Share Market Today: शेयर बाजार की सुस्त लेकिन सकारात्मक शुरुआत: सेंसेक्स में हल्की बढ़त, निफ्टी 24,300 के पार कायम, ऑटो और NBFC शेयरों में खरीदारी
सेंसेक्स-निफ्टी की सकारात्मक शुरुआत, ऑटो और NBFC शेयरों में तेजी जबकि आईटी सेक्टर दबाव में रहा।
Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत सुस्त लेकिन सकारात्मक रुझान के साथ हुई। वैश्विक बाजारों से मिले मजबूत संकेतों और घरेलू स्तर पर विदेशी संस्थागत निवेशकों की निरंतर खरीदारी के चलते बेंचमार्क सूचकांकों में हल्की तेजी दर्ज की गई। प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स जहाँ मामूली बढ़त के साथ खुला, वहीं निफ्टी 50 ने 24,300 के महत्वपूर्ण स्तर को बनाए रखते हुए इसके ऊपर कारोबार की शुरुआत की। पिछले कारोबारी दिन की मजबूत रिकवरी के बाद आज सुबह निवेशकों का रुख थोड़ा सतर्क नजर आया, जिसके परिणामस्वरूप बाजार में अत्यधिक आक्रामक लिवाली के बजाय चुनिंदा सेक्टर्स और शेयरों में खरीदारी देखने को मिली।
शुरुआती कारोबार का हाल और बाजार का विस्तार
कारोबारी सत्र के शुरुआती घंटे में सुबह लगभग 9:30 बजे निफ्टी 50 करीब 24,348 से 24,361 के दायरे में कारोबार करता हुआ देखा गया। इसी तरह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स भी 77,976 से 77,998 के स्तर के बीच मामूली तेजी के साथ खुला। शुरुआती झिझक के बावजूद बाजार की चौड़ाई (Market Breadth) पूरी तरह से सकारात्मक रही। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर बढ़त दर्ज करने वाले शेयरों की संख्या में गिरावट दिखाने वाले शेयरों की तुलना में स्पष्ट बढ़त देखी गई। इस सकारात्मक रुझान ने यह संकेत दिया कि भले ही बड़े हेवीवेट शेयरों में तेजी सीमित थी, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप के चुनिंदा शेयरों में निवेशकों का भरोसा बना हुआ था।
पिछले सत्र की मजबूती का असर और आधार
शुक्रवार की इस स्थिर शुरुआत के पीछे गुरुवार को दर्ज की गई बाजार की शानदार रिकवरी का बड़ा योगदान रहा। गुरुवार को कारोबारी सत्र के दौरान सेंसेक्स 273.55 अंक यानी 0.35 प्रतिशत बढ़कर 77,928.15 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी 50 ने 66.95 अंक यानी 0.28 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,317.15 का स्तर हासिल किया था। गुरुवार को बाजार को मुख्य रूप से ऑटोमोबाइल और ऑयल एंड गैस सेक्टर के शेयरों से बड़ा समर्थन मिला था। महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति सुजुकी, आयशर मोटर्स और कोल इंडिया जैसे दिग्गज शेयर टॉप गेनर्स की सूची में शामिल रहे थे। इसके ठीक विपरीत, अदानी पोर्ट्स के शेयर में भारी बिकवाली देखी गई थी और यह 3 प्रतिशत से अधिक टूटकर बंद हुआ था। एचडीएफसी लाइफ और श्रीराम फाइनेंस में भी गुरुवार को मुनाफावसूली हावी रही थी।
आज की सकारात्मक शुरुआत के प्रमुख वैश्विक और घरेलू कारक
शुक्रवार को भारतीय बाजारों में सुस्त ही सही, पर बढ़त के साथ हुई शुरुआत के पीछे कई अनुकूल कारण रहे। अमेरिकी बाजारों में रातों-रात दर्ज की गई मजबूती और वॉल स्ट्रीट पर आई तेजी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को बढ़ाया। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया के कोस्पी और जापान के निकेई में दिखी तेजी का भी घरेलू सेंटीमेंट पर अनुकूल असर पड़ा। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी ने भारतीय अर्थव्यवस्था और कॉरपोरेट मार्जिन के दृष्टिकोण से राहत पहुँचाने का काम किया। सिंगापुर में ट्रेड करने वाले जीआईएफटी निफ्टी (GIFT Nifty) ने भी सुबह 24,400 के पार जाकर भारतीय बाजार के लिए सकारात्मक शुरुआत के स्पष्ट संकेत दे दिए थे।
इसके साथ ही घरेलू मोर्चे पर सबसे बड़ा संबल विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की वापसी से मिला है। पिछले कारोबारी सत्र में विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी बाजार में लगभग 3,600 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की। एफआईआई की इस लगातार लिवाली से घरेलू निवेशकों का मनोबल भी बढ़ा है। घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) भी बाजार को सहारा देने में लगातार अपनी भूमिका निभा रहे हैं।
Share Market Today: क्षेत्रवार (Sector-wise) प्रदर्शन का विश्लेषण
