज

CJP Nationwide Protest: CJP का देशव्यापी प्रदर्शन, छात्रों और युवाओं से बड़े आंदोलन में शामिल होने की अपील, जंतर-मंतर के बाद अब पूरे देश में गूंजेगी आवाज

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CJP Nationwide Protest: नीट पेपर लीक मामले और व्यवस्थागत मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच अब एक नया और बड़ा मोड़ सामने आ चुका है। कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी (CJP) ने राजधानी की सीमाओं से निकलकर इस आंदोलन को राष्ट्रव्यापी स्वरूप देने का औपचारिक ऐलान कर दिया है।

पार्टी नेतृत्व की ओर से देश के तमाम युवाओं, छात्र संगठनों और आम नागरिकों से यह अपील की गई है कि वे आने वाले शुक्रवार यानी 24 जुलाई को बड़े पैमाने पर सड़क पर उतरें। इस देशव्यापी आंदोलन का मुख्य मकसद परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग के साथ-साथ हालिया प्रदर्शनों के दौरान पुलिस कार्रवाई का शिकार बने लोगों के प्रतिज एकजुटता प्रकट करना है।

CJP Nationwide Protest: डिजिटल पैम्फलेट के जरिए फैल रहा संदेश और ‘हर जिला, एक दिन’ का नारा

इस आगामी राष्ट्रव्यापी आंदोलन की सुगबुगाहट सोशल मीडिया के गलियारों में काफी तेजी से दौड़ रही है। सीजेपी की ओर से एक डिजिटल पैम्फलेट और पोस्टर धड़ल्ले से सर्कुलेट किया जा रहा है, जिसमें आंदोलन की पूरी रूपरेखा समझाई गई है।

इस पूरे अभियान के लिए एक बहुत ही स्पष्ट और आक्रामक थीम तय की गई है, जिसके तहत ‘Every District. One Day. One Demand.’ का संदेश दिया गया है। इसका सीधा सा अर्थ यह है कि देश के हर जिले में एक निश्चित दिन यानी शुक्रवार को शांतिपूर्ण ढंग से विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। संगठन ने अपने संदेश में जोर देकर कहा है कि यह पूरा प्रदर्शन पूरी तरह से अहिंसक और शांतिपूर्ण रहना चाहिए, ताकि लोकतांत्रिक दायरे में रहकर अपनी बात मजबूती से देश के सामने रखी जा सके।

क्या हैं इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन की प्रमुख मांगें और उद्देश्य?

पिछले कुछ हफ्तों से दिल्ली के जंतर-मंतर पर डेरा डाले छात्र और युवा लगातार इस बात पर अड़े हैं कि देश की शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जाए। मुख्य रूप से नीट पेपर लीक और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार महकमों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।

इस पूरे आंदोलन की सबसे प्रमुख और शुरुआती राजनीतिक मांगों में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा शामिल है। सीजेपी के बैनर तले आयोजित होने वाले इस देशव्यापी प्रदर्शन के दौरान भी यही मुख्य मांग हर जिले में दोहराई जाएगी। इसके अलावा, आंदोलनकारियों का यह भी कहना है कि दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ जिस तरह का पुलिसिया रुख अपनाया गया है, वह बेहद निंदनीय है और उसके खिलाफ पूरे देश को एकजुट होने की जरूरत है।

CJP Nationwide Protest: स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक अनुमति और तैयारी की रणनीति

संगठन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में यह स्पष्ट किया गया है कि देश के अलग-अलग राज्यों और जिलों में स्थानीय छात्र संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और अन्य समकालीन समूहों को साथ लेकर आगे बढ़ना है।

इसके लिए हर जिले में स्थानीय प्रशासन से बातचीत कर प्रदर्शन की रूपरेखा तय करने और जरूरी अनुमतियां लेने की बात कही गई है। प्रदर्शन के दौरान क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी, इसके लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया यानी एसओपी (SOP), जरूरी प्रचार सामग्रियां और ज्ञापन का एक प्रारूप भी सीजेपी की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिया गया है।

स्थानीय स्तर पर जुटने वाले लोगों के सामने छात्रों की प्रमुख मांगों को सार्वजनिक रूप से पढ़ा जाएगा और उन तमाम युवाओं के प्रति एकजुटता व्यक्त की जाएगी जिन्हें हालिया संघर्ष के दौरान पुलिस कार्रवाई या अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ा है।

CJP Nationwide Protest: नारों और संदेशों के साथ आंदोलन को धार देने की कोशिश

शुक्रवार को होने वाले इस देशव्यापी आयोजन को लेकर युवाओं में एक अलग ही तरह का उत्साह देखा जा रहा है। पैम्फलेट के आखिर में पारंपरिक जोश भरने वाले नारों का इस्तेमाल किया गया है।

‘इंकलाब जिंदाबाद’ और ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के साथ देश के हर कोने से लोगों से यह अपील की गई है कि वे अपने-अपने जिलों में इस शांतिपूर्ण प्रतिरोध का हिस्सा बनें। आयोजकों का मानना है कि जब तक आवाज सिर्फ एक कोने से उठती है, तब तक उसे दबाना आसान होता है, लेकिन जब वही स्वर देश के हर जिले से एक साथ गूंजने लगते हैं, तो व्यवस्था को उसकी सुध लेनी ही पड़ती है।

अब देखना यह होगा कि इस राष्ट्रव्यापी आह्वान का असर देश के विभिन्न राज्यों में कितना गहरा होता है और स्थानीय प्रशासन तथा पुलिस इस बड़े पैमाने पर होने वाले आयोजनों से किस प्रकार निपटते हैं। जंतर-मंतर से शुरू हुई यह चिंगारी अब किस रूप में पूरे देश के आसमान पर छाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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