Khatu Shyam VIP Darshan Rules: QR कोड और टाइम स्लॉट से मिलेगी VIP एंट्री

खाटू धाम में डिजिटल प्रोटोकॉल लागू करने की तैयारी, फर्जी VIP पास और लपका गिरोह पर लगेगी रोक

0
Khatu Shyam VIP Darshan Rules: राजस्थान के सीकर जिले में स्थित सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल बाबा खाटू श्याम जी के मंदिर में VIP दर्शन व्यवस्था को लेकर बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया जा रहा है। देश भर से लाखों की संख्या में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के भीड़ प्रबंधन, पारदर्शिता और कथित दलालों (लपका गिरोह) पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से मंदिर कमेटी, जिला प्रशासन और पुलिस ने वीआईपी दर्शन को डिजिटल प्रोटोकॉल आधारित करने की पूरी तैयारी कर ली है।
उज्जैन के महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की तर्ज पर अब खाटू धाम में भी केवल मौखिक या अनौपचारिक सिफारिशों के आधार पर विशेष प्रवेश नहीं मिलेगा। नई व्यवस्था के तहत संवैधानिक पदों, अधिकृत कार्यालयों की सिफारिश और डिजिटल सत्यापन के बाद जारी किए गए क्यूआर कोड (QR Code) व टाइम स्लॉट के जरिए ही बाबा श्याम के दरबार में प्रवेश संभव होगा।

Khatu Shyam VIP Darshan Rules: महाकाल मंदिर की तर्ज पर नया प्रोटोकॉल सिस्टम

खाटू धाम में एकादशी, द्वादशी, सप्ताहांत और मुख्य मेलों के दौरान भारी भीड़ उमड़ती है। पूर्व में वीआईपी दर्शन के नाम पर सामान्य कतारों में व्यवधान पड़ने और अनधिकृत लोगों द्वारा फर्जीवाड़ा किए जाने की शिकायतें निरंतर सामने आ रही थीं। इसे देखते हुए प्रशासन ने उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर एक व्यवस्थित प्रोटोकॉल मॉडल अपनाने का निर्णय लिया है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत अब केवल निर्धारित प्रोटोकॉल में आने वाले गणमान्य व्यक्तियों और अधिकृत सिफारिशों को ही वीआईपी दर्शन की अनुमति मिलेगी। इसके तहत राजभवन, मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO), केंद्रीय मंत्रियों के कार्यालय, राज्य सचिवालय या अधिकृत न्यायिक व प्रशासनिक स्तर से आने वाले पत्रों की डिजिटल जांच की जाएगी।

WhatsApp Bot से जनरेट होगा QR कोड और टाइम स्लॉट

नई व्यवस्था का सबसे अहम और आधुनिक पहलू इसका डिजिटल ऑटोमेशन है। प्राप्त सिफारिशी पत्र की प्रमाणिकता की पुष्टि होने के बाद संबंधित श्रद्धालुओं का विवरण एक विशेष व्हाट्सएप बॉट (WhatsApp Bot) आधारित प्रणाली में दर्ज किया जाएगा।
सत्यापन पूरा होते ही श्रद्धालु के मोबाइल नंबर पर एक विशिष्ट क्यूआर कोड (QR Code) और दर्शन का निश्चित समय (टाइम स्लॉट) प्रेषित कर दिया जाएगा। श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचने पर निर्धारित प्रवेश बिंदु पर अपने मोबाइल में आया क्यूआर कोड स्कैन कराना होगा। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति को अपना आधिकारिक पहचान पत्र भी प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा ताकि पास के किसी भी प्रकार के दुरुपयोग या हस्तांतरण को रोका जा सके।

