Sugar Stocks: शुगर स्टॉक्स में आई जोरदार तेजी, निवेशकों की नजरों में चढ़े बलरामपुर चीनी और त्रिवेणी इंजीनियरिंग के शेयर

Sugar Stocks: शुगर स्टॉक्स में आई जोरदार तेजी, निवेशकों की नजरों में चढ़े बलरामपुर चीनी और त्रिवेणी इंजीनियरिंग के शेयर

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Sugar Stocks: शेयर बाजार में पिछले कुछ सत्रों से शुगर स्टॉक्स (Sugar Stocks) में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है, जिससे निवेशकों का रुझान इस सेक्टर की ओर तेजी से बढ़ा है। घरेलू और वैश्विक स्तर पर चीनी की कीमतों में लगातार हो रहे उछाल के कारण बलरामपुर चीनी मिल्स, त्रिवेणी इंजीनियरिंग, धामपुर शुगर और डालमिया भारत जैसे प्रमुख कंपनियों के शेयर सात प्रतिशत तक चढ़ गए हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्ची चीनी और सफेद चीनी के दाम अपने ऊंचे स्तर पर पहुंच चुके हैं, जिसका सीधा फायदा चीनी मिलों के वित्तीय प्रदर्शन को मिल रहा है। इस माहौल में बाजार के जानकारों और निवेशकों की नजरें इस सेक्टर की आगामी चाल पर टिकी हुई हैं।

Sugar Stocks: वैश्विक बाजार में चीनी की कीमतों में लगातार उछाल

अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार में पिछले कुछ समय से चीनी की सप्लाई को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं, जिसके कारण कीमतों में लगातार तेजी दर्ज की जा रही है। वैश्विक स्तर पर कच्ची चीनी की कीमत बढ़कर करीब 16.6 सेंट प्रति पाउंड के आसपास पहुंच गई है, जो कि बीते एक साल का उच्च स्तर है। इसके अलावा, व्हाइट शुगर के दाम भी पिछले 15 महीनों के सबसे ऊंचे पायदान पर पहुंच चुके हैं। इन वैश्विक संकेतों का सीधा असर घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है, जहां मुंबई और अन्य प्रमुख मंडियों में चीनी के भाव में लगभग दस प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कीमतों में इस प्रकार के उछाल से कंपनियों के मार्जिन में सुधार की उम्मीद है।

ब्राजील में गन्ने की कटाई में देरी और सप्लाई की चिंता

वैश्विक स्तर पर चीनी की सप्लाई को लेकर सबसे बड़ा संकट दुनिया के सबसे बड़े उत्पादक देश ब्राजील से सामने आ रहा है। ब्राजील में खराब मौसम के कारण गन्ने की कटाई और पेराई के कार्यों में देरी की आशंका जताई जा रही है। इसके साथ ही, वहां की मिलों द्वारा उत्पादन रिपोर्ट को निलंबित किए जाने से बाजार में अनिश्चितता का माहौल और गहरा गया है। जब दुनिया के सबसे बड़े उत्पादक देश में सप्लाई को लेकर इस तरह के सवाल खड़े होते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमतों में तेजी आना स्वाभाविक हो जाता है। इसी अनिश्चितता के कारण वैश्विक निवेशक भारतीय शुगर कंपनियों के शेयरों में भी दांव लगा रहे हैं।

एथेनॉल की बढ़ती मांग और उत्पादन अनुमानों में कमी

चीनी की कीमतों को समर्थन मिलने की एक अन्य बड़ी वजह एथेनॉल उत्पादन की ओर गन्ने के रस का डायवर्जन होना भी है। ब्राजील में गन्ने के एक बड़े हिस्से का उपयोग एथेनॉल बनाने में किया जा रहा है, क्योंकि वहां एथेनॉल ब्लेंडिंग के लक्ष्यों को बढ़ाकर तीस प्रतिशत से अधिक कर दिया गया है। इसके अलावा, यूरोप, ब्रिटेन और थाईलैंड जैसे प्रमुख उत्पादक देशों में मौसम की मार के कारण चीनी उत्पादन के अनुमानों में भारी कटौती की गई है। भारत में भी कम बारिश और मौसमी बदलावों के चलते गन्ने की उपलब्धता पर बाजार की कड़ी नजर बनी हुई है, जिससे आने वाले महीनों में वैश्विक स्तर पर चीनी का बड़ा घाटा होने की आशंका जताई जा रही है।

Sugar Stocks: क्या निवेशकों को शुगर शेयरों में आगे भी तेजी की उम्मीद रखनी चाहिए?

मौजूदा समय में त्योहारी सीजन की मांग और घरेलू स्तर पर कम बारिश की आशंका के बीच चीनी की कीमतों को लगातार सपोर्ट मिल रहा है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि कमोडिटी सेक्टर की प्रकृति उतार-चढ़ाव भरी होती है, इसलिए किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले सभी पहलुओं की गहराई से समीक्षा कर लेनी चाहिए। यदि वैश्विक आपूर्ति में कमी का सिलसिला आगे भी जारी रहता है और एथेनॉल की मांग बनी रहती है, तो इन कंपनियों के शेयरों में मजबूती का यह दौर कुछ और समय तक निवेशकों के लिए आकर्षक बना रह सकता है।

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