Increase Android Smartphone Battery Life: एंड्रॉयड स्मार्टफोन की बैटरी जल्दी हो जाती है खत्म? अपनाएं ये 10 आसान और असरदार सेटिंग्स, पूरे दिन बिना रुकावट चलेगा फोन
ओवरचार्जिंग से बचें, स्क्रीन सेटिंग्स बदलें और बैकग्राउंड ऐप्स रोककर पाएं पूरे दिन का बैकअप
Increase Android Smartphone Battery Life: वर्तमान डिजिटल युग में स्मार्टफोन हमारे दैनिक जीवन का सबसे अनिवार्य अंग बन चुका है। ऑफिस के जरूरी कामकाज, ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई पेमेंट, सोशल मीडिया और मनोरंजन से लेकर नेविगेशन तक हर गतिविधि के लिए हम पूरी तरह फोन पर निर्भर हैं। ऐसे में एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स के बीच सबसे आम और गंभीर शिकायत बैटरी का तेजी से खत्म होना है। अक्सर देखा जाता है कि सुबह 100 प्रतिशत चार्ज करने के बावजूद दोपहर या शाम होते-होते फोन की बैटरी जवाब देने लगती है, जिससे कई बार महत्वपूर्ण कार्य बीच में ही अटक जाते हैं।
तकनीकी विशेषज्ञों और बैटरी वैज्ञानिकों के अनुसार, आज के आधुनिक स्मार्टफोन्स में लिथियम-आयन और लिथियम-पॉलीमर बैटरियों का इस्तेमाल होता है, जिनकी चार्जिंग साइकिल्स सीमित होती हैं। फोन के पावरफुल प्रोसेसर और हाई-रिफ्रेश रेट डिस्प्ले के साथ-साथ हमारी गलत चार्जिंग आदतें, बैकग्राउंड में चलने वाले अनावश्यक ऐप्स और गलत सिस्टम सेटिंग्स बैटरी को तेजी से खत्म करते हैं। यदि आप कुछ बेहद आसान सिस्टम सेटिंग्स में बदलाव कर लें और चार्जिंग की सही आदतें अपनाएं, तो बिना पावर बैंक लिए भी आपका फोन पूरे दिन आसानी से चलेगा।
Increase Android Smartphone Battery Life: 1. चार्जिंग का ’20-80 नियम’ अपनाएं और ओवरचार्जिंग से बचें
अधिकांश स्मार्टफोन यूजर्स रात को सोते समय फोन को चार्जिंग पर लगाकर छोड़ देते हैं या फिर बैटरी के शून्य प्रतिशत होने तक उसका इस्तेमाल करते रहते हैं। तकनीकी दृष्टि से यह दोनों ही आदतें बैटरी के स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदेह हैं। बैटरी को 100 प्रतिशत तक लगातार चार्ज रखने या उसे पूरी तरह डिस्चार्ज करने से उसके आंतरिक सेल्स पर रासायनिक दबाव बढ़ता है, जिससे उसकी लाइफ साइकिल तेजी से घटने लगती है।
बैटरी को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने के लिए विशेषज्ञों द्वारा ’20-80 नियम’ का पालन करने की सलाह दी जाती है। जब भी आपके फोन की बैटरी 20 प्रतिशत पर पहुंचे, तभी उसे चार्जर से कनेक्ट करें और जैसे ही चार्जिंग 80 से 85 प्रतिशत तक पहुंचे, चार्जर को तुरंत हटा लें। अधिकांश आधुनिक एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स में ‘प्रोटेक्ट बैटरी’ या ‘ऑप्टिमाइज्ड चार्जिंग’ का विकल्प मिलता है, जो 80 या 85 प्रतिशत के बाद चार्जिंग को स्वचालित रूप से रोक देता है। इस फीचर को ऑन रखने से बैटरी की लाइफ कई वर्षों तक बनी रहती है।
