Muzaffarpur Hospital Fire: मुजफ्फरपुर हादसे के बाद एक्शन में बिहार सरकार, अस्पतालों और होटलों को एक हफ्ते में जमा करना होगा ये जरूरी सर्टिफिकेट

Muzaffarpur Hospital Fire: मुजफ्फरपुर हादसे के बाद एक्शन में बिहार सरकार,

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Muzaffarpur Hospital Fire: मुजफ्फरपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद बिहार की राज्य सरकार पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गई है। इस दर्दनाक हादसे का कड़ा संज्ञान लेते हुए सरकार ने राज्य के सभी निजी अस्पतालों और होटलों के लिए नए सुरक्षा निर्देश जारी कर दिए हैं। अग्निशमन (फायर) विभाग ने सभी संबंधित संस्थानों को एक सप्ताह के भीतर अपनी सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े जरूरी दस्तावेज और प्रमाणपत्र जमा करने का सख्त आदेश दिया है। विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने वाले या तय मानकों पर खरे न उतरने वाले संस्थानों को बिना किसी अतिरिक्त नोटिस के तुरंत सील कर दिया जाएगा और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Muzaffarpur Hospital Fire: मुजफ्फरपुर अस्पताल के आईसीयू में आग से गई 5 जानें

 

यह पूरी कार्रवाई मुजफ्फरपुर के एक निजी अस्पताल में गुरुवार सुबह हुए एक दर्दनाक हादसे के बाद शुरू हुई है। अस्पताल के आईसीयू (ICU) वार्ड में अचानक भीषण आग लग जाने के कारण पांच मरीजों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलस गए।

इस घटना ने पूरे राज्य के चिकित्सा और आवासीय संस्थानों में सुरक्षा के दावों की पोल खोलकर रख दी है। इसके बाद से ही बिहार में निजी तौर पर चल रहे अस्पतालों और होटलों की फायर सेफ्टी (अग्नि सुरक्षा) व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

Muzaffarpur Hospital Fire: शॉर्ट सर्किट बनी मुख्य वजह, इलेक्ट्रिक लोड एनालिसिस सर्टिफिकेट हुआ अनिवार्य

शुरुआती जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट में अस्पताल के आईसीयू वार्ड में आग लगने की मुख्य वजह बिजली का शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है। क्षमता से अधिक बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल और पुराने तारों की वजह से यह बड़ा हादसा हुआ।

इसे देखते हुए बिहार अग्निशमन विभाग के डीआईजी (DIG) मनोज कुमार नट ने सभी निजी अस्पतालों के लिए ‘इलेक्ट्रिक लोड एनालिसिस सर्टिफिकेट’ जमा करना अनिवार्य कर दिया है। एक हफ्ते के भीतर यह रिपोर्ट सौंपनी होगी, जिसके बाद बिजली विभाग और फायर टीम मिलकर इसकी री-चेकिंग करेगी कि कहीं तय मानक से ज्यादा लोड का इस्तेमाल तो नहीं हो रहा है।

राज्यभर में 7500 से अधिक अस्पतालों का हो चुका है फायर ऑडिट

अग्निशमन सेवाओं की महानिदेशक (DG) शोभा ओहटकर के अनुसार, विभाग सुरक्षा को लेकर पहले से ही सक्रिय था और इस साल अब तक बिहार के विभिन्न जिलों में 7500 से अधिक निजी अस्पतालों का विस्तृत फायर ऑडिट पूरा किया जा चुका है।

इस जांच के दौरान जिन अस्पतालों में आग से निपटने के इंतजामों (जैसे फायर एक्स्टिंग्विशर, इमरजेंसी एग्जिट) में कमियां मिली थीं, उन्हें सुधार के लिए नोटिस दिया गया था। अब विभाग की विशेष टीमें इस बात की जमीनी हकीकत जांचेंगी कि उन निर्देशों पर अस्पतालों ने काम किया है या उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया।

होटलों पर भी कसी गई नकेल, एलपीजी सिलेंडर स्टोरेज की देनी होगी पूरी जानकारी

सरकार की इस सख्ती की जद में केवल अस्पताल ही नहीं, बल्कि राज्य के सभी छोटे-बड़े होटल भी आ गए हैं। अग्निशमन विभाग ने सभी होटल संचालकों को अपने परिसर में कमर्शियल और घरेलू गैस सिलेंडरों के भंडारण (स्टोरेज) की पूरी जानकारी खुद प्रमाणित (सेल्फ-अटैस्टेड) करके एक हफ्ते में विभाग को सौंपने का निर्देश दिया है।

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि तय समय सीमा खत्म होने के बाद होटलों में औचक छापेमारी की जाएगी। अगर किसी भी होटल में घोषित संख्या से एक भी ज्यादा सिलेंडर मिला या अवैध रिफिलिंग पाई गई, तो सीधे होटल मालिक के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर होटल का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।

Muzaffarpur Hospital Fire: स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने जिला प्रशासन से मांगी विस्तृत रिपोर्ट

इस पूरे मामले पर बिहार के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने गहरा दुख जताते हुए मुजफ्फरपुर जिला प्रशासन से 24 घंटे के भीतर हादसे की विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है।स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट लहजे में कहा कि इस भयंकर लापरवाही के पीछे जो भी डॉक्टर, अस्पताल प्रबंधन या सरकारी अधिकारी जिम्मेदार पाया जाएगा, उसे किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि राज्य के हर छोटे-बड़े नर्सिंग होम और क्लीनिक की सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा नए सिरे से समीक्षा की जाए।

Bihar Government Action: दिल्ली के मालवीय नगर होटल हादसे ने बढ़ाई सरकार की चिंता

बिहार सरकार की यह चौतरफा सख्ती ऐसे समय में आई है, जब हाल ही में देश की राजधानी दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में भी सिलेंडर फटने और भीषण आग लगने से 21 लोगों की जान चली गई थी।

दिल्ली पुलिस की जांच में यह बात सामने आई थी कि उस होटल में क्षमता से कई गुना ज्यादा गैस सिलेंडर अवैध रूप से छिपाकर रखे गए थे और उनके पास फायर विभाग की एनओसी (NOC) भी नहीं थी। दिल्ली जैसी विनाशकारी घटना बिहार के किसी शहर में न दोहराई जाए, इसके लिए नीतीश-सम्राट सरकार अब अतिरिक्त सतर्कता और कड़ाई बरत रही है।

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