Aaj Ka Mausam 24 June 2026:: दिल्ली-एनसीआर और यूपी में भीषण गर्मी का प्रकोप, प्री-मॉनसून आंधी और बारिश का येलो अलर्ट जारी, जानें अपने शहर का हाल
दिल्ली-एनसीआर और यूपी में भीषण गर्मी का प्रकोप, प्री-मॉनसून आंधी-बारिश का येलो अलर्ट, जानें अपने शहर का हाल
Aaj Ka Mausam 24 June 2026: उत्तर भारत के बड़े हिस्से में भीषण गर्मी और उमस का सितम लगातार जारी है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक 24 जून 2026, दिन बुधवार को देश की राजधानी दिल्ली, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) और उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में प्री-मॉनसून गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आज आसमान में आंशिक रूप से घने बादल छाए रहेंगे और तेज धूप के बीच कुछ चुनिंदा इलाकों में तेज आंधी के साथ छिटपुट बारिश देखने को मिल सकती है। हालांकि, इस आंधी-पानी से तापमान में बहुत बड़ी गिरावट दर्ज नहीं की जाएगी और दिन का अधिकतम तापमान 42 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की आशंका है, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, मॉनसून की उत्तरी सीमा इस समय पूर्वी और मध्य भारत के हिस्सों में मजबूती से आगे बढ़ रही है, लेकिन दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में पूर्ण मॉनसून की दस्तक के लिए अभी लोगों को थोड़ा और इंतजार करना होगा। इस संक्रमण काल के दौरान हवा के दबाव में आ रहे बदलावों के कारण धूल भरी आंधी और आकाशीय बिजली चमकने का खतरा काफी बढ़ गया है। मौसम विशेषज्ञों ने आम जनता को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय, खासकर सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच, बहुत जरूरी न होने पर घरों से बाहर न निकलें और मौसम के बदलते मिजाज को देखते हुए पूरी सतर्कता बरतें।
दिल्ली-एनसीआर में मौसम का मिजाज और येलो अलर्ट का असर
राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों जैसे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आज बुधवार को सुबह से ही तेज धूप और उमस का माहौल बना हुआ है। मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसका मतलब है कि दोपहर बाद या शाम के समय मौसम में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा सकता है, जो सामान्य से अधिक है।
दफ्तर जाने वाले और फील्ड में काम करने वाले लोगों को आज लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, राहत की बात यह है कि दोपहर के बाद 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं अचानक 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार में बदल सकती हैं, जिससे धूल भरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ हल्की बूंदबांदी होने के आसार बनेंगे। शाम के समय बादलों की आवाजाही से वातावरण में थोड़ी ठंडक महसूस हो सकती है, लेकिन हवा में नमी बढ़ने के कारण उमस का स्तर काफी ऊंचा रहेगा।
लखनऊ और अवध क्षेत्र में पारे का टॉर्चर, तेज हवाओं की चेतावनी
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और इसके आसपास के अवध क्षेत्र में गर्मी का टॉर्चर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, लखनऊ में आज का मौसम हल्के धुंध और अत्यधिक तपन के साथ गर्म बना रहेगा। शहर का अधिकतम तापमान 43 से 44 डिग्री सेल्सियस के रिकॉर्ड स्तर को छू सकता है, वहीं न्यूनतम तापमान भी 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है, जिससे रात के समय भी लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। आसमान में बादलों की आवाजाही तो देखी जाएगी, लेकिन लखनऊ और इसके नजदीकी जिलों में भारी बारिश की उम्मीद बेहद कम है।
अवध क्षेत्र के अन्य प्रमुख जिलों जैसे कानपुर, अयोध्या, सुल्तानपुर और वाराणसी में भी सूर्य देव के तीखे तेवर बरकरार रहेंगे। इन क्षेत्रों में गर्म पछुआ हवाएं चलने के कारण राहगीरों और खुले में काम करने वाले मजदूरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों ने इस क्षेत्र के किसानों को विशेष हिदायत दी है कि वे अपनी खड़ी फसलों को सूखने से बचाने के लिए सिंचाई का उचित प्रबंधन करें। आम लोगों के लिए डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस मौसम में शरीर में पानी की कमी न होने दें और हल्के सूती कपड़ों का ही चुनाव करें।
पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव
उत्तर प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्रों की बात करें तो आज पूर्वांचल और पश्चिमी यूपी के मौसम में काफी असमानता देखने को मिल सकती है। बिहार से सटे पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों, जैसे गोरखपुर, देवरिया, बलिया, गाजीपुर और वाराणसी में मॉनसून की पूर्वी शाखा के प्रभाव से प्री-मॉनसून गतिविधियां काफी ज्यादा सक्रिय नजर आ रही हैं। इन जिलों में गरज-चमक के साथ हल्के से मध्यम स्तर की बारिश होने की प्रबल संभावना है, जिससे वहां के स्थानीय निवासियों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिल सकती है और तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी।
इसके विपरीत, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों जैसे मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़ और आगरा में गर्मी का प्रकोप अपने चरम पर रहेगा। इन इलाकों में राजस्थान की तरफ से आने वाली गर्म हवाएं तापमान को बढ़ाए रखेंगी, जिससे दिन का पारा 44 डिग्री के पार भी जा सकता है। दिल्ली से सटे नोएडा और गाजियाबाद में भी मौसम का हाल दिल्ली जैसा ही रहेगा, जहाँ दिन भर उमस और तपन के बाद शाम को आंधी-पानी की संभावना बनी हुई है। पूरे राज्य में रातें अपेक्षाकृत बेहद गर्म और बेचैन करने वाली रहने वाली हैं।
दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2026 की प्रगति और राष्ट्रीय स्थिति
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के राष्ट्रीय बुलेटिन के अनुसार, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून 2026 इस समय देश के पूर्वी और मध्य राज्यों में काफी तेजी से कदम बढ़ा रहा है। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक के तटीय इलाकों के साथ-साथ ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार के अधिकांश हिस्सों में मॉनसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है और वहां अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है। इन राज्यों में हो रही लगातार बारिश से खेती-किसानी के कामों में तेजी आई है और जलाशयों का जलस्तर भी सुधरा है।
हालांकि, उत्तर भारत के मैदानी राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में मॉनसून के विधिवत प्रवेश में अभी कुछ दिनों का समय और लग सकता है। आईएमडी के शुरुआती दीर्घकालिक पूर्वानुमान के मुताबिक, इस साल उत्तर भारत में मॉनसून सामान्य से थोड़ा कमजोर या ढीला रह सकता है। मौसम विभाग की इस चेतावनी को ध्यान में रखते हुए कृषि विशेषज्ञों ने देश के किसान भाइयों को जल संरक्षण की तकनीकों को अपनाने और फसलों के उचित प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है।
भीषण गर्मी का स्वास्थ्य पर असर और डॉक्टरों की जरूरी सलाह
जून के महीने में पड़ने वाली इस असहनीय गर्मी और उमस का सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर देखने को मिल रहा है। अस्पतालों में इन दिनों डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, डायरिया और त्वचा संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में अचानक भारी इजाफा हुआ है। वरिष्ठ डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में शरीर का तापमान अचानक बढ़ने से लू लगने का खतरा सबसे ज्यादा होता है, जो बुजुर्गों और छोटे बच्चों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।
बचाव के लिए डॉक्टरों ने कुछ महत्वपूर्ण गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसके तहत दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचने की सलाह दी गई है। शरीर को हमेशा हाइड्रेटेड रखने के लिए सादे पानी के अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ, लस्सी और ताजे फलों के जूस का सेवन बढ़ा देना चाहिए। घरों में एयर कंडीशनर या कूलर का इस्तेमाल करते समय इस बात का ध्यान रखें कि कमरे के तापमान और बाहर के तापमान में बहुत ज्यादा अंतर न हो, अन्यथा सर्दी-गर्मी की शिकायत हो सकती है। बाहर निकलते समय चेहरे को कपड़े से ढकना और मास्क का उपयोग करना धूल भरी आंधी से बचा सकता है।