2. स्क्रीन ब्राइटनेस को एडजस्ट करें और स्क्रीन टाइमआउट का समय घटाएं
स्मार्टफोन की बड़ी और ब्राइट स्क्रीन डिवाइस की कुल बैटरी का सबसे बड़ा हिस्सा अकेले खर्च करती है। कई यूजर्स स्क्रीन की ब्राइटनेस को हमेशा 70 से 80 प्रतिशत या उससे अधिक पर रखते हैं, जिससे बैटरी तेजी से ड्रेन होती है। इसके स्थान पर सिस्टम सेटिंग्स में जाकर ‘अडैप्टिव ब्राइटनेस’ या ‘ऑटो ब्राइटनेस’ फीचर को एक्टिवेट रखें। यह सेंसर की मदद से आसपास की रोशनी के अनुसार स्क्रीन की चमक को अपने आप कम या ज्यादा करता है।
इसके साथ ही स्क्रीन टाइमआउट का समय कम करना बैटरी बचाने का एक अत्यंत प्रभावी तरीका है। यदि आपका स्क्रीन टाइमआउट 2 मिनट या 5 मिनट पर सेट है, तो काम खत्म होने के बाद भी डिस्प्ले जलता रहता है और बेवजह बैटरी की खपत होती है। सेटिंग्स के डिस्प्ले सेक्शन में जाकर स्क्रीन टाइमआउट को 15 सेकंड या 30 सेकंड पर सेट कर दें। यह छोटा सा बदलाव रोजाना 10 से 15 प्रतिशत तक बैटरी बचाने में मदद करता है।
3. AMOLED डिस्प्ले पर डार्क मोड का उपयोग करें
यदि आपके स्मार्टफोन में AMOLED या OLED डिस्प्ले पैनल दिया गया है, तो डार्क मोड (Dark Theme) का इस्तेमाल बैटरी बचाने का सबसे बड़ा हथियार साबित होता है। पारंपरिक एलसीडी स्क्रीन के विपरीत, एमोलेड स्क्रीन में काले रंग (Pure Black) को प्रदर्शित करने के लिए डिस्प्ले के पिक्सल्स पूरी तरह बंद हो जाते हैं।
जब डिस्प्ले के पिक्सल्स बंद रहते हैं, तो वे शून्य बिजली की खपत करते हैं। फोन की मुख्य सेटिंग्स में जाकर सिस्टम-वाइड डार्क मोड को हमेशा ऑन रखें। इसके अतिरिक्त व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और गूगल क्रोम जैसे भारी उपयोग वाले ऐप्स को भी डार्क थीम पर सेट करें। इससे न केवल बैटरी की भारी बचत होती है, बल्कि रात के समय या कम रोशनी में आंखों पर पड़ने वाला डिजिटल तनाव भी काफी कम हो जाता है।
4. बैकग्राउंड में चलने वाले गैर-जरूरी ऐप्स को नियंत्रित करें
हम दैनिक दिनचर्या में दर्जनों ऐप्स खोलते हैं और काम खत्म होने पर सीधे होम स्क्रीन पर आ जाते हैं। इनमें से कई सोशल मीडिया, ई-कॉमर्स, ऑनलाइन गेमिंग और न्यूज ऐप्स बैकग्राउंड में लगातार सक्रिय रहते हैं। ये ऐप्स बैकग्राउंड डेटा रिफ्रेश करते रहते हैं, लोकेशन ट्रैक करते हैं और प्रोसेसर का उपयोग करते हैं, जिससे बिना इस्तेमाल के भी बैटरी का एक बड़ा हिस्सा चुपचाप खत्म होता रहता है।
इस समस्या से निपटने के लिए एंड्रॉयड की सेटिंग्स में ‘Apps’ या ‘Battery & Device Care’ में जाएं और ‘Background Usage Limits’ के विकल्प को चुनें। जिन ऐप्स का आप रोजाना उपयोग नहीं करते, उन्हें ‘Deep Sleep’ या ‘Restricted’ मोड में डाल दें। ऐसा करने से वे बैकग्राउंड में बंद रहेंगे और तभी सक्रिय होंगे जब आप उन्हें मैन्युअल रूप से खोलेंगे। इससे बैकग्राउंड बैटरी ड्रेन की समस्या तुरंत खत्म हो जाएगी।
