Patna Raj Bhavan March: पटना में राजभवन मार्च के दौरान बवाल, जेपी गोलंबर पर पुलिस का लाठीचार्ज, वॉटर कैनन और आंसू गैस के गोले छोड़े
Patna Raj Bhavan March: पटना में राजभवन मार्च के दौरान बवाल, जेपी गोलंबर पर पुलिस का लाठीचार्ज, वॉटर कैनन और आंसू गैस के गोले छोड़े
Patna Raj Bhavan March: राजधानी पटना की सड़कें एक बार फिर छावनी में तब्दील नजर आईं, जब न्याय की मांग को लेकर आगे बढ़ रहे छात्रों का गुस्सा और प्रशासनिक सख्ती आमने-सामने आ गई। शहर के व्यस्त माने जाने वाले जेपी गोलंबर के इलाके में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब राजभवन की ओर मार्च कर रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस बल को कड़े कदम उठाने पड़े। हालात को काबू में करने के वास्ते सुरक्षा कर्मियों ने बल प्रयोग करते हुए लाठियां तो चलाई हीं, साथ ही भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और वॉटर कैनन का भी खुलकर इस्तेमाल किया गया। इस पूरी घटना ने एक बार फिर से शहर के जनजीवन और यातायात व्यवस्था को पूरी तरह से पटरी से उतार दिया।
Patna Raj Bhavan March: जेपी गोलंबर से राजभवन की ओर बढ़ रहा था हुजूम
मंगलवार को सुबह से ही पटना के गांधी मैदान और उससे जुड़े रास्तों पर गहमागहमी का दौर शुरू हो चुका था। विभिन्न मुद्दों और मांगों को लेकरजुट युवाओं ने जब राजभवन मार्च की रूपरेखा के तहत आगे बढ़ना शुरू किया, तो प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह मुस्तैद हो गया। जेपी गोलंबर के पास जब छात्रों का यह जत्था पहुंचा, तो वहां पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
बैरिकेडिंग लांघने और आगे बढ़ने की जिद पर अड़े प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़प देखने को मिली। जब स्थिति पुलिस के नियंत्रण से बाहर होने लगी, तो प्रशासन ने शक्ति प्रदर्शन का रास्ता चुना। लाठियों की गड़गड़ाहट और आंसू गैस के धुएं से पूरा इलाका कुछ देर के लिए सुलग उठा। युवाओं को खदेड़ने के लिए पानी की तेज बौछारों का भी सहारा लिया गया, जिससे भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गए।
घंटों जाम से जूझते रहे आम नागरिक और वाहन चालक
इस हिंसक झड़प और विरोध प्रदर्शन का सबसे बुरा असर शहर की यातायात व्यवस्था पर पड़ा। गांधी मैदान के आसपास के तमाम मुख्य मार्गों पर गाड़ियों के पहिए पूरी तरह थम गए। स्थिति इतनी विकट हो गई कि घंटों तक ट्रैफिक रेंगता नजर आया और वाहन चालकों को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ा।
एग्जीविशन रोड और बाकरगंज जैसे व्यापारिक और व्यस्त इलाकों में गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। स्थिति तब और बिगड़ गई जब प्रदर्शनकारियों का रुख डाकबंगला चौराहे की तरफ हुआ। वहां पहुंचते ही फ्रेजर रोड, आयकर गोलंबर और न्यू डाकबंगला रोड जैसे प्रमुख मार्गों पर यातायात व्यवस्था धड़ाम हो गई। आम लोग अपने दफ्तरों और घरों के रास्तों पर घंटों फंसे रहे, जिससे शहर के एक बड़े हिस्से में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
Patna Raj Bhavan March: प्रशासनिक तैयारी और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
स्थिति की नजाकत को भांपते हुए जिला प्रशासन ने पहले ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, लेकिन प्रदर्शनकारियों के उग्र रुख ने पुलिस के लिए चुनौती खड़ी कर दी। जेपी गोलंबर से लेकर राजभवन तक के रूट पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। अधिकारियों का मानना था कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाना जरूरी था, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके।
दूसरी ओर, इस कार्रवाई के बाद से राजनीतिक गलियारों और छात्र संगठनों में भी सुगबुगाहट तेज हो गई है। सड़कों पर उतरी भीड़ और उस पर हुई पुलिसिया कार्रवाई ने एक बार फिर राजधानी के प्रशासनिक और राजनीतिक तापमान को बढ़ा दिया है। आने वाले समय में इस घटना के क्या राजनीतिक परिणाम सामने आते हैं और प्रशासन आगे क्या रणनीति अपनाता है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
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