शुक्रवार के शुरुआती सत्र में सेक्टोरल आधार पर काफी मिला-जुला रुझान देखने को मिला। ऑटो सेक्टर लगातार दूसरे दिन मजबूती का प्रदर्शन करता नजर आया। वाहन निर्माता कंपनियों में संस्थागत और खुदरा दोनों तरह की खरीदारी बनी रही। इसके अलावा गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) और चुनिंदा वित्तीय शेयरों में तेजी का माहौल रहा। ऊर्जा (Energy) और चुनिंदा धातुओं (Metals) से जुड़े शेयरों में भी दिन की शुरुआत में अच्छी गतिविधि और हलचल देखी गई।
दूसरी तरफ, सूचना प्रौद्योगिकी (IT) सेक्टर आज के शुरुआती सत्र में सबसे ज्यादा दबाव में दिखाई दिया। आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों जैसे इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), एचसीएल टेक और विप्रो में बिकवाली का रुझान बना रहा, जिसने सूचकांक की कुल बढ़त को सीमित करने का काम किया। आईटी के अलावा रियल्टी और चुनिंदा फार्मा शेयरों में भी शुरुआती कारोबार में सुस्ती और मामूली कमजोरी दर्ज की गई।
टॉप गेनर्स और लूजर्स की स्थिति
आज के शुरुआती सत्र में गैर-बैंकिंग वित्तीय क्षेत्र के दिग्गज बजाज फाइनेंस के शेयर में बेहतरीन तेजी दर्ज की गई, जो बाजार के प्रमुख गेनर्स में शामिल रहा। श्रीराम फाइनेंस और महिंद्रा एंड महिंद्रा ने भी शुरुआती घंटों में अच्छी मजबूती के साथ ट्रेड किया। ऑटो शेयर जैसे मारुति सुजुकी और महिंद्रा एंड महिंद्रा गुरुवार के लाभ को बरकरार रखते हुए आज भी हरे निशान में कारोबार करते दिखे।
इसके विपरीत, बिकवाली के मोर्चे पर आईटी दिग्गज इंफोसिस और टीसीएस सबसे आगे रहे। इन बड़ी कंपनियों में आई गिरावट ने सेंसेक्स और निफ्टी की रफ्तार पर अंकुश लगाया। वहीं अदानी पोर्ट्स जैसे शेयर पिछले दिन की बड़ी गिरावट के बाद आज भी काफी सतर्क दायरे में कारोबार करते नजर आए।
तकनीकी स्तर, समर्थन और प्रतिरोध
बाजार विशेषज्ञों (Share Market Today) और तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, निफ्टी 50 के लिए 24,300 से 24,350 का दायरा एक बहुत ही मजबूत सपोर्ट ज़ोन के रूप में काम कर रहा है। यदि निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिकने में सफल रहता है, तो आने वाले सत्रों में यह 24,500 से 24,600 के ऊपरी स्तरों की ओर बढ़ने का प्रयास कर सकता है। नीचे की तरफ गिरावट की स्थिति में 24,200 से 24,250 का स्तर निफ्टी के लिए मजबूत सुरक्षा कवच (Immediate Support) बना हुआ है।
दूसरी ओर सेंसेक्स के लिए 78,000 का स्तर एक महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक रुकावट या रेजिस्टेंस बना हुआ है। विश्लेषकों का मानना है कि सेंसेक्स के लिए निकट अवधि में 77,800 से 78,200 का दायरा तकनीकी रूप से काफी संवेदनशील रहेगा। यदि सेंसेक्स 78,200 के ऊपर मजबूती से बंद होता है, तो इसमें नई तेजी देखने को मिल सकती है।
निवेशकों के लिए रणनीति और विशेषज्ञों की राय
मौजूदा बाजार स्थितियों को देखते हुए बाजार विशेषज्ञों का सुझाव है कि उच्च स्तरों पर नए निवेशकों को आक्रामक होकर एकमुश्त खरीदारी करने से बचना चाहिए। मौजूदा अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए गुणवत्तापूर्ण शेयरों में व्यवस्थित और चरणबद्ध (SIP) तरीके से निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार ऑटो, बैंकिंग, एनबीएफसी और चुनिंदा कैपिटल गुड्स सेक्टर्स में मध्यम से लंबी अवधि के लिए निवेश के अच्छे अवसर दिखाई दे रहे हैं। आईटी सेक्टर में वैश्विक चुनौतियों के कारण अभी दबाव बना हुआ है, इसलिए इसमें प्रवेश करते समय निवेशकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। लंबी अवधि के दृष्टिकोण से भारतीय बाजार की बुनियादी बनावट काफी मजबूत बनी हुई है और कंपनियों की तिमाही आय में सुधार के संकेत सकारात्मक हैं।
निष्कर्ष और आगे का परिदृश्य
शुक्रवार की सुस्त शुरुआत के बावजूद भारतीय बाजार का समग्र मूड और धारणा सकारात्मक बनी हुई है। निफ्टी का 24,300 के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर स्थिर बने रहना निवेशकों और ट्रेडर्स दोनों के लिए एक राहत भरा संकेत है। दिन के बाकी बचे कारोबारी समय में बाजार की चाल काफी हद तक यूरोपीय बाजारों के खुलने, वैश्विक राजनीतिक घटनाक्रमों और कच्चे तेल के रुझान पर निर्भर करेगी।
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