Share Market Today: हरे निशान में खुले सेंसेक्स-निफ्टी, TCS में 4.5% की तेजी
23 अक्टूबर को शेयर बाजार की मजबूत शुरुआत, TCS और इंफोसिस में खरीदारी के बीच मिडकैप-स्मॉलकैप पर दबाव।
Share Market Today: सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार, 23 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार ने पिछले कई सत्रों से जारी गिरावट के सिलसिले पर ब्रेक लगाते हुए मजबूत शुरुआत की। दलाल स्ट्रीट पर सुबह से ही चौतरफा खरीदारी देखने को मिली, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र के दिग्गजों ने बाजार को संभालने में सबसे अहम भूमिका निभाई। शुरुआती घंटी बजते ही बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स और एनएसई का निफ्टी 50 दोनों ही उल्लेखनीय बढ़त के साथ हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। हालांकि, लार्जकैप में आई इस मजबूती के उलट व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) में निवेशकों का रुख अभी भी सतर्क बना हुआ है।
Share Market Today: सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त के साथ शुरुआत
घरेलू शेयर बाजार के शुरुआती आंकड़ों पर नजर डालें तो सुबह के शुरुआती मिनटों में ही सेंसेक्स करीब 390 अंक यानी 0.53 प्रतिशत की छलांग लगाकर 73,634.08 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं दूसरी तरफ, एनएसई निफ्टी 50 भी अपनी पिछली गिरावट से उबरते हुए 0.16 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22,726 के आसपास मजबूती से टिकने की कोशिश करता दिखा। पिछले कारोबारी दिनों में लगातार बिकवाली झेल रहे खुदरा और संस्थागत निवेशकों के लिए यह शुरुआती उछाल थोड़ी राहत लेकर आया है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निचले स्तरों पर आई वैल्यू बाइंग ने सूचकांकों को सहारा दिया है, हालांकि दिन चढ़ने के साथ वैश्विक संकेतों का असर देखने को मिल सकता है।
टीसीएस और इंफोसिस के दम पर दौड़ा निफ्टी आईटी
शुक्रवार के शुरुआती सत्र में आईटी कंपनियों के शेयरों में जोरदार लिवाली देखने को मिली। देश की सबसे बड़ी सॉफ्टवेयर निर्यातक कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के शेयरों में लगभग 4.5 प्रतिशत तक का उछाल दर्ज किया गया, जिसने निफ्टी को ऊपर खींचने में सबसे बड़ा योगदान दिया। दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस के शेयर भी करीब 2.6 प्रतिशत की तेजी के साथ कारोबार करते दिखे, जबकि एचसीएल टेक्नोलॉजीज में 2 प्रतिशत के आसपास बढ़त बनी रही। वैश्विक स्तर पर टेक शेयरों में चल रही उथल-पुथल के बीच घरेलू आईटी दिग्गजों में आई इस मजबूती से निफ्टी आईटी इंडेक्स शीर्ष लाभ कमाने वाले सेक्टर्स में शामिल हो गया। चालू तिमाही के नतीजों और नए क्लाइंट सौदों को लेकर बाजार की उम्मीदें इन शेयरों में उत्साह भर रही हैं।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों पर लगातार बना हुआ है दबाव
मुख्य बेंचमार्क सूचकांकों में आई इस तेजी के बावजूद शेयर बाजार का मिजाज पूरी तरह सकारात्मक नहीं कहा जा सकता। व्यापक बाजार में अब भी बिकवाली का दबाव साफ तौर पर हावी है। मिडकैप इंडेक्स में 0.3 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में लगभग 0.7 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। यह स्थिति दर्शाती है कि बाजार में इस समय तेजी चुनिंदा बड़े दिग्गजों (लार्जकैप) तक ही सीमित है, जबकि जोखिम भरे मझोले और छोटे शेयरों से निवेशक अपना मुनाफा समेटने या पूंजी सुरक्षित करने में जुटे हैं। जानकारों का कहना है कि खुदरा निवेशकों को केवल सेंसेक्स की हरियाली देखकर किसी भी स्टॉक में आक्रामक खरीदारी करने से बचना चाहिए।
Share Market Today: कच्चे तेल का 113 डॉलर के पार जाना चिंता का बड़ा सबब
घरेलू बाजार में दिख रहे इस सुधार के बीच वैश्विक मोर्चे से आ रहे संकेत पूरी तरह अनुकूल नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आया ताजा उछाल भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। ब्रेंट क्रूड का भाव 113 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर चुका है। भारत अपनी जरूरत का 80 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, ऐसे में तेल की ऊंची कीमतें सीधे तौर पर देश के चालू खाता घाटे (CAD), मुद्रास्फीति (महंगाई) और रुपये की कीमत पर नकारात्मक असर डालती हैं। यदि कच्चे तेल के दाम लंबे समय तक इस उच्च स्तर पर बने रहते हैं, तो कॉरपोरेट कंपनियों के ऑपरेटिंग मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है, जिससे आगामी कारोबारी सत्रों में बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
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