NEET PG Security Breach: तेलंगाना में NEET-PG परीक्षा के दौरान बड़ा सुरक्षा उल्लंघन: शराब के नशे में धुत उम्मीदवार पहुंचा परीक्षा हॉल, सीट पर बैठने के बाद हुआ बाहर

तेलंगाना के परीक्षा केंद्र में सीट तक पहुंचा अभ्यर्थी, बाहर निकाले जाने के बाद हिरासत में

0

NEET PG Security Breach: तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले से राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा-स्नातकोत्तर (NEET-PG 2026) के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता की पोल खोलने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। परीक्षा केंद्र पर त्रिस्तरीय सुरक्षा जांच, बायोमेट्रिक सत्यापन और मेटल डिटेक्टर स्कैनिंग को चकमा देकर एक उम्मीदवार शराब के नशे में धुत होकर सीधे कंप्यूटर लैब में अपनी निर्धारित सीट तक पहुंच गया।

घटना रविवार सुबह रंगारेड्डी जिले के शेरिगुडा स्थित एक निजी कॉलेज में बनाए गए परीक्षा केंद्र पर घटित हुई। आरोपी अभ्यर्थी की पहचान हैदराबाद निवासी मोहम्मद रिजवान के रूप में हुई है। परीक्षा शुरू होने से ऐन पहले जब कक्ष निरीक्षकों को उसके शरीर से शराब की तीव्र दुर्गंध आई और उसके हाव-भाव असामान्य लगे, तब जाकर मामले का भंडाफोड़ हुआ। परीक्षा अधिकारियों ने अन्य अभ्यर्थियों की शांति को बाधित होने से बचाते हुए उसे तुरंत हॉल से बाहर निकाल कर पुलिस के हवाले कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) और स्थानीय परीक्षा प्रबंधन की सुरक्षा प्रोटोकॉल पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

NEET PG Security Breach: नशे की हालत में बोला- ‘मैं नीट परीक्षा लिखने आया हूं’

परीक्षा केंद्र से बाहर निकाले जाने के तुरंत बाद किसी प्रत्यक्षदर्शी द्वारा रिकॉर्ड किया गया वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से प्रसारित हो गया। इस वीडियो में मोहम्मद रिजवान अत्यधिक नशे की हालत में लड़खड़ाती जुबान के साथ बात करता दिखाई दे रहा है। जब केंद्र के कर्मचारियों और उपस्थित सुरक्षाकर्मियों ने उससे पूछताछ की, तो उसने बेझिझक जवाब दिया कि वह अपनी नीट-पीजी परीक्षा देने आया है।

वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि उम्मीदवार इस स्थिति में भी नहीं था कि वह अपने पैरों पर सीधा खड़ा रह सके या पूछे गए सामान्य सवालों का तार्किक उत्तर दे सके। देश के सबसे प्रतिष्ठित और कठिन मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक के केंद्र पर इस प्रकार की अनुशासनहीनता और लापरवाही ने मेडिकल जगत और परीक्षार्थियों को स्तब्ध कर दिया है।

इब्राहिमपट्टनम पुलिस का एक्शन: ब्रीथ एनालाइजर टेस्ट में शराब की पुष्टि

परीक्षा केंद्र समन्वयक की ओर से आपातकालीन कॉल मिलने के बाद इब्राहिमपट्टनम संभाग के सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) राजा के नेतृत्व में पुलिस बल तत्काल शेरिगुडा केंद्र पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर ही ब्रीथ एनालाइजर (Breathalyzer) उपकरण के जरिए रिजवान की जांच की, जिसमें उसके रक्त में अल्कोहल का स्तर अनुमेय सीमा से कहीं अधिक पाया गया।

पुलिस ने आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया और उसे विस्तृत मेडिकल जांच के लिए स्थानीय सरकारी अस्पताल भेजा गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ सार्वजनिक स्थान पर उपद्रव मचाने, अनाधिकृत प्रवेश और परीक्षा आचार संहिता के गंभीर उल्लंघन के तहत कानूनी धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है। साथ ही परीक्षा आयोजकों से उसके प्रवेश पत्र और आवेदन से संबंधित पूरा विवरण तलब किया गया है।

प्रवेश द्वार की मल्टी-लेयर सुरक्षा पर गंभीर सवाल: आखिर हॉल तक कैसे पहुंचा?

