Indian Diet Tracker: क्या भारतीय थाली वाकई बढ़ा रही है डायबिटीज का खतरा? जानिए किन लोगों के लिए भारी पड़ सकती है दाल-रोटी
Indian Diet Tracker: दाल-रोटी खाने का गलत तरीका बना सकता है बीमार, एक्सपर्ट्स से जानें थाली परोसने का सही और हेल्दी नियम।
Indian Diet Tracker: भारत में खानपान की जब भी बात होती है, तो दाल, रोटी और चावल के बिना थाली को अधूरा माना जाता है। हमारे देश के अधिकांश घरों में दोपहर या रात के खाने में एक साथ चावल और रोटी दोनों परोसने की पुरानी परंपरा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, भारतीय थाली को परोसने और खाने का यही पुराना तरीका आजकल लोगों में ब्लड शुगर और मोटापे के खतरे को तेजी से बढ़ा रहा है। भारत में लगातार पैर पसारती डायबिटीज महामारी के बीच विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि गलत मात्रा में लिया गया यह पारंपरिक भोजन कुछ लोगों को गंभीर रूप से बीमार बना रहा है।
Indian Diet Tracker: क्यों परेशानी का सबब बन रही है हमारी पारंपरिक थाली?
भारत दुनिया भर में सबसे ज्यादा डायबिटीज मरीजों वाले देशों की सूची में काफी ऊपर गिना जाता है। ऐसे में मेडिकल एक्सपर्ट्स अब मरीजों की उन रोजमर्रा की आदतों की बारीकी से जांच कर रहे हैं, जो अनजाने में ही बीमारी को न्योता दे रही हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि समस्या हमारी पारंपरिक दाल, रोटी या चावल में नहीं है। असली दिक्कत इस बात में है कि हम इन्हें किस मात्रा में (Porportion) और किस तरीके से अपनी प्लेट में जगह दे रहे हैं।
इन लोगों के लिए सही नहीं है असंतुलित दाल-रोटी का सेवन
एक आम भारतीय थाली में आमतौर पर चावल, दो-तीन रोटियां, आलू की सब्जी, दाल, अचार और कभी-कभी अंत में कुछ मीठा या मीठे पेय शामिल होते हैं। ये सभी चीजें कार्बोहाइड्रेट का बहुत बड़ा स्रोत मानी जाती हैं।
जब हम एक ही बार के भोजन में इतने सारे कार्ब्स एक साथ खा लेते हैं, तो हमारे शरीर पर ग्लूकोज का लोड अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। यह स्थिति उन लोगों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है जो पहले से प्रीडायबिटीज, डायबिटीज, मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर या इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
थाली परोसते समय हम रोज कर रहे हैं ये बड़ी गलतियां
डाइटिशियन के मुताबिक, आज के समय में सबसे बड़ी गड़बड़ी यह है कि हमारी थाली में कार्बोहाइड्रेट तो भरपूर मात्रा में होता है, लेकिन प्रोटीन और फाइबर की भारी कमी हो जाती है।
ज्यादातर लोग दो या तीन रोटियों के साथ एक बड़ी कटोरी चावल भी खा लेते हैं, जबकि शरीर के लिए जरूरी प्रोटीन स्रोत जैसे पनीर, दही, अंडे, मछली, चिकन या गाढ़ी दाल की मात्रा बहुत सीमित होती है। इसके अलावा, सलाद और हरी सब्जियों को भोजन में मुख्य हिस्से के बजाय सिर्फ एक साइड डिश की तरह देखा जाता है।
बदलती लाइफस्टाइल ने और ज्यादा बढ़ा दिया है रिस्क
पुराने जमाने में हमारे बुजुर्ग शारीरिक रूप से बहुत ज्यादा मेहनत करते थे, जिससे भोजन से मिलने वाली अतिरिक्त कैलोरी और ग्लूकोज आसानी से पच जाता था। लेकिन आज की आधुनिक और सुस्त लाइफस्टाइल ने इस समीकरण को पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
घंटों तक एक ही जगह बैठकर काम करना, शारीरिक गतिविधियों का न के बराबर होना और प्रोसेस्ड फूड पर निर्भरता ने शरीर की अतिरिक्त एनर्जी को इस्तेमाल करने के रास्ते बंद कर दिए हैं। यही वजह है कि वही दाल-रोटी अब शरीर में फैट और शुगर बढ़ाने का काम कर रही है।
तो क्या हमें चावल और रोटी खाना बिल्कुल बंद कर देना चाहिए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस बात को पूरी तरह साफ किया है कि इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आप चावल या रोटी खाना पूरी तरह छोड़ दें। रोटी और चावल दोनों ही एक स्वस्थ और संतुलित आहार (Balanced Diet) का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, डायबिटीज का खतरा किसी एक खास अनाज या खाद्य पदार्थ से नहीं बढ़ता, बल्कि लंबे समय तक अपनाई गई असंतुलित खाने की आदतों से बढ़ता है। इसलिए आपको दाल-रोटी छोड़ने की जरूरत नहीं है, बल्कि अपनी थाली का संतुलन सही करने की जरूरत है।
Indian Diet Tracker: हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार जानिए कैसी होनी चाहिए आपकी ‘परफेक्ट थाली’
अगर आप अपनी ब्लड शुगर को कंट्रोल में रखना चाहते हैं और मोटापे से बचना चाहते हैं, तो आज से ही अपनी थाली को इन चार आसान हिस्सों में बांट लें:
- आधी प्लेट (50% हिस्सा): आपकी थाली के आधे हिस्से में सिर्फ हरी सब्जियां, उबली हुई सब्जियां और फाइबर से भरपूर ताजा सलाद होना चाहिए।
- एक चौथाई प्लेट (25% हिस्सा): इस हिस्से में प्रोटीन के अच्छे स्रोत होने चाहिए, जैसे गाढ़ी दाल, पनीर, सोयाबीन, दही, अंडा, चिकन या मछली।
- बाकी बचा एक चौथाई प्लेट (25% हिस्सा): सिर्फ इस छोटे हिस्से में आपको कार्बोहाइड्रेट यानी या तो रोटी रखनी चाहिए या फिर चावल।
- एक साथ खाने से बचें: नियमित रूप से हर रोज दोपहर या रात के भोजन में भारी मात्रा में चावल और रोटी दोनों एक साथ खाने की आदत को तुरंत बदलें।
Disclaimer: यह जानकारी सामान्य रिसर्च स्टडीज और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इसे किसी भी तरह से योग्य डॉक्टर की मेडिकल सलाह या विकल्प के रूप में न देखा जाए। अपनी डाइट, लाइफस्टाइल या खानपान में किसी भी तरह का बड़ा बदलाव करने या नया डाइट प्लान अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह जरूर लें।
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