Aaj Ka Mausam 24 June 2026: आंधी-तूफान के बीच कृषि और किसानों के लिए विशेष गाइडलाइंस
मौसम में आ रहे इस अचानक बदलाव और प्री-मॉनसून की आहट को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के लिए एक विशेष कृषि परामर्श जारी किया है। जिन किसानों ने धान की नर्सरी तैयार कर ली है या जो गन्ने और सब्जियों की खेती कर रहे हैं, उन्हें अपने खेतों में नमी का स्तर बनाए रखने के लिए नियमित अंतराल पर हल्की सिंचाई करते रहना चाहिए। सिंचाई का काम हमेशा सुबह के समय या देर शाम को करना फायदेमंद रहता है, क्योंकि दोपहर की तेज धूप में पानी जल्दी वाष्पित हो जाता है।
इसके साथ ही, मौसम विभाग द्वारा जारी आंधी और बिजली चमकने की चेतावनी को देखते हुए किसानों को सख्त सलाह दी गई है कि जब भी आसमान में काले बादल छाएं या तेज हवाएं चलने लगें, तो वे तुरंत खेतों में काम करना बंद कर दें और किसी सुरक्षित पक्के मकान की शरण लें। आंधी के समय बड़े पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे बिल्कुल खड़े न हों। अपने दुधारू पशुओं को भी खुले मैदानों में बांधने के बजाय छायादार और सुरक्षित स्थानों पर रखें तथा उन्हें पीने का साफ और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएं।
यातायात, विजिबिलिटी और उड़ानों पर संभावित असर
मौसम की इस उथल-पुथल का असर केवल जनजीवन पर ही नहीं, बल्कि सड़क और हवाई यातायात पर भी देखने को मिल सकता है। दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हाईवे पर दोपहर बाद चलने वाली तेज धूल भरी हवाओं के कारण अचानक विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम हो सकती है, जिससे सड़क हादसों का खतरा बढ़ जाता है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि आंधी के दौरान अपनी गाड़ियों की रफ्तार धीमी रखें और हेडलाइट्स का प्रयोग करें।
हवाई और रेल यातायात की बात करें तो दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे और लखनऊ के अमौसी हवाई अड्डे पर आने-जाने वाली कुछ फ्लाइट्स के समय में मामूली बदलाव या देरी होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। धूल भरी आंधी के कारण विमानों को लैंडिंग और टेक-ऑफ में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने घरों से निकलने से पहले संबंधित एयरलाइंस या रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी यात्रा का लेटेस्ट स्टेटस जरूर चेक कर लें।
आगामी दिनों का मौसम पूर्वानुमान और आईएमडी की अंतिम गाइडलाइंस
मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के महानिदेशक द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, 24 (Aaj Ka Mausam 24 June 2026) जून के बाद उत्तर भारत के मौसम में और अधिक बदलाव आने की उम्मीद है। 25 और 26 जून को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं के आपस में टकराने के कारण उत्तर प्रदेश और दिल्ली के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी। इस दौरान भारी बारिश तो नहीं होगी, लेकिन लगातार होने वाली बूंदाबांदी से तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को इस जानलेवा गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।
मौसम विभाग ने अंतिम सलाह में कहा है कि आपदा की स्थिति से बचने के लिए स्थानीय प्रशासन द्वारा समय-समय पर जारी किए जाने वाले संदेशों और चेतावनियों पर ध्यान दें। किसी भी प्रकार की आपातकालीन स्थिति जैसे पेड़ गिरने या बिजली का तार टूटने पर तुरंत स्थानीय बिजली विभाग या प्रशासन के हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें। खुद को सुरक्षित रखें, ठंडे पदार्थों का सेवन करें और बदलते मौसम के इस दौर में अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें।
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