Stock Market Today: शेयर बाजार में शानदार शुरुआत, सेंसेक्स 549 अंक और निफ्टी 161 अंक चढ़ा, आईटी-बैंकिंग शेयरों में जोरदार खरीदारी
आईटी, बैंकिंग और ऑटो शेयरों में खरीदारी, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी से बाजार को मिला सहारा
Stock Market Today: भारतीय शेयर बाजार ने सप्ताह के पहले कारोबारी दिन यानी सोमवार को जबरदस्त तेजी के साथ धमाकेदार शुरुआत की। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 549 अंकों की एकमुश्त बढ़त के साथ 76,608 अंक के पार जाकर खुला। वहीं दूसरी ओर, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 भी 161 अंकों की छलांग लगाकर 23,928 अंक के स्तर पर कारोबार शुरू करने में सफल रहा। मध्य पूर्व एशिया में ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ते कूटनीतिक तनाव के कम होने की खबरों तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट से निवेशकों का मनोबल काफी बढ़ा है।
शुरुआती कारोबार में बाजार के चौतरफा विस्तार में आक्रामक खरीदारी का रुझान साफ नजर आया। सेंसेक्स की प्रमुख 30 कंपनियों में से 28 कंपनियों के शेयर हरे निशान के साथ बढ़त दर्ज करते हुए खुले। इसी तरह निफ्टी 50 इंडेक्स में शामिल 50 में से 46 कंपनियों के शेयर तेजी के साथ लाल निशान से बाहर निकलकर कारोबार करते देखे गए। पिछले कुछ सत्रों से जारी अनिश्चितता, भू-राजनीतिक तनाव और गिरावट के दौर के बाद बाजार की इस हरे निशान वाली शुरुआत को निवेशकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट बनी तेजी का मुख्य कारण
वैश्विक बाजार के मोर्चे पर मध्य पूर्व में तनाव घटने की सकारात्मक खबरों ने दुनिया भर के वित्तीय बाजारों में उत्साह का संचार किया। वैश्विक बेंचमार्क ब्रांड क्रूड सहित कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार को सबसे बड़ा सहारा मिला। भारत अपनी तेल जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए कच्चे तेल का सस्ता होना देश की समग्र अर्थव्यवस्था, विदेशी मुद्रा भंडार और विभिन्न विनिर्माण कंपनियों की इनपुट लागत को कम करने में अत्यधिक मददगार साबित होता है।
बाजार के दिग्गज अर्थशास्त्रियों और विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में आई यह नरमी चालू वित्त वर्ष के लिए मुद्रास्फीति के अनुमानों पर बेहद सकारात्मक प्रभाव डालेगी। जब कच्चे तेल की दरें घटती हैं, तो देश में महंगाई दर नियंत्रित होती है, जिससे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा आगामी मौद्रिक समीक्षा बैठकों में ब्याज दरों पर दबाव कम होता है। घरेलू शेयर बाजार ने इन सभी व्यापक आर्थिक (Macroeconomic) संकेतों को बहुत ही सकारात्मक रूप में स्वीकार किया है।
आईटी सेक्टर्स के शेयरों में दिखी शानदार लिवाली
आज के कारोबारी सत्र में सूचना प्रौद्योगिकी यानी आईटी सेक्टर के दिग्गजों ने बाजार को संभालने और ऊपर ले जाने में सबसे अग्रणी भूमिका निभाई। भारत की दूसरी सबसे बड़ी आईटी कंपनी इंफोसिस के शेयर 2.17 प्रतिशत की जोरदार बढ़त के साथ हरे निशान में खुले। वहीं टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 1.42 प्रतिशत, टेक महिंद्रा में 1.37 प्रतिशत और एचसीएल टेक के शेयरों में 1.28 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर आईटी कंपनियों को मिल रहे नए टेक्नोलॉजी ऑर्डर्स और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति से इस पूरे सेक्टर को जबरदस्त मजबूती मिली।
आईटी से इतर वित्तीय और अन्य प्रमुख शेयरों में भी निवेशकों ने गहरी रुचि दिखाई। बजाज फाइनेंस के शेयर 2.17 प्रतिशत की बढ़त बनाकर कारोबार करते दिखे, जबकि पेंट्स बनाने वाली अग्रणी कंपनी एशियन पेंट्स के शेयरों में 1.69 प्रतिशत का उछाल आया। इन दिग्गज और हैवीवेट शेयरों में हुई आक्रामक लिवाली ने पूरे बाजार के सेंटिमेंट को बुलिश (Bullish) बनाए रखने में मुख्य भूमिका निभाई।
Stock Market Today: बैंकिंग, ऑटो और एयरलाइन शेयरों में बढ़ा खरीदारी का जोर
भारतीय शेयर बाजार की रीढ़ माने जाने वाले बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर्स में भी आज सुबह से ही खरीदारी का अच्छा माहौल बना रहा। देश के सबसे बड़े निजी बैंक एचडीएफसी बैंक के शेयर 0.62 प्रतिशत, एक्सिस बैंक 0.48 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक 0.46 प्रतिशत और सार्वजनिक क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के शेयर 0.41 प्रतिशत की बढ़त के साथ खुले। इसके अलावा कोटक महिंद्रा बैंक में भी 0.44 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई, जिससे बैंक निफ्टी इंडेक्स को बड़ा सहारा मिला।
ऑटोमोबाइल और एविएशन सेक्टर ने भी निवेशकों को निराश नहीं किया। देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी के शेयर 1.25 प्रतिशत चढ़कर खुले, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) में 0.88 प्रतिशत की बढ़त देखी गई। आज की सबसे बड़ी व्यक्तिगत तेजी एविएशन क्षेत्र की कंपनी इंटरग्लोब एविएशन यानी इंडिगो (InterGlobe Aviation) में देखने को मिली, जिसके शेयर 3.28 प्रतिशत के जोरदार उछाल के साथ खुले। कच्चे तेल की कीमतें घटने से विमान ईंधन (ATF) सस्ता होने की उम्मीद में एयरलाइन कंपनियों में भारी खरीदारी दर्ज की गई।
