Human Refrigerator: एसी भी फेल! जापान ने बनाया ‘ह्यूमन रेफ्रिजरेटर’, चिलचिलाती गर्मी और हीटस्ट्रोक से मिनटों में मिलेगी राहत

Human Refrigerator: जापान ने बनाया 'ह्यूमन रेफ्रिजरेटर', चिलचिलाती गर्मी और हीटस्ट्रोक से मिलेगी राहत

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Human Refrigerator: बढ़ते तापमान और ग्लोबल वार्मिंग के इस दौर में गर्मी लोगों के लिए जानलेवा साबित होने लगी है। केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई अन्य देश भी भीषण गर्मी की चपेट में आ चुके हैं, जहां पारा रिकॉर्ड स्तर को पार कर रहा है। टोक्यो जैसे बड़े महानगरों में तो तापमान चालीस डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को भी पार कर चुका है, जिससे आम जनजीवन और विशेषकर खुले आसमान के नीचे मेहनत करने वाले मजदूरों का बुरा हाल है। इस विकराल समस्या से निपटने के लिए तकनीक के मामले में हमेशा आगे रहने वाले जापान ने एक ऐसा अनोखा और क्रांतिकारी आविष्कार किया है जिसके बारे में जानकर हर कोई हैरान है। जापान ने इंसानों के लिए एक ऐसा खास फ्रिज तैयार किया है जो चिलचिलाती धूप और लू से तपते शरीर को मिनटों में ठंडक प्रदान कर सकता है।

द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार सामने आए इस अनूठे उपकरण को ‘डो हिएमोन बॉक्स’ नाम दिया गया है, जिसे आम बोलचाल में ‘ह्यूमन रेफ्रिजरेटर’ यानी इंसानों का फ्रिज कहा जा रहा है। देखने में यह किसी वेंडिंग मशीन या रसोई के छोटे फ्रिज जैसा प्रतीत होता है, जिसके भीतर बैठने के लिए एक आरामदायक कुर्सी का इंतजाम किया गया है। निर्माण स्थलों और फैक्ट्रियों में पसीना बहाने वाले कामगारों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस विशेष केबिन को डिजाइन किया गया है, ताकि वे कुछ ही पलों में लू के प्रकोप से सुरक्षित हो सकें।

Human Refrigerator: कैसे काम करता है यह अनूठा ‘ह्यूमन रेफ्रिजरेटर’?

इस तकनीक की बनावट और कार्यप्रणाली बेहद दिलचस्प है। इस बॉक्स के भीतर एक बार में केवल एक ही व्यक्ति के बैठने की क्षमता है। जैसे ही कोई श्रमिक भीषण गर्मी से परेशान होकर इसके अंदर प्रवेश करता है, यह केबिन तेजी से अपना असर दिखाना शुरू कर देता है। इसके अंदर का अधिकतम तापमान पंद्रह डिग्री सेल्सियस के आसपास बनाए रखा जाता है, जबकि विशेष रूप से शरीर के सबसे संवेदनशील अंगों जैसे कि सिर, गर्दन और पीठ पर पांच डिग्री सेल्सियस तक की ठंडी हवा का सीधा झोंका छोड़ा जाता है।

इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह शरीर के अंदरूनी तापमान को बहुत तेजी से संतुलित करता है। सामान्य एयर कंडीशनर जहां एक तरफ बड़े कमरे को ठंडा करने में बहुत अधिक बिजली की खपत करते हैं, वहीं इस आधुनिक उपकरण की बिजली की खपत पारंपरिक एसी के मुकाबले लगभग आधी है। ऊर्जा की बचत करते हुए अधिकतम ठंडक देना इसकी सबसे बड़ी तकनीकी खासियत मानी जा रही है।

पांच से दस मिनट में शरीर का तापमान होता है सामान्य

काम के दौरान लगातार चिलचिलाती धूप में रहने के कारण मजदूरों को अक्सर गंभीर सिरदर्द, अत्यधिक थकान और हीटस्ट्रोक जैसी जानलेवा समस्याओं का सामना करना पड़ता है। जापानी वैज्ञानिकों द्वारा तैयार किए गए इस बॉक्स के इस्तेमाल से इन सभी समस्याओं से तुरंत निजात मिल सकती है। आंकड़ों और दावों के मुताबिक, इस केबिन के अंदर बैठते ही मात्र पांच मिनट के भीतर शरीर का तपकता हुआ तापमान तेजी से नीचे आने लगता है।

दस मिनट का समय बीतते-बीतते गर्मी की वजह से होने वाला सिरदर्द, बदन दर्द और हीटस्ट्रोक के शुरुआती लक्षण छूमंतर हो जाते हैं। सुरक्षा के पहलुओं को ध्यान में रखते हुए इस केबिन में एक ऑटोमैटिक टाइमर भी लगाया गया है। कोई भी व्यक्ति इसके भीतर लगातार लंबे समय तक न फंसे, इसके लिए यह उपकरण ठीक बीस मिनट बाद अपने आप बंद हो जाता है, जो इसे तकनीकी रूप से पूरी तरह सुरक्षित बनाता है।

Human Refrigerator: निर्माण स्थलों और फैक्ट्रियों के मजदूरों के लिए वरदान

इस आविष्कार के केंद्र में मुख्य रूप से वे मेहनतकश मजदूर हैं जो तेज धूप और चिलचिलाती गर्मी में भी अपने काम में जुटे रहते हैं। जापान में निर्माण कार्यों और बड़ी फैक्ट्रियों में काम करने वाले कामगारों के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने के लिए इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है। भारतीय रुपयों के हिसाब से लगभग आठ लाख पचासी हजार रुपये की कीमत वाले इस पोर्टेबल बॉक्स को विशेष रूप से कार्यस्थलों के आसपास ही स्थापित करने की योजना है, ताकि जरूरत पड़ने पर कामगार तुरंत इसका लाभ उठा सकें।

पारंपरिक तरीकों और खुले पंखों की हवा से जब शरीर की थकान और गर्मी नहीं मिटती, तब इस तरह के तापमान-नियंत्रित केबिन संजीवनी का काम करते हैं। बढ़ती ग्लोबल वार्मिंग के इस दौर में भविष्य की जरूरतों को भांपते हुए उठाया गया यह कदम अन्य देशों के लिए भी एक मिसाल बन सकता है, जहां गर्मियों के दिनों में कामकाजी लोगों को गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों से जूझना पड़ता है।

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