5. अनचाहे नोटिफिकेशन्स और लगातार आने वाले अलर्ट्स को ब्लॉक करें
स्मार्टफोन में इंस्टॉल लगभग हर ऐप दिनभर में दर्जनों प्रमोशनल, मार्केटिंग और गैर-जरूरी नोटिफिकेशन्स भेजता रहता है। हर बार जब कोई नोटिफिकेशन स्क्रीन पर पॉप-अप होता है, तो फोन का डिस्प्ले ऑन हो जाता है, प्रोसेसर एक्टिव होता है और वाइब्रेशन मोटर चालू होती है। दिनभर में आने वाले सैकड़ों अनचाहे नोटिफिकेशन्स बैटरी को तेजी से खत्म करते हैं।
फोन की सेटिंग्स में ‘Notifications’ सेक्शन में जाएं और ‘App Notifications’ की सूची खोलें। यहां केवल बैंकिंग, मैसेजिंग, व्हाट्सएप और ऑफिस से जुड़े आवश्यक ऐप्स के नोटिफिकेशन्स को चालू रखें। बाकी सभी गैर-जरूरी शॉपिंग ऐप्स, गेम्स और डिलीवरी पोर्टल्स के अलर्ट्स को पूरी तरह बंद कर दें। इससे फोन का डिस्प्ले बार-बार ऑन नहीं होगा और बैटरी बैकअप में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा।
6. कीबोर्ड साउंड, वाइब्रेशन और हैप्टिक फीडबैक को पूरी तरह बंद करें
चैटिंग या टाइपिंग करते समय कीपैड की आवाज और हल्का वाइब्रेशन महसूस होना भले ही अच्छा लगे, लेकिन यह फीचर बैटरी का बहुत बड़ा दुश्मन है। स्मार्टफोन के भीतर लगी वाइब्रेशन मोटर (Haptic Motor) को चलने के लिए काफी अधिक बिजली की आवश्यकता होती है। जब आप दिनभर में हजारों शब्द टाइप करते हैं, तो यह मोटर लगातार बैटरी की खपत करती रहती है।
फोन की ‘Sound and Vibration’ सेटिंग्स में जाएं और डायल पैड टोन्स, स्क्रीन लॉक साउंड, चार्जिंग साउंड, टच साउंड्स और कीबोर्ड वाइब्रेशन को पूरी तरह डिसेबल कर दें। बिना आवाज और वाइब्रेशन के साइलेंट टाइपिंग करने से बैटरी का अच्छा-खासा प्रतिशत सुरक्षित रहता है और फोन ज्यादा देर तक काम करता है।
7. जीपीएस, ब्लूटूथ और वाई-फाई का सही व संतुलित प्रबंधन
स्मार्टफोन में मौजूद जीपीएस (लोकेशन सर्विस), ब्लूटूथ, पोर्टेबल हॉटस्पॉट और वाई-फाई ऐसे नेटवर्क फीचर्स हैं जो ऑन रहने पर लगातार बैकग्राउंड में सिग्नल्स को सर्च और स्कैन करते रहते हैं। उदाहरण के लिए, जब आप घर से बाहर होते हैं और वाई-फाई ऑन रहता है, तो डिवाइस लगातार नए नेटवर्क्स की तलाश में बैटरी खर्च करता रहता है।
जब आप गूगल मैप्स या कैब बुकिंग जैसी लोकेशन-आधारित सेवाओं का उपयोग न कर रहे हों, तो जीपीएस को हमेशा बंद रखें। ऐप परमिशन्स में जाकर लोकेशन एक्सेस को ‘Allow only while using the app’ पर सेट करें। इसके साथ ही फाइल ट्रांसफर या हेडफोन का काम पूरा होते ही ब्लूटूथ और हॉटस्पॉट को तुरंत क्विक सेटिंग्स पैनल से टर्न ऑफ करने की आदत डालें।
8. अत्यधिक तापमान से फोन को बचाएं और ओरिजिनल चार्जर का ही उपयोग करें
