Shani Sade Sati: शनि साढ़ेसाती राहत कब, कुंभ, मीन, मेष के लिए 2026-2028 का कैलेंडर
Shani Sade Sati: पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार 2026 में शनि मीन में रहेंगे। कुंभ की साढ़ेसाती 3 जून 2027 को खत्म, मीन को 2028 में राहत, मेष का इंतजार लंबा।
Shani Sade Sati: शनि की साढ़ेसाती को लेकर कुंभ, मीन और मेष राशि के जातक राहत की तारीख पूछते रहते हैं। अभी इन तीनों पर साढ़ेसाती चल रही है और 2026 में बड़ी राहत की उम्मीद नहीं है। शनि 29 मार्च 2025 को कुंभ से मीन में गए थे। तब मीन पर दूसरा चरण और मेष पर पहला चरण शुरू हुआ, कुंभ पर अंतिम चरण चल रहा है। साल 2026 में शनि राशि नहीं बदलेंगे, पूरे वर्ष मीन में रहेंगे। तीन जून 2027 को मेष प्रवेश पर कुंभ की साढ़ेसाती खत्म होगी। मीन को स्थायी राहत 23 फरवरी 2028 के आसपास बताई गई है। मेष का इंतजार सबसे लंबा माना गया है।
Shani Sade Sati: 2026 में राशि परिवर्तन क्यों नहीं माना गया
पंडित उपाध्याय कहते हैं कि शनि जब तक मीन में हैं, तीनों राशियों पर साढ़ेसाती का असर बना रहेगा। 2026 में ग्रह राशि नहीं बदलेंगे। इसलिए इस वर्ष पूर्ण मुक्ति की बात नहीं की गई। कुंभ अंतिम चरण में है, फिर भी चक्र पूरा नहीं हुआ। मीन दूसरे चरण में है। मेष पहले चरण से गुजर रहा है। धैर्य रखने की सलाह इसी स्थिति से जुड़ी है। व्यक्तिगत कुंडली अलग परिणाम दे सकती है।
तीन जून 2027 कुंभ के लिए क्यों अहम है
शनि तीन जून 2027 को पहली बार मीन छोड़कर मेष में प्रवेश करेंगे। इस बदलाव के साथ कुंभ राशि वालों की साढ़ेसाती समाप्त मानी जाएगी। यही तारीख उनके लिए राहत का बिंदु बताई गई है। उसी समय मेष राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा यानी मुख्य चरण शुरू होगा। एक राशि मुक्त होगी तो अगली पर नया दबाव जुड़ सकता है। ज्योतिष में यह क्रम सामान्य बताया जाता है।
मीन राशि को राहत किस पड़ाव पर मिलेगी
शनि के मेष जाने पर मीन की साढ़ेसाती का अंतिम चरण शुरू होगा। बीस अक्टूबर 2027 को शनि वक्री होकर फिर मीन में लौट सकते हैं। उस अवधि में असर बदलने की बात कही गई है। इसके बाद तेईस फरवरी 2028 को शनि स्थायी रूप से मेष में प्रवेश करेंगे। तभी मीन राशि वालों की साढ़ेसाती पूरी तरह खत्म मानी गई है। बीच का वक्री काल उलझन बढ़ा सकता है। तारीखें आचार्य के कथन पर आधारित हैं।
मेष राशि का इंतजार क्यों लंबा बताया गया
मेष जातकों के लिए साढ़ेसाती सबसे लंबी रहने वाली कही गई है। शनि मेष में आने के बाद इनका दूसरा चरण चलेगा। राहत तब मानी जाएगी जब शनि वृषभ राशि में जाएंगे। उस समय वृषभ पर नया चरण शुरू होगा। वृषभ प्रवेश की सटीक तारीख दी गई सामग्री में नहीं है, इसलिए जोड़ नहीं गई। मेष वालों को 2027 के बाद भी चक्र का बड़ा हिस्सा बाकी बताया गया है।
Shani Sade Sati: एक राशि की राहत दूसरी की शुरुआत कैसे जुड़ी
साढ़ेसाती में शनि एक राशि से दूसरी पर खिसकते हैं। एक राशि मुक्त होती है तो पड़ोसी राशि चपेट में आती है। पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार कुंभ, मीन और मेष को अभी सब्र रखना होगा। शनि की चाल बदलने के साथ असर धीरे बदलेगा। यह लेख ज्योतिषीय मत है, वैज्ञानिक प्रमाण नहीं। विस्तृत स्थिति के लिए व्यक्तिगत पत्रिका देखना उचित माना जाता है। कर्म और निर्णय आस्था के साथ चलते हैं।
कुंभ, मीन और मेष पर शनि साढ़ेसाती 2026 में बनी रहेगी क्योंकि ग्रह मीन राशि में ठहरेंगे। कुंभ को तीन जून 2027 का मेष प्रवेश राहत का बिंदु बताया गया है। मीन का अंतिम छोर वक्री काल के बाद तेईस फरवरी 2028 से जुड़ा है। मेष का मुख्य चरण उसी प्रवेश के साथ शुरू होगा और वृषभ जाने तक लंबा माना गया है। ये तिथियां ज्योतिष परंपरा की गणना हैं, जीवन के हर मोड़ की गारंटी नहीं। अपनी कुंडली के जानकार से पुष्टि कर आगे की योजना बनानी चाहिए।
Read More Here:-
PCB Disciplinary Inquiry: पाकिस्तान क्रिकेट में अनुशासन विवाद के बीच फिक्सिंग की अटकलें
Maruti Suzuki Dzire: 33.73 km/kg माइलेज और 5-स्टार सेफ्टी वाली सेडान