BRICS Summit 2026: 11-13 सितंबर तक 120+ ट्रेनें प्रभावित, कई रद्द-डायवर्ट

नई दिल्ली स्टेशन से कई ट्रेनें रद्द और डायवर्ट, यात्रियों के लिए 139 हेल्पलाइन जारी

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BRICS Summit 2026: देश की राजधानी में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन को लेकर सुरक्षा और प्रशासनिक स्तर पर व्यापक प्रबंध किए गए हैं। सम्मेलन के दौरान विदेशी राष्ट्राध्यक्षों, राजनयिकों और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों की सुरक्षा तथा सुगम आवागमन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारतीय रेलवे ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और दिल्ली मंडल के अंतर्गत रेल परिचालन में बड़े पैमाने पर अस्थायी फेरबदल किया है। उत्तर रेलवे द्वारा 11 से 13 सितंबर 2026 तक 120 से अधिक यात्री ट्रेनों के संचालन को पुनर्निर्धारित, डायवर्ट, शॉर्ट टर्मिनेट अथवा आंशिक व पूर्ण रूप से रद्द करने का आधिकारिक निर्णय लिया गया है।

सम्मेलन के दौरान नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर अत्यधिक यात्री दबाव और सुरक्षा जोखिम को कम करने के लिए रेलवे प्रशासन ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। लंबी दूरी की प्रतिष्ठित राजधानी एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस और नियमित मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों के साथ-साथ दैनिक आवागमन करने वाले यात्रियों की लाइफलाइन मानी जाने वाली ईएमयू (EMU) और मेमू (MEMU) सेवाओं के समय और मार्गों में व्यापक बदलाव किया गया है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे किसी भी भ्रम या परेशानी से बचने के लिए स्टेशन रवाना होने से पहले आधिकारिक हेल्पलाइन और डिजिटल पोर्टलों के जरिए अपनी गाड़ी की ताजा स्थिति अवश्य जांच लें।

BRICS Summit 2026: 120 से अधिक रेल सेवाओं पर पड़ा सीधा असर

दिल्ली मंडल के मुख्य रेल नेटवर्क से गुजरने वाली 120 से अधिक ट्रेनों पर इन सुरक्षा पाबंदियों का सीधा प्रभाव पड़ा है। उत्तर रेलवे के अनुसार इन तीन दिनों के दौरान कई ट्रेनों को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया है, जबकि कई गाड़ियां अपने निर्धारित स्टेशन के बजाय आउटर स्टेशनों पर समाप्त या वहीं से शुरू की जा रही हैं।

इस व्यवस्था से सबसे अधिक प्रभावित वे दैनिक वेतनभोगी और नौकरीपेशा लोग हो रहे हैं जो पलवल, गाजियाबाद, सोनीपत, पानीपत और रोहतक से दिल्ली की ओर नियमित ईएमयू व पैसेंजर ट्रेनों से यात्रा करते हैं। 11 सितंबर को पलवल-शकूरबस्ती ईएमयू, गाजियाबाद-नई दिल्ली ईएमयू और नई दिल्ली-पलवल लेडीज स्पेशल ईएमयू का संचालन निरस्त रहा। इसी प्रकार 13 सितंबर को भी गाजियाबाद-दिल्ली जंक्शन, नई दिल्ली-पलवल और गाजियाबाद-शकूरबस्ती के बीच चलने वाली उपनगरीय सेवाएं स्थगित रहेंगी।

राजधानी एक्सप्रेस समेत प्रमुख सुपरफास्ट ट्रेनों के रूट बदले गए

देश के विभिन्न राज्यों को राजधानी दिल्ली से जोड़ने वाली प्रमुख प्रीमियम ट्रेनों के पारंपरिक मार्गों में फेरबदल किया गया है। रेलवे परिचालन योजना के तहत नई दिल्ली-रांची राजधानी एक्सप्रेस, नई दिल्ली-डिब्रूगढ़ राजधानी एक्सप्रेस, नई दिल्ली-हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस और नई दिल्ली-भुवनेश्वर राजधानी एक्सप्रेस को नई दिल्ली से सीधे निकालने के बजाय दिल्ली जंक्शन और साहिबाबाद के रास्ते वैकल्पिक रेल गलियारों से चलाया जा रहा है।

इसके अतिरिक्त बिहार और उत्तर प्रदेश की ओर जाने वाली अत्यधिक व्यस्त संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस समेत कई सुपरफास्ट ट्रेनों को भी डायवर्ट किया गया है। मार्ग में बदलाव होने से इन ट्रेनों के यात्रा समय में कुछ घंटों की वृद्धि होने की संभावना है, जिससे यात्रियों को गंतव्य पर पहुंचने में अतिरिक्त समय लग सकता है।