अन्य प्रमुख हैवीवेट शेयरों का हाल और सेक्टोरल रुझान
मेटल और बुनियादी ढांचा क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों में भी सुबह के सत्र में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। टाटा स्टील और इंफ्रा दिग्गज लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के शेयर 0.99 प्रतिशत की बढ़त के साथ खुले। इसके साथ ही एफएमसीजी और रिटेल सेगमेंट की दिग्गज कंपनी आईटीसी में 0.97 प्रतिशत, ट्रेंट में 0.91 प्रतिशत और सीमेंट क्षेत्र की अग्रणी कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट में 0.72 प्रतिशत की मजबूती रही। देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 0.56 प्रतिशत और अडाणी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अडाणी पोर्ट्स भी 0.56 प्रतिशत बढ़कर कारोबार करते नजर आए।
बिजली वितरण क्षेत्र की पावर ग्रिड, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स से टाइटन और एफएमसीजी से हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे दिग्गज शेयरों में भी हल्की से मध्यम बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, पूरे बाजार में तेजी के बीच कुछ चुनिंदा शेयरों में मामूली दबाव भी देखा गया। फार्मा क्षेत्र की दिग्गज सन फार्मा के शेयर 0.10 प्रतिशत की हल्की गिरावट के साथ खुले, जबकि दूरसंचार क्षेत्र की प्रमुख कंपनी भारती एयरटेल के शेयरों में भी 0.01 प्रतिशत की मामूली कमजोरी दिखाई दी।
बाजार की चौड़ाई और विदेशी निवेशकों की संभावित वापसी
सप्ताह के पहले दिन बाजार की चौड़ाई (Market Breadth) बेहद सकारात्मक और उत्साहजनक रही। केवल लार्जकैप ही नहीं, बल्कि व्यापक बाजार का प्रतिनिधित्व करने वाले मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी निवेशकों ने दिल खोलकर खरीदारी की। छोटे और मध्यम स्तर के शेयर, जो पिछले कुछ दिनों से बिकवाली के दबाव से जूझ रहे थे, उनमें अब निचले स्तरों से रिकवरी देखने को मिल रही है।
बाजार के जानकारों की नजरें इस बात पर भी टिकी हुई हैं कि विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) अपना रुख किस ओर मोड़ते हैं। पिछले कई कारोबारी सत्रों से विदेशी निवेशकों द्वारा की जा रही लगातार बिकवाली के बाद, आज घरेलू बाजार में आई यह तेजी एक सुखद मोड़ पेश कर रही है। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) की निरंतर लिवाली और विदेशी निवेशकों के बिकवाली रोकने के संकेतों से आने वाले दिनों में बाजार की स्थिरता को और अधिक ताकत मिल सकती है।
वैश्विक संकेत, तकनीकी स्तर और आगे का दृष्टिकोण
एशियाई बाजारों में आज सुबह से ही सकारात्मक और हरा माहौल बना रहा, जिसका सीधा असर भारतीय बाजारों पर पड़ा। इसके साथ ही यूरोपीय बाजारों और अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स में भी हल्की तेजी के संकेत मिल रहे हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें निचले स्तरों पर बनी रहती हैं या इनमें और गिरावट आती है, तो भारतीय बाजार को अपनी तेजी बनाए रखने में काफी आसानी होगी। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि मध्य पूर्व की भू-राजनीतिक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है, इसलिए बाजार में सतर्कता भी उतनी ही जरूरी है।
तकनीकी नजरिए से देखें तो बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि एनएसई निफ्टी 50 सूचकांक 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करके उसके ऊपर टिकने में कामयाब रहता है, तो यहां से एक नई और बड़ी रैली की शुरुआत हो सकती है। वहीं बीएसई सेंसेक्स के लिए 77,000 का स्तर एक महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस (प्रतिरोध) के रूप में काम करेगा। निकट भविष्य में कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय दरें, वैश्विक समाचार और कंपनियों के तिमाही वित्तीय नतीजे ही शेयर बाजार की आगे की दिशा तय करेंगे।
निवेशकों के लिए रणनीति और बाजार का संदेश
सोमवार को मिली इस जोरदार बढ़त से आम और रिटेल निवेशकों का भरोसा एक बार फिर मजबूत हुआ है। बाजार के जानकारों का कहना है कि लंबी अवधि का नजरिया रखने वाले वैल्यू इन्वेस्टर्स के लिए हालिया गिरावट एक बेहतरीन खरीदारी का अवसर लेकर आई थी। हालांकि, कम अवधि या इंट्राडे ट्रेडिंग करने वाले शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स को सख्त स्टॉप-लॉस का पालन करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि वैश्विक खबरों के आधार पर बाजार में कभी भी अस्थिरता (Volatility) लौट सकती है।
सेक्टर के हिसाब (Stock Market Today) से देखें तो इस समय आईटी, बैंकिंग, ऑटोमोबाइल्स और कंजप्शन से जुड़े शेयरों में ग्रोथ की बेहतरीन संभावनाएं नजर आ रही हैं। defensive सेगमेंट के शेयरों में भी स्थिरता बनी हुई है। कुल मिलाकर, सोमवार का कारोबारी सत्र निवेशकों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला साबित हुआ है। अब देखना यह होगा कि बाजार दिन भर अपनी इस बढ़त को बरकरार रख पाता है या ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली का दबाव देखने को मिलता है।
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