BJP MLA Ashwani Sharma: पंजाब विधानसभा में भाजपा विधायक के बयान से हंगामा, लड़की पैदा होने पर केंद्र सरकार को दोष देने का जिक्र

भाजपा विधायक की टिप्पणी पर सदन में हंगामा, AAP ने माफी की मांग उठाई

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BJP MLA Ashwani Sharma: पंजाब विधानसभा में गुरुवार को एक विवादित बयान ने सदन का माहौल गरमा दिया। भाजपा विधायक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी शर्मा ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब सरकार अपनी हर नाकामी का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ती है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि अगर किसी के घर लड़की पैदा हो जाए तो भी केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाता है जबकि लड़का पैदा होने पर अपनी मेहनत का नतीजा बताया जाता है। इस बयान पर विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ और आम आदमी पार्टी ने भाजपा विधायक पर महिलाओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए घेराबंदी की।

मॉनसून सत्र के चौथे दिन सदन में ध्यान आकर्षित करने वाले प्रस्तावों पर चर्चा चल रही थी। इसी दौरान अश्विनी शर्मा ने राज्य सरकार की नीतियों और केंद्र सरकार को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का जवाब देते हुए यह टिप्पणी की। उनके शब्दों ने विपक्षी सदस्यों को भड़का दिया और सदन में नारेबाजी शुरू हो गई। सत्ता पक्ष के विधायकों ने इस बयान को महिलाओं के प्रति अभद्र और असंसदीय करार दिया।

BJP MLA Ashwani Sharma: अश्विनी शर्मा ने क्या कहा

अश्विनी शर्मा ने अपनी बात शुरू करते हुए कहा कि वह माफी मांगते हुए यह बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर लड़का पैदा होता है तो आप कहते हैं कि यह आपकी मेहनत का नतीजा है लेकिन जब लड़की पैदा होती है तो आप कहते हैं कि ये केंद्र सरकार की गलती है। उन्होंने यह टिप्पणी राज्य सरकार की उस आदत पर कटाक्ष करते हुए की जिसमें हर समस्या का ठीकरा केंद्र पर फोड़ दिया जाता है।

विधायक ने अवैध खनन के मुद्दे पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि राज्य में अवैध खनन की क्या स्थिति है और सरकार की ‘जिसदा खेत उसदी रेत’ योजना का क्या हाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि जो कोई अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाता है उसे आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता चुप कराने के लिए धमकाते हैं। अश्विनी शर्मा की इन बातों के बाद सदन में शोरगुल बढ़ गया।

विधानसभा में हंगामे का माहौल

बयान के तुरंत बाद आम आदमी पार्टी के विधायकों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया। उन्होंने अश्विनी शर्मा से माफी मांगने की मांग की और उनके बयान को महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बताया। सत्ता पक्ष के सदस्यों का कहना था कि इस तरह की टिप्पणी संसदीय मर्यादा के खिलाफ है और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाती है। सदन में कुछ देर तक कामकाज ठप रहा क्योंकि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे।

इससे पहले सत्ता पक्ष की ओर से आरोप लगाया जा रहा था कि केंद्र सरकार ने पंजाब को फंड देना बंद कर दिया है। अश्विनी शर्मा इन्हीं आरोपों का जवाब देते हुए अपनी बात रख रहे थे। उन्होंने राज्य सरकार पर हर असफलता को केंद्र के सिर मढ़ने का आरोप लगाते हुए व्यंग्य किया। लेकिन लड़की पैदा होने वाले संदर्भ ने पूरे विवाद को नया रूप दे दिया।

आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया

आम आदमी पार्टी ने अश्विनी शर्मा के बयान पर सख्त नाराजगी जताई। पार्टी के नेताओं ने कहा कि महिलाओं को लेकर इस तरह की टिप्पणी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने भाजपा विधायक से सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। कुछ सदस्यों ने स्पीकर से बयान को रिकॉर्ड से हटाने की भी गुहार लगाई। विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे पर एकजुटता दिखाते हुए भाजपा पर हमला बोला।

पार्टी का कहना था कि पंजाब सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं चला रही है और ऐसे बयान उन प्रयासों पर पानी फेरने वाले हैं। महिलाओं की गरिमा को लेकर संवेदनशीलता बरतने की अपील की गई। हंगामे के दौरान सदन में नारेबाजी और आपसी आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला काफी देर तक चला।