वंदे भारत एक्सप्रेस और कर्नाटक एक्सप्रेस के संचालन पर नियंत्रण

आधुनिक सुविधाओं से लैस सेमी-हाई-स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन पर भी ब्रिक्स सम्मेलन के सुरक्षा प्रोटोकॉल का असर पड़ा है। रेलवे की परिचालन अधिसूचना के अनुसार वाराणसी से नई दिल्ली आने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस को 12 सितंबर को सुरक्षा क्लीयरेंस के आधार पर मार्ग में कुछ समय के लिए नियंत्रित (रेगुलेट) किया जाएगा, जिससे यह निर्धारित समय से विलंब से पहुंच सकती है।

इसी प्रकार दक्षिण भारत से आने वाली प्रमुख ट्रेन कर्नाटक एक्सप्रेस को 11 सितंबर को उत्तर मध्य रेलवे (NCR) और पलवल सेक्शन में विभिन्न अंतरालों पर लगभग 35 मिनट या उससे अधिक समय के लिए रोका गया। सुरक्षा काफिलों के गुजरने के समय सिग्नलों पर ट्रेनों को अस्थायी रूप से नियंत्रित किए जाने के कारण कई अन्य एक्सप्रेस गाड़ियों के समय में 10 से 40 मिनट की देरी दर्ज की जा रही है।

शॉर्ट टर्मिनेशन और शॉर्ट ओरिजिनेशन: साहिबाबाद और शाहदरा बनेंगे वैकल्पिक स्टेशन

नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भीड़भाड़ नियंत्रित करने के लिए कई ट्रेनों को उनके गंतव्य स्टेशन से पहले ही समाप्त (शॉर्ट टर्मिनेट) किया जा रहा है। उत्तर रेलवे ने कई मेमू और लोकल पैसेंजर ट्रेनों को नई दिल्ली या पुरानी दिल्ली ले जाने के बजाय साहिबाबाद और दिल्ली शाहदरा स्टेशनों पर ही यात्रा समाप्त करने के निर्देश दिए हैं।

वापसी में यही ट्रेनें साहिबाबाद और शाहदरा से ही अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान (शॉर्ट ओरिजिन) करेंगी। जिन यात्रियों के टिकट नई दिल्ली अथवा दिल्ली जंक्शन स्टेशन के लिए बुक हैं, उन्हें इन उपनगरीय स्टेशनों पर ही उतरकर दिल्ली मेट्रो अथवा स्थानीय बसों के जरिए अपने गंतव्य की ओर आगे बढ़ना होगा।

सड़क यातायात प्रतिबंधों के कारण स्टेशन पहुंचने में हो सकती है देरी

रेलवे सेवाओं में बदलाव के साथ-साथ दिल्ली पुलिस द्वारा लागू की गई सख्त यातायात व्यवस्था भी यात्रियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है। वीवीआईपी गतिविधियों के चलते मध्य दिल्ली, सरदार पटेल मार्ग, रिंग रोड, मथुरा रोड और नई दिल्ली स्टेशन के आसपास के मार्गों पर 22 स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है।

इस स्थिति को देखते हुए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी ट्रेन छूटने के सामान्य समय से कम से कम दो से तीन घंटे पहले घर से निकलें। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचने के लिए निजी टैक्सियों या कारों के बजाय दिल्ली मेट्रो की एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन या येलो लाइन का उपयोग करना ज्यादा समयबद्ध और सुरक्षित रहेगा।

BRICS Summit 2026: रेलवे ने 139 हेल्पलाइन और NTES पर निर्भर रहने की दी सलाह

अस्थायी बदलावों के मद्देनजर भारतीय रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे स्टेशन पहुंचने से पूर्व अपनी ट्रेन की अद्यतन स्थिति अवश्य जांच लें। यात्री रेल मदद हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल या एसएमएस करके अपनी गाड़ी का वास्तविक समय और प्लेटफार्म नंबर जान सकते हैं।

इसके अलावा नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम (NTES) की आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर प्रत्येक ट्रेन का लाइव रनिंग स्टेटस निरंतर अपडेट किया जा रहा है। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि 13 सितंबर को ब्रिक्स सम्मेलन के समापन और विदेशी प्रतिनिधियों की वापसी के उपरांत 14 सितंबर से दिल्ली मंडल का संपूर्ण रेल नेटवर्क पूर्व निर्धारित सामान्य समय सारिणी के अनुसार बहाल कर दिया जाएगा।

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