Aaj Ka Mausam 5 June 2026: मॉनसून ने केरल में दी दस्तक, उत्तर भारत में लू का कहर जारी, जानें पूरे देश का हाल
केरल में भारी बारिश, उत्तर भारत में लू का कहर, दिल्ली-यूपी में तेज आंधी का अलर्ट
Aaj Ka Mausam 5 June 2026: शुक्रवार को भारत के मौसम परिदृश्य में दो पूरी तरह से विपरीत और अलग-अलग तस्वीरें साफ नजर आ रही हैं। एक तरफ जहां दक्षिण भारत में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने औपचारिक और ऐतिहासिक रूप से केरल तट पर अपनी जोरदार दस्तक दे दी है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के मैदानी इलाके अभी भी भीषण गर्मी, झुलसाने वाली गर्म हवाओं और जानलेवा लू के भीषण प्रकोप की चपेट में हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजा बुलेटिन में पुष्टि की है कि इस साल मॉनसून की प्रगति सामान्य से थोड़ी तेज और आक्रामक रही है, जिसके चलते केरल, तमिलनाडु और तटीय कर्नाटक के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो चुका है।
इसके विपरीत, देश के उत्तरी राज्यों में दिन का अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 42 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जिसने आम जनजीवन, कामधंधों और लोगों की दैनिक दिनचर्या को बुरी तरह से प्रभावित कर दिया है। आइए विस्तार से जानते हैं आज के मौसम का पूरा देशव्यापी अपडेट, प्रमुख महानगरों की वास्तविक स्थिति और स्वास्थ्य को लेकर जरूरी सावधानियां।
मॉनसून की प्रगति: केरल में मूसलाधार बारिश, उत्तर की ओर तेजी से बढ़ रहा सिस्टम
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 5 जून 2026 को दक्षिण-पश्चिम मॉनसून ने केरल के तटीय और आंतरिक हिस्सों में बेहद शानदार और समयबद्ध शुरुआत की है। अरब सागर की ओर से आने वाली नमी से भरपूर चक्रवाती हवाएं काफी ज्यादा मजबूत हो गई हैं, जिसके चलते कोच्चि, तिरुवनंतपुरम, कोझिकोड और अन्य दक्षिणी इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की जा रही है। मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, कुछ संवेदनशील तटीय स्टेशनों पर पिछले 24 घंटों के भीतर ही 10 से 15 सेंटीमीटर तक की रिकॉर्ड मानसूनी बारिश दर्ज की जा चुकी है।
यह शुरुआती मूसलाधार बारिश दक्षिण भारत के प्रमुख जलविद्युत जलाशयों और नदियों को दोबारा भरने में बेहद मददगार साबित हो रही है, लेकिन इसके साथ ही शहरी और निचले इलाकों में गंभीर जलभराव और सड़क व रेल यातायात बाधित होने की खबरें भी सामने आ रही हैं। केरल के अलावा मुंबई और कोंकण क्षेत्र में भी प्री-मॉनसून गतिविधियां अत्यधिक तेज हो गई हैं, जहां आसमान में काले घने बादलों का डेरा जमा हुआ है और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिकों का अनुमान है कि यदि हवाओं की यही गति बनी रही, तो अगले 3 से 4 दिनों के भीतर मॉनसून गोवा और महाराष्ट्र के तटीय इलाकों को पूरी तरह से कवर कर लेगा, जो पिछले कई हफ्तों से सूखे और पानी की किल्लत से जूझ रहे दक्षिण भारत के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी है।
उत्तर और पश्चिम भारत में प्रचंड गर्मी का बवंडर और लू का जानलेवा प्रकोप
दक्षिण भारत में जहां मौसम सुहाना और बारिश वाला बना हुआ है, वहीं उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में सूरज की तपिश ने सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। दिल्ली-एनसीआर, लखनऊ, जयपुर, चंडीगढ़, अमृतसर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में दोपहर के समय चलने वाली पछुआ हवाएं आग के झोंकों की तरह महसूस हो रही हैं, जिससे अधिकतम तापमान 43 से 46 डिग्री सेल्सियस के खतरनाक स्तर के बीच बना हुआ है। रात के समय भी न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किए जाने के कारण लोगों को रात में भी उमस और गर्मी से कोई राहत नहीं मिल पा रही है।
प्रचंड लू की यह स्थिति कई राज्यों में रेड और ऑरेंज अलर्ट के स्तर पर पहुंच चुकी है, जिसके कारण हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और मौसमी बीमारियों के मामलों में अचानक वृद्धि देखी जा रही है। जिला अस्पतालों और आपातकालीन चिकित्सा केंद्रों में गर्मी से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसे देखते हुए स्वास्थ्य विभागों ने विशेष गाइडलाइंस जारी की हैं।
देश की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों जैसे नोएडा, गुरुग्राम और गाजियाबाद में आज आसमान पूरी तरह से साफ और शुष्क बना रहेगा। अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 30 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच चलने वाली तेज लू के कारण दिन बेहद कठिन रहने वाला है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित पूरे मध्य और पूर्वी यूपी में 5 जून को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। हालांकि स्थानीय मौसमी दबाव के कारण शाम को कुछ पश्चिमी या तटीय जिलों में धूल भरी आंधी या हल्की बूंदाबांदी हो सकती है, लेकिन कुल मिलाकर झुलसाने वाली गर्मी का प्रकोप जारी रहेगा। कानपुर और वाराणसी में भी यही स्थिति बनी हुई है। राजस्थान का जयपुर और मरुस्थलीय जिला चुरू इस समय देश के सबसे गर्म स्थानों में शामिल हैं, जहां पारा 46 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। पंजाब और हरियाणा में भी शुष्क हवाओं के कारण मौसम पूरी तरह से शुष्क और गर्म बना हुआ है।
मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत के राज्यों में मौसम की हलचल
मध्य भारत के राज्यों जैसे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गर्मी के साथ-साथ अब शाम के समय प्री-मॉनसून आंधी-बारिश की गतिविधियां शुरू हो गई हैं। भोपाल, इंदौर और रायपुर में दिनभर तेज और चुभती हुई धूप निकलने के बाद देर शाम को अचानक गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल रही हैं और हल्की बारिश हो रही है, जिससे रात के तापमान में थोड़ी गिरावट दर्ज की जा रही है।
दूसरी तरफ, कोलकाता और ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली हवाओं के कारण उमस का स्तर 80 प्रतिशत से ऊपर चला गया है, जिसके कारण अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस होने के बावजूद लोगों को अत्यधिक पसीना और बेचैनी महसूस हो रही है।
दक्षिण भारत के अन्य प्रमुख शहरों जैसे चेन्नई, बेंगलुरु और हैदराबाद में मॉनसून के बादलों ने डेरा डाल दिया है। बेंगलुरु में दिन का अधिकतम तापमान घटकर मात्र 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच आ गया है, जिससे वहां का मौसम बेहद खुनुमा और सुहावना बना हुआ है। चेन्नई और तमिलनाडु के तटीय इलाकों में लगातार हो रही मानसूनी बारिश के कारण कृषि कार्यों, विशेषकर धान की नर्सरी तैयार करने वाले किसानों को एक बड़ा सहारा मिला है, हालांकि मछुआरों को अभी गहरे समुद्र में न जाने की कड़क चेतावनी दी गई है।
प्रमुख शहरों का सटीक और विस्तृत मौसम पूर्वानुमान
दिल्ली में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस रहेगा, जहां आसमान साफ रहने के साथ प्रचंड लू और गर्म हवाएं चलेंगी। मुंबई में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जाएगा, जहां घने बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक के साथ प्री-मॉनसून बारिश होने की संभावना है। लखनऊ का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस रहेगा, जहां आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ अत्यधिक उमस और गर्मी परेशान करेगी।
कोलकाता में अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है, जहां आसमान में धुंध के साथ अत्यधिक चिपचिपी उमस बनी रहेगी। चेन्नई में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहेगा, जहां बादलों की आवाजाही के बीच भारी मानसूनी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। बेंगलुरु में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज होगा, जहां सुहावने मौसम के साथ लगातार मध्यम मानसूनी फुहारें गिरेंगी। जयपुर में अधिकतम तापमान 46 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहेगा, जहां आसमान साफ रहने के साथ रिकॉर्ड तोड़ गर्मी और शुष्क मौसम का सामना करना पड़ेगा।
यात्रियों, नागरिकों और किसानों के लिए मौसम विभाग की महत्वपूर्ण सलाह
उत्तर और पश्चिम भारत के नागरिकों को डॉक्टरों द्वारा यह विशेष सलाह दी जाती है कि वे सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच अनिवार्य कार्यों के बिना सीधे धूप में बाहर निकलने से पूरी तरह बचें। बाहर निकलते समय सूती कपड़े से चेहरा ढकें और छाते का उपयोग करें।
शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन से बचने के लिए लगातार सादा पानी, नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ और ओआरएस के घोल का सेवन करते रहें। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर विशेष नजर रखें।
दक्षिण भारत और केरल की ओर यात्रा करने वाले पर्यटकों और व्यापारिक यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे भारी बारिश के कारण होने वाली ट्रेनों या फ्लाइट्स की देरी का आधिकारिक अपडेट पहले से चेक करके ही घर से निकलें। उत्तर भारत के किसानों को अभी खरीफ फसलों की बुवाई के लिए मानसूनी बारिश का थोड़ा और इंतजार करने को कहा गया है, जबकि वे अपने खेतों की जुताई कर तैयारी रख सकते हैं।
निष्कर्ष
समग्र रूप से देखा जाए तो 5 जून 2026 का यह दिन देश के भौगोलिक और मौसमी परिदृश्य के लिए एक बहुत बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो रहा है। जहां एक तरफ दक्षिण में समय से पहुंचे मॉनसून की यह सुखद शुरुआत देश की कृषि, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जल संसाधनों के लिए एक बेहद सकारात्मक व संजीवनी संकेत लेकर आई है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में रहने वाले नागरिकों के लिए अभी आगामी दो हफ्तों तक भीषण गर्मी और लू की चुनौतियों से पूरी सावधानी और सतर्कता के साथ निपटने की कड़ी आवश्यकता बनी हुई है। मौसम में हो रहे इन त्वरित और अप्रत्याशित बदलावों के बीच सुरक्षित व स्वस्थ रहने का एकमात्र तरीका यही है कि आप मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जारी होने वाले डेली वेदर अपडेट्स पर लगातार नजर बनाए रखें और प्रशासनिक नियमों का कड़ाई से पालन करें।
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