अश्विनी शर्मा की सफाई

हंगामे के बाद अश्विनी शर्मा ने अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि यह एक कहावत है और अगर स्पीकर को यह असंसदीय लगता है तो इसे कार्रवाई से हटा दिया जाए। बाद में उन्होंने दोबारा सफाई देते हुए कहा कि वह एक कहावत के माध्यम से उदाहरण दे रहे थे। अगर किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो वह खेद प्रकट करते हैं।

उन्होंने साथ ही पलटवार करते हुए कहा कि जब बरनाला में महिलाओं पर लाठीचार्ज हुआ था तब ये लोग कहां थे। अश्विनी शर्मा ने अपनी बात को राजनीतिक संदर्भ में रखने की कोशिश की और राज्य सरकार पर दोहरे मानदंड अपनाने का आरोप लगाया। उनकी सफाई के बावजूद विपक्षी सदस्यों का आक्रोश पूरी तरह शांत नहीं हुआ।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और विवाद का विस्तार

इस बयान ने पंजाब की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। भाजपा ने अपने विधायक का बचाव करते हुए कहा कि उनकी बात को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है। पार्टी का कहना है कि अश्विनी शर्मा राज्य सरकार की आदत पर कटाक्ष कर रहे थे जिसमें हर समस्या का दोष केंद्र पर मढ़ दिया जाता है। वहीं आम आदमी पार्टी इसे महिलाओं के प्रति अपमानजनक बता रही है।

सोशल मीडिया पर भी इस बयान की काफी चर्चा हो रही है। कुछ लोग इसे व्यंग्य के रूप में ले रहे हैं तो कुछ इसे अनुचित करार दे रहे हैं। राजनीतिक दलों के बीच इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहने की संभावना है। विधानसभा सत्र के बाकी दिनों में भी यह मुद्दा चर्चा में बना रह सकता है।

महिलाओं के मुद्दे पर संवेदनशीलता की मांग

इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर महिलाओं के मुद्दे पर राजनीतिक संवेदनशीलता की याद दिलाई है। विधानसभा जैसे गंभीर मंच पर कही गई बातों का असर समाज पर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जनप्रतिनिधियों को अपनी भाषा और टिप्पणियों को लेकर ज्यादा सतर्क रहना चाहिए। खासकर महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर शब्दों का चुनाव सोच-समझकर करना जरूरी है।

पंजाब में महिलाओं के सशक्तिकरण, शिक्षा और सुरक्षा को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। ऐसे में कोई भी विवादित बयान इन मुद्दों को पीछे धकेल सकता है। दोनों राजनीतिक दलों से अपेक्षा की जा रही है कि वे सदन की गरिमा बनाए रखें और रचनात्मक चर्चा पर ध्यान दें।

BJP MLA Ashwani Sharma: सदन की कार्यवाही और आगे की संभावना

हंगामे के बाद सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए प्रभावित रही। स्पीकर ने शांति बनाए रखने की अपील की। अश्विनी शर्मा की सफाई के बाद माहौल कुछ हद तक सामान्य हुआ लेकिन नाराजगी के स्वर पूरी तरह खत्म नहीं हुए। विधानसभा सत्र में अभी कई महत्वपूर्ण मुद्दे बाकी हैं जिनमें अवैध खनन, फंड की स्थिति और विकास संबंधी विषय शामिल हैं।

यह घटनाक्रम याद दिलाता है कि राजनीतिक बहसें कितनी आसानी से व्यक्तिगत या संवेदनशील टिप्पणियों में बदल सकती हैं। अश्विनी शर्मा ने अपनी बात को कहावत बताते हुए सफाई दी है लेकिन आम आदमी पार्टी इसे पर्याप्त नहीं मान रही। आगे दोनों पक्ष इस मुद्दे को अपने-अपने तरीके से आगे बढ़ा सकते हैं।

पंजाब विधानसभा में हुआ यह हंगामा सिर्फ एक बयान का नतीजा नहीं बल्कि सत्ता और विपक्ष के बीच गहरे राजनीतिक मतभेदों को भी दर्शाता है। केंद्र और राज्य सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला लंबे समय से चल रहा है। अश्विनी शर्मा का बयान इसी कड़ी का हिस्सा बन गया, जबकि महिलाओं को लेकर की गई टिप्पणी ने पूरे विवाद को नया आयाम दे दिया।

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