Govinda Hit Song: गोविंदा का ये सुपरहिट गाना है भोजपुरी लोकगीत का हिंदी वर्जन, 28 साल बाद भी शादियों और पार्टियों में धूम मचा रहा है यह ट्रैक
'अंखियों से गोली मारे' की दिलचस्प कहानी, जानें कैसे भोजपुरी लोकगीत बना बॉलीवुड का सुपरहिट ट्रैक
Govinda Hit Song: हिंदी सिनेमा के ‘डांसिंग किंग’ कहे जाने वाले अभिनेता गोविंदा के फिल्मी सफर में एक से बढ़कर एक ब्लॉकबस्टर और थिरकने पर मजबूर करने वाले गाने रहे हैं। नब्बे के दशक में गोविंदा की फिल्मों के गीतों ने हर वर्ग के दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया था। उन्हीं गीतों में से एक बेहद खास गाना है जो मूल रूप से बिहार के एक ठेठ भोजपुरी लोकगीत से प्रेरित था और बाद में बॉलीवुड में शामिल होकर एक नया इतिहास रच गया। साल 1998 में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर कॉमेडी फिल्म दूल्हे राजा का गाना ‘अपने दीवाने का कर दे बुरा हाल कि अंखियों से गोली मारे’ आज भी लोगों की जुबान पर चढ़ा हुआ है। बहुत कम लोग जानते हैं कि इस गाने की धुन और मूल अवधारणा टी-सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार द्वारा एक गांव में सुने गए भोजपुरी गीत से ली गई थी, जिसे बाद में हिंदी दर्शकों के लिए ढाला गया।
भोजपुरी लोकगीत से बॉलीवुड ब्लॉकबस्टर तक का दिलचस्प सफर
इस गाने के जन्म की कहानी बेहद रोचक है। टी-सीरीज के सर्वेसर्वा गुलशन कुमार जब बिहार के एक गांव के दौरे पर थे, तब उन्होंने वहां के स्थानीय गायकों द्वारा गाया जा रहा एक बेहद लोकप्रिय भोजपुरी लोकगीत सुना। उस पारंपरिक गीत के बोल थे— “जब से सिपहिया से भईल हवलदार कि नाथुनिए से गोली मारे”। गुलशन कुमार इस धुन की जबरदस्त रिदम और मस्ती से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने तुरंत इसके अधिकार सुरक्षित किए और मशहूर गीतकार समीर अनजान से संपर्क किया। गुलशन कुमार ने समीर अनजान से कहा कि इस लोकगीत की आत्मा को बरकरार रखते हुए इसे हिंदी सिनेमा के दर्शकों के लिए दोबारा लिखा जाए। समीर अनजान ने भोजपुरी शब्द ‘नथुनिया’ (नाक की नथ) को बदलकर ‘अंखियों’ कर दिया और इस तरह ‘अंखियों से गोली मारे’ गीत का निर्माण हुआ।
दूल्हे राजा फिल्म में कैसे शामिल हुआ यह गाना और सोनू निगम की आवाज का जादू
इस गाने को म्यूजिक डायरेक्टर जोड़ी आनंद-मिलिंद ने कंपोज किया और इसे फिल्म दूल्हे राजा में शामिल किया गया। शुरुआती दौर में इस गाने को पॉप सिंगर अल्ताफ राजा से गवाने का विचार बनाया गया था, लेकिन फीस और तिथियों को लेकर बात न बनने के बाद पार्श्व गायक सोनू निगम को चुना गया। सोनू निगम की ऊर्जावान और चुलबुली आवाज ने इस गाने में नई जान फूंक दी। जब इस गाने को पर्दे पर गोविंदा और रवीना टंडन पर फिल्माया गया, तो दोनों के ऊर्जावान डांस स्टेप्स, अद्भुत फेशियल एक्सप्रेशन्स और ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री ने इसे आइकॉनिक बना दिया। फिल्म रिलीज होते ही यह गाना रातों-रात नेशनल सेंसेशन बन गया।
28 साल बाद भी सोशल मीडिया रील्स और शादियों में वही पुरानी दीवानगी
रिलीज के 28 साल बीत जाने के बावजूद (Govinda Hit Song) इस गाने का क्रेज आज भी कम नहीं हुआ है। शादी-ब्याह के समारोहों, डीजे नाइट्स, कॉलेज फेस्ट से लेकर इंस्टाग्राम रील्स और यूट्यूब शॉर्ट्स तक, यह गाना आज की युवा पीढ़ी के बीच भी उतना ही लोकप्रिय है। गाने की सादगी, बीट्स की मस्ती और कैची हुक लाइन इसे हर दौर के लिए प्रासंगिक बनाए रखती है। इस गाने की अपार सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाद में साल 2002 में गोविंदा और रवीना टंडन को लेकर इसी गाने के नाम पर ‘अंखियों से गोली मारे’ शीर्षक से एक पूरी फिल्म भी बनाई गई थी।
Govinda Hit Song: क्षेत्रीय लोक संगीत और बॉलीवुड का मजबूत सांस्कृतिक रिश्ता
यह गाना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि भारत का क्षेत्रीय लोक संगीत कितना समृद्ध और सामर्थ्यवान है। जब भी बॉलीवुड ने अपनी जड़ों और ग्रामीण लोक धुनों से प्रेरणा ली है, उसने एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। गुलशन कुमार की पारखी नज़र, समीर अनजान के सहज शब्द, आनंद-मिलिंद का संगीत और गोविंदा-रवीना की बेमिसाल जुगलबंदी ने एक भोजपुरी लोकगीत को पूरे देश का सर्वकालिक पसंदीदा गाना बना दिया।
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