Sambhal Liquor Shops: ओवररेटिंग पर देर रात छापेमारी, कई शराब दुकानें बंद
प्रशासन ने कई दुकानों पर तय कीमत से अधिक वसूली पकड़ी, लाइसेंस पर भी कार्रवाई की तैयारी
Sambhal Liquor Shops: उत्तर प्रदेश के संभल जनपद में शराब के शौकीनों से प्रिंट रेट (MRP) से अधिक दाम वसूलने और मनमाने दामों पर शराब बेचने की निरंतर मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासनिक अमले ने मंगलवार देर रात एक व्यापक और औचक छापेमारी अभियान चलाया। तहसील प्रशासन की संयुक्त टीम ने शहर के व्यस्त और प्रमुख मार्गों पर संचालित देशी, विदेशी मदिरा व बीयर की दुकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी। इस औचक निरीक्षण के दौरान कई दुकानों पर ग्राहकों से निर्धारित दर से 10 से 20 रुपये प्रति बोतल अतिरिक्त वसूले जाने की पुष्टि हुई, जिसके पश्चात प्रशासनिक अधिकारियों ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए संबंधित दुकानों के शटर गिरवाकर उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद करवा दिया।
प्रशासन की इस अप्रत्याशित और सख्त कार्रवाई से देर रात तक समूचे संभल शहर के शराब सिंडिकेट और अनुज्ञापियों (लाइसेंसधारकों) में भारी खलबली मची रही। अधिकारियों ने न केवल ओवररेटिंग की मौके पर जांच की, बल्कि बिक्री काउंटरों के स्टॉक रजिस्टर, बारकोड स्कैनिंग प्रणाली और बोतलों की निर्माण व वैधता तिथियों की भी गहन पड़ताल की।
Sambhal Liquor Shops: तहसीलदार के नेतृत्व में गठित टीम ने रात 8:30 बजे शुरू की कार्रवाई
जनपद प्रशासन को लंबे समय से स्थानीय नागरिकों और उपभोक्ताओं से शिकायतें प्राप्त हो रही थीं कि संभल नगर क्षेत्र की शराब दुकानों पर सेल्समैनों द्वारा निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर एक विशेष प्रवर्तन दल का गठन किया गया।
कार्रवाई का सीधा नेतृत्व तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने किया, जिनके साथ नायब तहसीलदार शुभम प्रताप सिंह और नायब तहसीलदार अरविंद कुमार सिंह सहित राजस्व व पुलिस बल के जवान शामिल रहे। मंगलवार रात लगभग 8:30 बजे जब दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ मौजूद थी, प्रशासनिक अधिकारियों की गाड़ियां अचानक विभिन्न मदिरा दुकानों के सामने रुकीं। इस अचानक हुई घेराबंदी से दुकानों पर मौजूद सेल्समैनों को संभलने अथवा स्टॉक में हेरफेर करने का कोई अवसर नहीं मिल सका। यह सघन चेकिंग अभियान रात्रि 10 बजे तक अनवरत रूप से चलता रहा।
मुरादाबाद रोड, पुरानी तहसील और बहजोई मार्ग पर सघन पड़ताल
प्रशासनिक टीम ने शहर के उन तमाम संवेदशनशील और व्यस्त व्यापारिक मार्गों को अपने जांच के दायरे में लिया जहां से ओवररेटिंग की सर्वाधिक शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। टीम ने मुरादाबाद रोड, पुरानी तहसील मार्ग, बहजोई रोड और चंदौसी चौराहे के आसपास स्थित देशी शराब, कंपोजिट वाइन शॉप और बीयर की दुकानों का बारीकी से निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने पहले सादे कपड़ों में कुछ कर्मियों को भेजकर शराब की वास्तविक बिक्री कीमत की टोह ली। इसके उपरांत जब अधिकारियों ने सीधे काउंटर पर पहुंचकर रजिस्टर और नकद गल्ले की पड़ताल की, तो निर्धारित मूल्य सूची और ग्राहकों से ली जा रही धनराशि में स्पष्ट अंतर पाया गया। मौके पर मौजूद उपभोक्ताओं ने भी अधिकारियों के सामने खुलकर गवाही दी कि ठंडी बीयर या विशेष ब्रांड की अंग्रेजी शराब पर 10 से 30 रुपये तक अतिरिक्त वसूले जा रहे थे।
