Parliament News: NEET पेपर लीक पर संसद में चौथे दिन भी गतिरोध, सरकार चर्चा को तैयार लेकिन विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कायम
सरकार ने चर्चा की पेशकश दोहराई, विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा
Parliament News: संसद का मानसून सत्र शुरू हुए चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन नीट-यूजी (NEET-UG) पेपर लीक के मुद्दे ने दोनों सदनों की कार्यवाही को पूरी तरह ठप कर रखा है। गुरुवार को भी विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी करते रहे। सरकार की ओर से बार-बार इस मुद्दे पर नियम के तहत विस्तृत चर्चा का प्रस्ताव रखा गया, लेकिन विपक्ष अपनी पूर्व शर्तों पर अडिग नजर आ रहा है। लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य अनिश्चितता के भंवर में है, फिर भी इस विषय पर राजनीतिक घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है।
मानसून सत्र के शुरुआती दिन रहे बेनतीजा
सत्र की शुरुआत से ही दोनों सदनों में कोई भी विधायी या महत्वपूर्ण कामकाज नहीं हो सका है। विपक्ष ने नीट पेपर लीक, जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुए बल प्रयोग और राष्ट्रीय परीक्षा व्यवस्था में बुनियादी सुधार जैसे संवेदनशील मुद्दों पर नियम 267 के तहत स्थगन नोटिस दिए। हालांकि, हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार स्थगित होती रही और गुरुवार को भी सुबह की कार्यवाही शुरू होने के कुछ ही मिनटों के भीतर दोपहर तक के लिए स्थगित कर दी गई।
काले कपड़ों में विपक्ष का प्रदर्शन और इस्तीफे की मांग
लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसद विरोध दर्ज कराने के लिए काले कपड़े पहनकर पहुंचे। कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने राज्यसभा में स्थगन नोटिस देते हुए कहा कि पेपर लीक की वजह से देश के लाखों होनहार युवाओं का भविष्य अंधकार में लटक गया है।
वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि विपक्ष का प्राथमिक कर्तव्य युवाओं की आवाज को संसद के पटल पर रखना है। वहीं, लोकसभा में कांग्रेस के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से हटते नहीं हैं, तब तक किसी भी सार्थक चर्चा का माहौल बनना संभव नहीं है।
सरकार का खुला प्रस्ताव: ‘तारीख और समय तय करे विपक्ष’
दूसरी तरफ, भारतीय जनता पार्टी और सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा ने स्पष्ट किया कि सरकार नीट पेपर लीक मुद्दे पर संसद में विस्तृत और पारदर्शी चर्चा के लिए पूरी तरह से तत्पर है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को समय और तारीख तय कर चर्चा में शामिल होना चाहिए, क्योंकि छात्रों का भविष्य देश की प्रगति से जुड़ा हुआ है और इस पर राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी दोहराया कि सरकार बिना किसी पूर्व शर्त के सदन में चर्चा कराने का आह्वान कर रही है, लेकिन विपक्ष केवल हंगामा करके गतिरोध बनाए रखना चाहता है।
विपक्ष की पूर्व शर्तें और सरकार का रुख
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने स्पष्ट रुख अपनाया है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते और सरकार जिम्मेदारी स्वीकार नहीं करती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) सहित अन्य छात्र समर्थक संगठनों ने भी इस मांग को पुरजोर समर्थन दिया है।
हालांकि, सरकार की ओर से स्पष्ट कर दिया गया है कि किसी भी तरह के राजनीतिक दबाव या प्रदर्शनों के चलते इस्तीफा देने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता।
प्रधानमंत्री का फास्ट-ट्रैक कोर्ट वाला ऐलान
इस गतिरोध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक जैसी धांधलियों पर नकेल कसने के लिए मामलों की त्वरित सुनवाई हेतु ‘फास्ट-ट्रैक कोर्ट’ स्थापित करने का ऐलान किया है। सरकार का दावा है कि दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने और परीक्षा तंत्र को फुलप्रूफ बनाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर कड़े कानून लागू किए जा रहे हैं।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी असल में इस गंभीर विषय पर तथ्यात्मक चर्चा से भाग रहे हैं और केवल आंदोलन को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं।
जंतर-मंतर पर तनाव और पुलिस कार्रवाई
संसद परिसर के बाहर जंतर-मंतर पर छात्रों का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। पिछले कुछ दिनों में टॉलस्टॉय मार्ग और आसपास के इलाकों में झड़पें और लाठीचार्ज देखने को मिला है। हाल ही में एक पुलिस निरीक्षक नंदकिशोर के साथ मारपीट की घटना भी सामने आई है।
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक पूरे परीक्षा ढांचे में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने वाले कदम नहीं उठाए जाते, वे आंदोलन की राह से पीछे नहीं हटेंगे।
दोनों खेमों की रणनीतिक बैठकें और गतिरोध
संसद परिसर में एनडीए और इंडिया गठबंधन के सांसदों ने एक-दूसरे के खिलाफ जमकर नारेबाज़ी की। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा भी जंतर-मंतर और संसद के बाहर प्रदर्शनों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराती दिखीं। तृणमूल कांग्रेस के सांसद सौगत रॉय ने कहा कि सरकार को युवाओं की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, न कि महज खोखली घोषणाएं करनी चाहिए।
Parliament News: आगे की राह और परीक्षा सुधार की जरूरत
संसद में जब तक दोनों पक्ष संवाद के किसी मध्य मार्ग पर सहमत नहीं होते, तब तक मानसून सत्र के बेनतीजा रहने की आशंका बनी हुई है। विशेषज्ञ और शिक्षाविद लंबे समय से राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के कामकाज, साइबर सुरक्षा, और पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग उठा रहे हैं।
संसद में सार्थक बहस ही इस समस्या का स्थायी समाधान निकाल सकती है, लेकिन फिलहाल सत्तापक्ष और विपक्ष अपनी-अपनी राजनीतिक प्राथमिकताओं पर अड़े हुए हैं, जिससे लाखों अभ्यर्थियों की चिंताएं बरकरार हैं।
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