बाबा पार्किंग वाला पुराना VIP गेट होगा बंद

डिजिटल प्रोटोकॉल लागू होने के साथ ही मंदिर के भौतिक प्रवेश मार्गों में भी बड़ा बदलाव किया जा रहा है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मंदिर के पास स्थित ‘बाबा पार्किंग’ वाले पुराने वीआईपी गेट को स्थायी रूप से बंद करने की तैयारी है।
प्रोटोकॉल के तहत आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवागमन और निकास का एक बिल्कुल अलग, नियंत्रित गलियारा तैयार किया जाएगा। इसका सीधा लाभ सामान्य कतारों में घंटों खड़े रहने वाले आम भक्तों को मिलेगा, क्योंकि वीआईपी आवाजाही के कारण आम दर्शनार्थियों की कतारों को बार-बार रोकने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

सांसदों, मंत्रियों और शीर्ष अफसरों के लिए अलग नियम

प्रस्तावित नियमों के अनुसार, संवैधानिक पदों पर आसीन जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के लिए दर्शन प्रक्रिया को सुगम रखा गया है। राजस्थान सरकार के मंत्रियों, अन्य राज्यों के मंत्रियों और सांसदों को स्वयं दर्शन के लिए आने पर किसी पूर्व सिफारिशी पत्र की आवश्यकता नहीं होगी।
इसी प्रकार, भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS), भारतीय वन सेवा (IFS) और भारतीय राजस्व सेवा (IRS) स्तर के अधिकारियों के स्वयं आगमन पर उनके सेवा पहचान पत्र के आधार पर प्रोटोकॉल दर्शन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

लपका गिरोह और फर्जी वीआईपी दर्शन रैकेट पर कड़ा प्रहार

हाल के दिनों में सीकर पुलिस ने खाटूश्यामजी में वीआईपी दर्शन के नाम पर अवैध वसूली करने वाले एक सक्रिय रैकेट का पर्दाफाश करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया था कि बाहरी राज्यों से आने वाले भोले-भाले श्रद्धालुओं से जल्दी दर्शन और विशेष प्रवेश के नाम पर ₹1,000 से लेकर ₹5,000 तक ऐंठे जा रहे थे।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसकी सिफारिश पर, किस तारीख को और किस समय कितने व्यक्तियों ने वीआईपी दर्शन किए, इसका संपूर्ण डिजिटल डेटाबेस प्रशासन के पास सुरक्षित रहेगा। इससे बिचौलियों, फर्जी एजेंटों और अनधिकृत प्रवेश कराने वाले तत्वों पर पूरी तरह से नकेल कसी जा सकेगी।

Khatu Shyam VIP Darshan Rules: श्रद्धालुओं के लिए प्रशासनिक सलाह

खाटू धाम जाने की योजना बना रहे सभी भक्तों से अपील की गई है कि वे किसी भी अनधिकृत एजेंट या कथित बिचौलिए के झांसे में न आएं। वीआईपी दर्शन के नाम पर किसी भी व्यक्ति को नकद अथवा ऑनलाइन भुगतान न करें।
सामान्य दर्शनार्थी निर्धारित कतारों और जिगजैग बैरिकेडिंग के माध्यम से सुगमता से बाबा श्याम के दर्शन कर सकते हैं। मंदिर कमेटी और जिला प्रशासन द्वारा जब तक इस नई प्रोटोकॉल व्यवस्था की अंतिम नियमावली और विस्तृत दिशा-निर्देश आधिकारिक रूप से जारी नहीं किए जाते, तब तक सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी भ्रामक दावे या अनाधिकृत लिंक पर भरोसा करने से बचें।

Read More Here

Homai Vyarawalla: देश की पहली महिला फोटोपत्रकार जिन्होंने कैमरे में कैद किया आजाद भारत का इतिहास

Dental Health Tips: मौसम बदलते ही बढ़ जाती है दांतों की सेंसेटिविटी, जानें क्या है वजह और कैसे पाएं राहत

Indian-Origin Couple $20 Million Donation: AI कॉलेज के लिए भारतीय दंपती का बड़ा दान

Sugar Price: घटने की बजाय फिर बढ़े चीनी के दाम, यूपी की मिलों ने कीमत घटाने से किया साफ इनकार

आपको यह भी पसंद आ सकता है
Leave A Reply

Your email address will not be published.