Swatantra Bhardwaj: स्वतंत्र भारद्वाज की नई धमकी, जरूरत पड़ी तो दोबारा सिर फोड़ दूंगा, सीजेपी का संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन
Swatantra Bhardwaj: स्वतंत्र भारद्वाज की नई धमकी, जरूरत पड़ी तो दोबारा सिर फोड़ दूंगा, सीजेपी का संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन
Swatantra Bhardwaj: सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान छात्रा निशु आजाद के पिता संजय कुमार के सिर पर वार के आरोप के बाद अब उन्होंने साफ कहा है कि पछतावा नहीं है। टीवी से बात करते हुए भारद्वाज ने चेतावनी दी कि अगर दोबारा घेर लिया गया तो वही करेंगे। कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के समर्थक शुक्रवार को संसद मार्ग थाने के बाहर जमा हुए और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि चोट मामूली थी और शिकायत पर मामला दर्ज है। भारद्वाज ने आत्मरक्षा का दावा किया है जबकि सीजेपी इसे गंभीर हमला बता रही है। पूरा मामला जून-जुलाई के प्रदर्शन से जुड़ा है जब वीडियो और बयान दोनों तरफ से सामने आए थे। अब इंटरव्यू वायरल होने के बाद विरोध तेज हो गया है और पुलिस के अगले कदम पर सबकी नजर है।
Swatantra Bhardwaj: भारद्वाज का ताजा बयान और आत्मरक्षा का दावा
स्वतंत्र भारद्वाज खुद को गौ रक्षक बताते हैं। टीवी चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्होंने वह काम आत्मरक्षा में किया। अगर ऐसा न करते तो भीड़ उन्हें पीट-पीटकर मार देती। उन्होंने जोर देकर कहा कि किए गए काम पर बिल्कुल पछतावा नहीं है।
अगर दोबारा निशाना बनाने की कोशिश हुई तो वही वार दोहराएंगे। लोहे के कंगन से प्रहार की बात उन्होंने खुद कही। यह बयान वायरल होने के बाद पूरा मामला फिर सुर्खियों में आ गया है।
पहले पॉडकास्ट वाले दावे और बाद का यू-टर्न
पहले एक पॉडकास्ट में भारद्वाज ने दावा किया था कि निशु के पापा की खोपड़ी फोड़ दी, साठ टांके लगे और उन्हें एम्बुलेंस में ले जाया गया। धारा 307 का जिक्र भी किया गया था। बाद में उन्होंने यू-टर्न ले लिया और कहा कि मजाक में बोला था क्योंकि सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं।
जंतर-मंतर पर भीड़ ने घेर लिया था इसलिए आत्मरक्षा में वार किया, ऐसा उनका कहना है। वीडियो में कथित तौर पर वे हमले की बात कर रहे थे।
सीजेपी समर्थकों का थाने के बाहर जमावड़ा
सीजेपी समर्थक शुक्रवार को संसद मार्ग थाने के बाहर इकट्ठा हुए। वे स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहते हैं। उनका आरोप है कि हमले में संजय कुमार का सिर फूट गया था।
निशु आजाद के पिता संजय आजाद ने थाने के बाहर कहा कि पुलिस ने एफआईआर में संबंधित धाराएं जोड़ने की मांग मान ली है। पुलिस ने बहत्तर घंटे के भीतर गिरफ्तारी का भरोसा दिया है। संविधान और दिल्ली पुलिस पर पूरा भरोसा जताया गया।
पुलिस का रुख और चोट का आकलन
दिल्ली पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की है। संजय कुमार की शिकायत पर कार्रवाई चल रही है। पुलिस ने साफ किया कि सिर की हड्डी नहीं टूटी थी। हाथापाई में मामूली चोट लगी और शिकायत पर मामला दर्ज है।
भारद्वाज अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं। थाने के बाहर मांग की जा रही है कि निर्धारित समय में गिरफ्तारी हो। पुलिस के मुताबिक आगे की जांच जारी है।
जुलाई की घटना और प्रदर्शन का माहौल
घटना बीस जुलाई के आसपास जंतर-मंतर पर सीजेपी के प्रदर्शन के दौरान बताई जाती है। भारद्वाज उस समय वहां पहुंचे थे। वीडियो में कथित तौर पर वे हमले की बात कर रहे थे और उसी रात घूमने का दावा भी किया था।
बाद में उन्होंने कहा कि भीड़ ने घेर लिया था इसलिए आत्मरक्षा में वार किया। दोनों तरफ से वीडियो और बयान आते रहे हैं। एक तरफ गंभीर चोट का दावा है तो दूसरी तरफ पुलिस का मामूली चोट वाला बयान।
सोशल मीडिया बयानों का असर और विवाद
पहले पॉडकास्ट में गंभीर दावा फिर मजाक बताना कई लोगों को अजीब लगा। भारद्वाज का कहना है कि इन्फ्लुएंसर होने के नाते मजाक में बोला। लेकिन सीजेपी इसे हमले की स्वीकारोक्ति मान रही है।
वायरल वीडियो ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया। ऐसे बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैलते हैं। एक तरफ आत्मरक्षा का तर्क है तो दूसरी तरफ दोबारा करने की बात। दोनों बातें एक साथ आने से विवाद और बढ़ा है।
Swatantra Bhardwaj: सार्वजनिक प्रदर्शन और इन्फ्लुएंसर की जिम्मेदारी
आम आदमी के लिए यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शन के दौरान हिंसा के आरोप बार-बार उठते हैं। सोशल मीडिया पर बयान देने वाले इन्फ्लुएंसर की जिम्मेदारी भी सवालों के घेरे में आ जाती है।
लोग सोचते हैं कि ऐसे बयान तनाव बढ़ा सकते हैं। अदालत और जांच ही सच तय करेगी। मामले की आगे की जानकारी अभी आनी बाकी है।
दिल्ली पुलिस के अगले कदम पर सबकी नजर टिकी हुई है। गिरफ्तारी होती है या नहीं और एफआईआर में कौन सी धाराएं रहती हैं यह आने वाले घंटों में साफ होगा। जंतर-मंतर जैसी जगह पर प्रदर्शन के दौरान हुई हाथापाई का यह मामला आत्मरक्षा और हमले के दावों के बीच फंसा हुआ है। सीजेपी समर्थक कार्रवाई की मांग कर रहे हैं जबकि पुलिस मामूली चोट बता रही है। स्वतंत्र भारद्वाज के ताजा बयान ने पुरानी घटना को फिर जीवित कर दिया है। जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी और कानूनी प्रक्रिया अपना काम करेगी।
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