Kidney Stone Symptoms: लापरवाही पड़ी भारी तो हो सकता है ऑपरेशन, शरीर में ये 5 शुरुआती लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से करें संपर्क

Kidney Stone Symptoms: परवाही पड़ी भारी तो हो सकता है ऑपरेशन, दिखते ही सतर्क हों ये 5 लक्षण

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Kidney Stone Symptoms: भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब लाइफस्टाइल और खानपान की गलत आदतें आज इंसानी शरीर को कई गंभीर बीमारियों की तरफ धकेल रही हैं। इन्हीं में से एक बेहद आम और गंभीर समस्या बन चुकी है किडनी स्टोन यानी गुर्दे की पथरी। डॉक्टरों के मुताबिक, जब शरीर में पानी की कमी होने लगती है और नमक या दूसरे मिनरल्स यूरीन के रास्ते बाहर निकलने के बजाय अंदर ही जमा होने लगते हैं, तो वे धीरे-धीरे सख्त होकर छोटे पत्थरों का रूप ले लेते हैं। शुरुआत में ये स्टोन इतने छोटे होते हैं कि इनका पता भी नहीं चलता, लेकिन जैसे ही इनका आकार बढ़ता है, ये असहनीय दर्द और गंभीर मुश्किलें पैदा कर देते हैं। अगर समय रहते शरीर के इन शुरुआती इशारों को समझ लिया जाए, तो मरीज बिना किसी ऑपरेशन के केवल दवाओं और सही खानपान से ठीक हो सकता है, अन्यथा देरी होने पर बात सर्जरी तक पहुंच जाती है।

Kidney Stone Symptoms: जब पीठ और पेट के निचले हिस्से में अचानक उठने लगे असहनीय तेज दर्द

किडनी में पथरी होने का सबसे पहला और बड़ा संकेत शरीर के पिछले हिस्से से मिलता है। यह दर्द सामान्य पेट दर्द या गैस के दर्द से बिल्कुल अलग होता है। गुर्दे की पथरी का दर्द अचानक शुरू होता है और मुख्य रूप से आपकी पीठ में, पसलियों के ठीक नीचे और पेट के निचले हिस्से में महसूस होता है। सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में रोजाना दर्जनों ऐसे मरीज पहुंचते हैं जो इस अचानक उठे दर्द के कारण ठीक से बैठ या लेट भी नहीं पाते हैं।

यह दर्द एक लहर की तरह उठता है, यानी कुछ मिनटों के लिए यह बहुत तेज हो जाता है और फिर थोड़ा कम हो जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स बताते हैं कि अगर यह दर्द पेट के ऊपरी हिस्से से शुरू होकर धीरे-धीरे नीचे जांघों की तरफ बढ़ने लगे, तो इसका मतलब साफ है कि पथरी अब अपनी जगह से खिसककर मूत्रनली की तरफ बढ़ रही है। ऐसी स्थिति में दर्द निवारक दवाएं खुद से खाने के बजाय तुरंत नजदीकी अस्पताल जाना चाहिए।

यूरीन पास करते समय तेज जलन और तीखा दर्द होना सामान्य इंफेक्शन नहीं

जब किडनी की पथरी खिसकते हुए यूरिनरी ट्रैक्ट यानी मूत्रनली के करीब पहुंच जाती है, तो पेशाब करते समय मरीज को बहुत ज्यादा तकलीफ का सामना करना पड़ता है। इस दौरान यूरीन पास करते वक्त बहुत तेज जलन और सुई चुभने जैसा तीखा दर्द महसूस होता है। चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इस गंभीर स्थिति को ‘डिस्यूरिया’ कहा जाता है।

अक्सर देखा गया है कि लोग इस लक्षण को केवल एक सामान्य यूरीन इंफेक्शन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं या फिर खुद से कोई भी एंटीबायोटिक दवा ले लेते हैं। लेकिन अगर दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने के बाद भी पेशाब की जलन ठीक नहीं हो रही है और हर बार टॉयलेट जाने पर आपको दर्द से कराहना पड़ रहा है, तो समझ लीजिए कि पथरी मूत्र मार्ग में कहीं रुकावट पैदा कर रही है। यह स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती है क्योंकि इससे किडनी पर दबाव बढ़ता है।

पेशाब के रंग में अचानक बदलाव और ब्लीडिंग होना गंभीर खतरे की घंटी

एक स्वस्थ और तंदुरुस्त शरीर में पेशाब का रंग हमेशा साफ या बहुत हल्का पीला होता है। लेकिन अगर आपकी किडनी के अंदर स्टोन बढ़ रहा है, तो आपके यूरीन का रंग पूरी तरह बदल सकता है। जब पथरी अंदरूनी नसों और नलियों की दीवारों से टकराती है या वहां रगड़ खाती है, तो अंदरूनी हिस्सों से ब्लीडिंग होने लगती है। यही खून पेशाब के रास्ते बाहर आता है, जिससे यूरीन का रंग गुलाबी, लाल या गहरा भूरा दिखाई देने लगता है।