नीट-पीजी जैसी राष्ट्रीय स्तर की कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के लिए राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड द्वारा बेहद कड़े दिशा-निर्देश तय किए जाते हैं। परीक्षा हॉल में प्रवेश से पहले प्रत्येक उम्मीदवार को मुख्य द्वार पर पहचान पत्र (जैसे वोटर आईडी, पासपोर्ट अथवा ड्राइविंग लाइसेंस), एडमिट कार्ड की फिजिकल कॉपी की जांच, मेटल डिटेक्टर से तलाशी और फेशियल व बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण से गुजरना होता है।

इस बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे के बावजूद एक नशे में धुत व्यक्ति का बिना किसी रोक-टोक के मुख्य द्वार, सुरक्षा जांच डेस्क और कॉरिडोर को पार करते हुए सीधे परीक्षा लैब की कुर्सी तक पहुंच जाना सुरक्षा कर्मियों की घोर लापरवाही को उजागर करता है। पुलिस अब इस बिंदु की गहन जांच कर रही है कि क्या मुख्य द्वार पर तैनात निजी सुरक्षा गार्ड्स ने बिना शारीरिक जांच किए उसे अंदर जाने दिया या फिर प्रवेश के समय उसके दस्तावेजों का सही मिलान ही नहीं किया गया था। केंद्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि सुरक्षा चूक के लिए जिम्मेदार कर्मियों की जवाबदेही तय की जा सके।

NEET PG Security Breach: परीक्षा की गरिमा और मानसिक अनुशासन का मुद्दा

एमबीबीएस की डिग्री पूरी करने के बाद स्पेशलाइजेशन (एमडी/एमएस) के लिए आयोजित होने वाली नीट-पीजी परीक्षा में लाखों डॉक्टर दिन-रात परिश्रम करते हैं। जीवन बचाने वाले पेशे से जुड़े किसी डॉक्टर द्वारा इस तरह की अनुशासनहीनता प्रदर्शित किए जाने की सोशल मीडिया पर चौतरफा निंदा हो रही है। वरिष्ठ डॉक्टरों और अभिभावकों का कहना है कि यह केवल एक सुरक्षा चूक का मामला नहीं है, बल्कि यह भविष्य के चिकित्सकों की नैतिक जिम्मेदारी और मानसिक संतुलन पर भी बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।

तेलंगाना में रविवार को 56 केंद्रों पर यह परीक्षा आयोजित की गई थी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि रिजवान को समय रहते बाहर कर दिए जाने के कारण अन्य सभी कंप्यूटर लैब्स में परीक्षा बिना किसी अतिरिक्त व्यवधान के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। पुलिस और परीक्षा प्राधिकरण इस पूरे मामले की अंतिम रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, जिसके आधार पर आरोपी छात्र की उम्मीदवारी रद्द करने और उसके भविष्य में किसी भी चिकित्सा परीक्षा में बैठने पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की जा सकती है।

Read More Here

Petrol Diesel Price 31 August 2026: दिल्ली, मुंबई से लेकर हैदराबाद तक जानिए प्रमुख शहरों के ताजा रेट

Aaj Ka Mausam 31 August 2026: बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम से 19 राज्यों में भारी बारिश और आंधी का अलर्ट, जानिए दिल्ली-NCR से लेकर यूपी-बिहार तक का हाल

Hartalika Teej 2026: 13 या 14 सितंबर? गणेश चतुर्थी संग संयोग और व्रत का महत्व

Mahindra XUV 7XO: महज 7 महीनों में 70 हजार का आंकड़ा पार, प्रीमियम एसयूवी सेगमेंट में जमाया सिक्का

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.