लाइसेंसधारक नदारद, केवल सेल्समैनों के भरोसे चल रही थीं दुकानें
छापेमारी के दौरान प्रशासनिक टीम के सामने एक और गंभीर प्रशासनिक अनियमितता उजागर हुई। जांच के दायरे में आई अधिकांश दुकानों पर आबकारी विभाग द्वारा अधिकृत मूल लाइसेंसधारक (अनुज्ञापी) मौके से पूरी तरह नदारद पाए गए। संपूर्ण बिक्री व्यवस्था गैर-प्रशिक्षित या अनधिकृत सेल्समैनों के हाथों में छोड़ दी गई थी।
अधिकारियों ने जब दुकान पर मौजूद कर्मचारियों से उनके वैध पहचान पत्र और आबकारी विभाग द्वारा जारी सेल्समैन प्रमाण पत्र तलब किए, तो कई दुकानों पर संतोषजनक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने इस स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए मौके पर ही पंचनामा तैयार कराया और अनुपस्थित लाइसेंसधारकों को नोटिस जारी करने की प्रक्रिया प्रारंभ की।
स्टॉक रजिस्टर और क्यूआर कोड स्कैनिंग की जांच
प्रशासनिक दल ने दुकानों में रखे स्टॉक रजिस्टर, दैनिक बिक्री बही-खाते और गोदाम में रखी पेटियों का भौतिक मिलान किया। आबकारी नियमों के अनुसार प्रत्येक बोतल की बिक्री ‘ट्रैक एंड ट्रेस’ प्रणाली के तहत बारकोड या क्यूआर कोड स्कैन करके ही की जानी अनिवार्य है, ताकि नकली या गैर-प्रांत की शराब की बिक्री रोकी जा सके।
निरीक्षण के दौरान यह देखा गया कि क्या दुकानों में दर्ज आवक और वास्तविक उपलब्ध स्टॉक का सही मिलान हो रहा है अथवा नहीं। कुछ दुकानों पर दैनिक रजिस्टर में प्रविष्टियां अधूरी पाई गईं और स्टॉक के आंकड़ों में विसंगतियां देखी गईं। जिन दुकानों पर अधिक मूल्य वसूली और अभिलेखीय खामियां एक साथ पाई गईं, उन्हें मौके पर ही बंद करा दिया गया और अग्रिम आदेशों तक बिक्री पर पूर्ण रोक लगा दी गई।
दोषी दुकानों के लाइसेंस निरस्तीकरण की संस्तुति की तैयारी
तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शासन और आबकारी विभाग द्वारा निर्धारित दरों से एक भी रुपया अतिरिक्त वसूलना विधिक अपराध और लाइसेंस की शर्तों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि जिन दुकानों पर जांच के दौरान ओवररेटिंग पकड़ी गई है, उनकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर जिला आबकारी अधिकारी और जिलाधिकारी को भेजी जा रही है।
आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत इन दुकानों पर भारी वित्तीय जुर्माना लगाने के साथ-साथ गंभीर मामलों में लाइसेंस निलंबन व निरस्तीकरण की कठोर दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अधिकारियों ने दो टूक चेतावनी दी कि यह केवल एक दिवसीय कार्रवाई नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में तहसील और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमें दिन और रात के समय औचक निरीक्षण जारी रखेंगी।
Sambhal Liquor Shops: निष्कर्ष
संभल में देर रात हुई प्रशासनिक छापेमारी ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण और आबकारी नियमों की अवहेलना कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रिंट रेट से अधिक दाम वसूलने वाले अनुज्ञापियों और बेलगाम सेल्समैनों के खिलाफ दुकानों को बंद कराने का यह कदम निश्चित रूप से अन्य विक्रेताओं में कानून का भय पैदा करेगा। आम नागरिकों के लिए भी यह आवश्यक है कि वे किसी भी मदिरा दुकान पर तय दर से अधिक मूल्य न चुकाएं और ओवररेटिंग की स्थिति में सीधे जिला प्रशासन या आबकारी विभाग के टोल-फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि इस संगठित मनमानी पर स्थायी अंकुश लगाया जा सके।
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