मारुति ने लॉन्च की इथेनॉल से चलने वाली वैगनआर फ्लेक्स फ्यूल, जानें कीमत और खासियतें; पर्यावरण अनुकूल कार से कम होगी पेट्रोल पर निर्भरता
इथेनॉल से चलने वाली वैगनआर लॉन्च, पेट्रोल निर्भरता घटाने की बड़ी पहल
Maruti WagonR BioFlex: भारतीय ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाते हुए मारुति सुजुकी ने देश की पहली मास-मार्केट फ्लेक्स फ्यूल कार वैगनआर बायोफ्लेक्स लॉन्च कर दी है। यह कार इथेनॉल और पेट्रोल के मिश्रण पर चलने में सक्षम है, जो सरकार की ई20 और ई85 नीति को बढ़ावा देने का बड़ा माध्यम बनेगी। दिल्ली में इसकी एक्स-शोरूम कीमत 7.24 लाख रुपये रखी गई है, जो नियमित पेट्रोल वैगनआर से करीब 86 हजार रुपये ज्यादा है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी की मौजूदगी में हाल ही में शोकेस की गई इस कार का अब मूल्य निर्धारण कर दिया गया है। यह लॉन्च आत्मनिर्भर भारत और स्वच्छ ऊर्जा के लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है। विशेष रूप से व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं जैसे टैक्सी और कैब ऑपरेटर्स के लिए शुरू की गई यह कार आम ग्राहकों को भी जल्द आकर्षित करेगी। मारुति सुजुकी ने वैगनआर बायोफ्लेक्स को सिर्फ एक टॉप-स्पेक ZXi+ वेरिएंट में पेश किया है। दिल्ली एक्स-शोरूम कीमत 7.24 लाख रुपये है, जबकि ऑन-रोड कीमत शहर के अनुसार 8 लाख रुपये के आसपास पहुंच सकती है। नियमित पेट्रोल ZXi+ मैनुअल वेरिएंट की तुलना में यह लगभग 85-86 हजार रुपये महंगी है। कंपनी ने फिलहाल इसे केवल व्यावसायिक सेगमेंट यानी येलो नंबर प्लेट वाली कैब और टैक्सी सेवाओं के लिए उपलब्ध कराया है। आम उपभोक्ताओं को इस पर्यावरण अनुकूल कार का इंतजार करना होगा, लेकिन भविष्य में रिटेल सेल्स भी शुरू होने की उम्मीद है। मारुति का यह कदम ईंधन की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने की दिशा में सराहनीय है।
K12N इंजन और E85 फ्लेक्स फ्यूल मैकेनिज्म: इथेनॉल सेंसर्स का कड़ा थर्मल-ट्यूनिंग विन्यास
ऑटोमोटिव पावरट्रेन इंफ्रास्ट्रक्चर और ईंधन दहन प्रणालियों के वॉर्डरोब चार्ट पर यदि इस नूतन फ्लेक्स-फ्यूल तकनीक का सूक्ष्म फॉरेंसिक ऑडिट किया जाए, तो 1.2 लीटर के K12N विश्वसनीय पेट्रोल इंजन का अनुकूलन पेट्रोलियम आयात जनित खुदरा मंदी की मार को समूल नष्ट करने की संप्रभु लाइफलाइन नोटीफाइड हुआ है। यह इंजन 90.9 पीएस की कड़क पावर और 113.7 न्यूटन मीटर का टॉर्क प्रमोट करता है, जिसे 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स के साथ कस्टमाइज्ड सिंक किया गया है; जिसके प्रभाव स्वरूप E20 से लेकर E85 तक के इथेनॉल-पेट्रोल मिश्रणों के रीयल-टाइम दोहन हेतु इंजन हेड के भीतर जंग-रोधी हीट इंजेक्टर्स और एडवांस्ड इथेनॉल सेंसर्स (Ethanol Sensors) की इन्वेंट्री सूची कड़ाई से मुस्तैद की गई है, जो ऑटोमैटिकली फ्यूल डेंसिटी का फॉरेंसिक मिलान कर अवांछित कार्बन उत्सर्जन के ब्लोटवेयर पैनिक को गेट पर ही पूरी तरह ब्लॉक कर देती है और वाहन को सीमाओं के भीतर एक बिल्कुल नया व कड़क आसमान डिलीवर करती है।
ZXi+ ट्रिम फीचर्स और छह एयरबैग सुरक्षा कवच: 14 इंच अलॉय व्हील्स वर्सेज कमर्शियल टैक्सी लॉजिस्टिक्स