लिथियम-आयन बैटरियों की कार्यक्षमता और जीवनकाल पर तापमान का बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। तेज धूप में फोन को कार के डैशबोर्ड पर छोड़ना, भारी ग्राफिक्स वाले गेम्स खेलते समय लगातार चार्जिंग करना या तकिए के नीचे दबाकर फोन चार्ज करना उसके तापमान को अत्यधिक बढ़ा देता है। अत्यधिक गर्मी से बैटरी के आंतरिक केमिकल्स नष्ट होने लगते हैं और उसकी चार्ज होल्डिंग क्षमता स्थायी रूप से कम हो जाती है।
हमेशा अपने फोन के साथ आए ओरिजिनल चार्जर और सर्टिफाइड चार्जिंग केबल का ही इस्तेमाल करें। बाजार में मिलने वाले सस्ते और अनब्रांडेड चार्जर अस्थिर वोल्टेज की आपूर्ति करते हैं, जिससे डिवाइस अत्यधिक गर्म होता है और बैटरी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। चार्जिंग के दौरान फोन को किसी ठंडी और हवादार जगह पर रखें और मोटा बैक कवर हटा देना भी एक बेहतर विकल्प है।
9. अनयूज्ड ऐप्स को अनइंस्टॉल करें और फोन स्टोरेज खाली रखें
समय के साथ हमारे स्मार्टफोन में दर्जनों ऐसे पुराने ऐप्स, फाइल्स और ब्लोटवेयर जमा हो जाते हैं जिनका हम महीनों से कोई इस्तेमाल नहीं करते। ये निष्क्रिय ऐप्स न केवल स्टोरेज घेरते हैं बल्कि उनकी बैकग्राउंड कैशे फाइल्स सिस्टम को धीमा बनाती हैं। सिस्टम पर लोड बढ़ने से प्रोसेसर को सामान्य काम के लिए भी ज्यादा पावर की जरूरत पड़ती है, जिससे बैटरी तेजी से ड्रेन होती है।
महीने में कम से कम एक बार अपने फोन के ऐप ड्रावर की समीक्षा करें और जिन ऐप्स का उपयोग नहीं हो रहा है, उन्हें तुरंत अनइंस्टॉल कर दें। जिन सिस्टम ऐप्स को हटाया नहीं जा सकता, उन्हें ‘Disable’ कर दें। फोन की इंटरनल स्टोरेज में कम से कम 20 प्रतिशत खाली जगह बनाए रखें ताकि ऑपरेटिंग सिस्टम सुचारू रूप से काम कर सके और बैटरी पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
Increase Android Smartphone Battery Life: 10. सिस्टम सॉफ्टवेयर को अपडेट रखें और बैटरी सेवर मोड का सही समय पर इस्तेमाल करें
स्मार्टफोन निर्माता कंपनियां समय-समय पर सॉफ्टवेयर अपडेट्स और सिक्योरिटी पैच जारी करती रहती हैं। इन अपडेट्स में सिस्टम बग्स को ठीक करने के साथ-साथ बैटरी ऑप्टिमाइजेशन और पावर मैनेजमेंट से जुड़े जरूरी तकनीकी सुधार शामिल होते हैं। सेटिंग्स में जाकर नियमित रूप से ‘Software Update’ की जांच करते रहें और अपने फोन को हमेशा लेटेस्ट वर्जन पर रखें।
जब कभी आप सफर में हों या चार्जर से दूर हों और बैटरी 20 प्रतिशत या उससे कम हो जाए, तो तुरंत फोन के ‘Power Saving Mode’ या ‘Ultra Battery Saver’ को एक्टिवेट कर दें। यह मोड बैकग्राउंड नेटवर्क सिंक को रोक देता है, स्क्रीन रिफ्रेश रेट को 60Hz पर लॉक करता है और सीपीयू की गति को नियंत्रित करके फोन को आपातकालीन स्थिति में कई अतिरिक्त घंटों तक चालू रखने में मदद करता है। इन सभी वैज्ञानिक और व्यावहारिक तरीकों को अपनाकर आप अपने वर्तमान एंड्रॉयड फोन से बेहतरीन बैटरी बैकअप प्राप्त कर सकते हैं।
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