इसके साथ ही पथरी की वजह से अंदरूनी हिस्सों में बैक्टीरिया पनपने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यूरीन इंफेक्शन के कारण पेशाब बहुत ज्यादा धुंधला या मटमैला दिखने लगता है और उसमें से बेहद तेज बदबू भी आने लगती है। लैब टेस्ट और डॉक्टरों के अनुभव बताते हैं कि यूरीन में खून आना या उसका रंग बदलना इस बात का पुख्ता सबूत है कि अंदरूनी अंगों को नुकसान पहुंच रहा है और अब तुरंत इलाज की जरूरत है।

बार-बार टॉयलेट जाने का अहसास होना और रात की नींद खराब होना

क्या आपको भी अचानक से सामान्य दिनों के मुकाबले बार-बार टॉयलेट जाने की जरूरत महसूस होने लगी है? अगर ऐसा है तो आपको तुरंत सतर्क हो जाने की जरूरत है। जब किडनी की पथरी धीरे-धीरे नीचे की तरफ खिसककर ब्लैडर यानी पेशाब की थैली के निचले हिस्से में पहुंच जाती है, तो वह वहां की नसों पर लगातार दबाव बनाती है।

इस दबाव की वजह से मरीज को हर थोड़ी देर में ऐसा महसूस होता है कि उसे तुरंत टॉयलेट जाना है, लेकिन जब वह टॉयलेट जाता है तो बहुत ही कम मात्रा में यूरीन पास होता है। रात के समय यह समस्या और ज्यादा परेशान करने वाली हो जाती है। बार-बार उठने के कारण मरीज की नींद पूरी नहीं हो पाती, जिससे उसका मानसिक तनाव और शारीरिक थकान बढ़ने लगती है। डॉक्टरों का कहना है कि यह लक्षण तब दिखता है जब स्टोन पूरी तरह से यूरिनरी सिस्टम को प्रभावित करने लगता है।

तेज पेट दर्द के साथ लगातार जी मिचलाना और उल्टियां होना

शायद बहुत से लोगों को इस बात की जानकारी न हो, लेकिन हमारी किडनी और पेट के पाचन तंत्र के बीच एक बेहद गहरा और सीधा नर्व कनेक्शन होता है। जब किडनी के अंदर स्टोन की वजह से बहुत तेज दबाव या खिंचाव पैदा होता है, तो वहां की नसें सीधे तौर पर पेट के हिस्से को भी प्रभावित करने लगती हैं। यही वजह है कि किडनी स्टोन के मरीजों को तेज दर्द के साथ-साथ लगातार उल्टी आने जैसा महसूस होता है।

कई मामलों में तो मरीजों को बार-बार गंभीर रूप से उल्टियां होने लगती हैं, जिससे शरीर का सारा पानी बाहर निकल जाता है और कमजोरी छा जाती है। अगर आपको पेट या पीठ दर्द के साथ-साथ अचानक चक्कर आ रहे हों, ठंडा पसीना आ रहा हो और उल्टी का मन हो रहा हो, तो इसे हल्के में बिल्कुल न लें। यह आपके शरीर का एक गंभीर अलार्म है जो बता रहा है कि अंदरूनी सिस्टम में कुछ बड़ा गड़बड़ हो चुका है।

Kidney Stone Symptoms: बचाव के लिए रोजाना अपनाएं ये आसान उपाय

देश के बड़े सरकारी अस्पतालों के किडनी रोग विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी स्टोन से बचने का सबसे अचूक और सरल उपाय है खुद को हमेशा हाइड्रेटेड रखना। हर वयस्क इंसान को दिनभर में कम से कम 3 से 4 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए ताकि शरीर में जमा होने वाले टॉक्सिंस आसानी से यूरीन के रास्ते बाहर निकल सकें। इसके अलावा खाने में नमक की मात्रा कम रखनी चाहिए, क्योंकि ज्यादा सोडियम पथरी बनने की प्रक्रिया को तेज करता है।

अगर ऊपर बताए गए 5 लक्षणों में से दो या तीन लक्षण भी आपको अपने शरीर में महसूस हो रहे हैं, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क कर अल्ट्रासाउंड या यूरीन टेस्ट करवाएं। शुरुआती दौर में पकड़े जाने पर छोटी पथरी को केवल सही मात्रा में पानी पीने और साधारण दवाओं से शरीर से बाहर निकाला जा सकता है। याद रखें, सेहत के मामले में थोड़ी सी सतर्कता आपको किसी बड़े ऑपरेशन और अस्पताल के भारी-भरकम खर्च से आसानी से बचा सकती है।

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