व्यावसायिक फ्लीट ऑपरेशन्स और फ्लीट ड्राइवरों के वेल्थ मैनेजमेंट सूचकांक के विनिर्देशों के तहत, इस बायोफ्लेक्स कार को पूरी तरह से टॉप-स्पेक ZXi+ ट्रिम की आधुनिक इन्वेंट्री से लैस किया गया है। कैब चालकों और पैसेंजर्स की संप्रभु सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु इसमें छह एयरबैग (6 Airbags), इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल, हिल होल्ड असिस्ट और रियर पार्किंग सेंसर्स के विधिक कॉरिडोर्स को सीमाओं के भीतर इस तरह टाइट किया गया है कि यात्रा जोखिम के खुदरा ब्लोटवेयर को होल्ड किया जा सके; जिसके साथ ही 7 इंच का टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, स्टीयरिंग माउंटेड कंट्रोल्स और 14 इंच के कड़क ब्लैक अलॉय व्हील्स की दृश्यात्मक अपील कमर्शियल फ्लीट मैनेजर्स के टर्नओवर ग्राफ़ को रिकॉर्ड रफ्तार प्रदान करेगी जो कि ईंधन की बचत के जरिए उनके दैनिक ऑपरेटिंग खर्चों को न्यूनतम स्तर पर लॉक करने की असली अचूक चाबी साबित होगी।
कृषि अपशिष्ट इथेनॉल ब्लेंडिंग और किसान आय संवर्धन: ब्राजील मॉडल वर्सेज इंडियन ऑयल डिस्ट्रीब्यूशन बुनियादी ढांचा
राष्ट्रीय स्वच्छ ऊर्जा नीतियों और कृषि जन्य वैकल्पिक ईंधन प्रणालियों के सांख्यिकीय डेटा पर यदि दृष्टिपात करें, तो भारत सरकार के ई100 इथेनॉल प्रोजेक्ट के अंतर्गत कृषि अपशिष्टों व गन्ने के अवशेषों से निर्मित होने वाला यह एथेनॉल डोमेस्टिक रूरल इकोनॉमी को प्रोग्रेसिव बूस्ट प्रदान करने का जरिया बना है। यद्यपि प्यूर पेट्रोल की तुलना में E85 ईंधन विन्यास पर आंशिक माइलेज मंदी दर्ज हो सकती है, तथापि प्रति लीटर इथेनॉल की कम खुदरा कीमत समूचे परिवहन थर्मामीटर को सीमाओं के भीतर संतुलित रखेगी; जहाँ ब्राजील के सफल फ्लेक्स-फ्यूल मॉडल से प्रेरणा लेकर टाटा, हुंडई और महिंद्रा जैसे समकक्ष प्रमोटर्स भी वैकल्पिक ऊर्जा ग्रिडों की ओर अग्रसर हो रहे हैं तथा इंडियन ऑयल (IOCL) जैसी दिग्गज तेल विपणन कंपनियां देश भर के रीटेल काउंटर्स पर E85 आपूर्ति श्रृंखला के बुनियादी ढांचे को रिकॉर्ड रफ्तार से सीमाओं पर अपग्रेड कर रही हैं।
नितिन गडकरी स्वदेशी हरित क्रांति विज़न: वैकल्पिक सीएनजी-हाइब्रिड श्रृंखला वर्सेज वर्ष 2047 तक आत्मनिर्भर भारत
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा इस मास-मार्केट बायोफ्लेक्स लॉन्च को देश के परिवहन इतिहास का एक कल्पित व अनुशासित मील का पत्थर नोटीफाइड करना, विदेशी मुद्रा क्षरण को सीमाओं पर समूल नष्ट करने की दिशा में अभेद्य कदम है। भविष्य में पर्यावरण शुचिता को महफूज रखने हेतु मारुति सुजुकी द्वारा इस तकनीक को स्विफ्ट और बलेनो जैसी रिटेल श्रेणियों में विस्तारित करने तथा भ्रामक खुदरा अफवाहों को गेट पर ही पूरी तरह से ब्लॉक करने की कड़क कार्य योजना लॉक की गई है; ताकि उपभोक्ताओं को सस्टेनेबल मोबिलिटी सिद्धांतों का आदर करने की अनुशासित सलाह दी जा सके और देश का प्रत्येक नागरिक इस हरित क्रांति के बलबूते वर्ष 2047 तक पूर्णतः सुरक्षित, प्रदूषण मुक्त व आत्मनिर्भर भारत के समष्टिगत विज़न को धरातल पर पूरी कड़ाई के साथ जीवंत बनाए रखने में विधिक रूप से सफल सिद्ध हो सके।
Read more here
Vat Purnima 2026: 29 जून को मनाई जाएगी वट पूर्णिमा, वट सावित्री व्रत की तिथि-समय और महत्व जानें