Gold Silver Rate September 3 2026: लगातार गिरावट से दबाव में सर्राफा बाजार, दिल्ली में 24K सोना ₹1.51 लाख और चांदी ₹2.33 लाख प्रति किलो के करीब

दिल्ली में 24K सोना ₹1.51 लाख के करीब, चांदी ₹2.33 लाख प्रति किलो तक पहुंची

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Gold Silver Rate September 3 2026: देश के घरेलू सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में पिछले कुछ कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का रुझान बना हुआ है। 2 सितंबर को दर्ज हुई कमजोरी के बाद 3 सितंबर 2026 को भी पीली और सफेद दोनों धातुओं में सीमित दायरे में कारोबार देखा जा रहा है। पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों को लेकर उपजी अनिश्चितता के कारण वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं पर मुनाफावसूली का दबाव बना हुआ है।
घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी के वायदा अनुबंधों में एक से डेढ़ प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई है। इसके चलते देश के अधिकांश खुदरा बाजारों में 24 कैरेट शुद्ध सोना 10 ग्राम के लिए लगभग 1.51 लाख से 1.52 लाख रुपये के दायरे में आ गया है, जबकि 999 शुद्धता वाली चांदी का भाव प्रति किलोग्राम 2.33 लाख से 2.35 लाख रुपये के आसपास बना हुआ है।

Gold Silver Rate September 3 2026: प्रमुख महानगरों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के भाव

स्थानीय स्तर पर विभिन्न शहरों में 24 कैरेट (99.9% शुद्ध) और 22 कैरेट (गहनों के लिए प्रयुक्त) सोने की कीमतों में वैट, परिवहन और स्थानीय मांग के आधार पर मामूली अंतर देखा जा रहा है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव लगभग 1,51,620 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत करीब 1,38,985 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास है। आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,51,880 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,39,223 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर देखा जा रहा है।
दक्षिण भारत के प्रमुख केंद्र चेन्नई में भाव थोड़ा ऊंचा बना हुआ है, जहां 24 कैरेट सोना लगभग 1,52,320 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। इसके अलावा कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद में भी 24 कैरेट सोने के भाव 1.51 लाख से 1.52 लाख रुपये के दायरे में स्थिर हैं। उत्तर और मध्य भारत के प्रमुख शहरों जैसे लखनऊ, पटना, जयपुर और अहमदाबाद में भी दरें दिल्ली और मुंबई के स्तर के काफी करीब चल रही हैं।

चांदी की कीमतों में कमजोरी और औद्योगिक मांग का असर

सफेद धातु चांदी पर भी वैश्विक स्तर पर दबाव साफ देखा जा रहा है। 999 शुद्धता वाली चांदी का हाजिर भाव ज्यादातर प्रमुख शहरों में 2.32 लाख से 2.35 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के बीच दर्ज किया गया है। दिल्ली में चांदी लगभग 2,33,950 रुपये प्रति किलोग्राम और मुंबई में 2,34,350 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बंद हुई है। वहीं चेन्नई में यह भाव 2,35,030 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास बना हुआ है।
एमसीएक्स पर चांदी का दिसंबर वायदा अनुबंध 2.32 लाख रुपये के करीब कारोबार कर रहा है, जो सत्र के दौरान 2,31,811 रुपये के निचले स्तर तक फिसला था। औद्योगिक मांग में आई सुस्ती और अमेरिकी डॉलर सूचकांक की मजबूती के कारण चांदी की कीमतों पर अल्पकालिक दबाव बना हुआ है। यद्यपि बीते एक सप्ताह में चांदी करीब दो से तीन प्रतिशत तक सस्ती हुई है, किंतु लंबी अवधि के सालाना आधार पर यह अब भी लगभग 89 प्रतिशत के मजबूत रिटर्न के साथ उच्च स्तर पर बनी हुई है।

गिरावट के प्रमुख वैश्विक और घरेलू कारक

सोने और चांदी में आई हालिया गिरावट के पीछे कई व्यापक आर्थिक और रणनीतिक कारण काम कर रहे हैं।
मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य टकराव के कारण अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे वैश्विक स्तर पर मुद्रास्फीति बढ़ने और केंद्रीय बैंकों द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने की आशंकाएं बढ़ गई हैं। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी आर्थिक व रोजगार आंकड़ों के इंतजार में संस्थागत निवेशक सतर्कता बरत रहे हैं, जिससे अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में मजबूती आई है। मजबूत डॉलर के कारण विदेशी मुद्राओं में सोना खरीदना महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक मांग प्रभावित होती है।
घरेलू स्तर पर भी रिकॉर्ड ऊंचाई से आई इस तकनीकी मुनाफावसूली ने बाजार में स्थिरता लाने का काम किया है।

Gold Silver Rate September 3 2026: खरीदारों और निवेशकों के लिए तकनीकी स्तर व सलाह

कमोडिटी बाजार विश्लेषकों का आकलन है कि एमसीएक्स पर सोने के लिए 1,47,000 से 1,48,000 रुपये का स्तर एक मजबूत तकनीकी सपोर्ट (सहारा) का कार्य कर सकता है। यदि यह स्तर टूटता है तो गिरावट और बढ़ सकती है, जबकि ऊपर की ओर 1,52,000 से 1,55,000 रुपये के दायरे में कड़ा रेजिस्टेंस (प्रतिरोध) देखने को मिलेगा। चांदी के लिए 2,20,000 रुपये का स्तर महत्वपूर्ण सपोर्ट माना जा रहा है।
त्योहारी और शादी-ब्याह के आगामी सीजन को देखते हुए खुदरा आभूषण खरीदारों के लिए यह गिरावट एक अनुकूल अवसर बनकर आई है। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि वे आभूषण खरीदते समय बीआईएस हॉलमार्क की जांच अवश्य करें तथा स्थानीय स्तर पर लगने वाले मेकिंग चार्ज और 3 प्रतिशत जीएसटी को ध्यान में रखकर ही अंतिम भुगतान की गणना करें। वहीं लंबी अवधि के वित्तीय निवेशक डिजिटल गोल्ड और ईटीएफ के माध्यम से चरणबद्ध निवेश की रणनीति अपना सकते हैं।

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