Gold Silver Price Crash: सोने-चांदी के बाजारों में आया भूचाल, दिनभर में ₹15000 से ज्यादा टूटे दाम, जानें अमेरिका के इस डेटा ने कैसे बिगाड़ा खेल

Gold Silver Price Crash: सोने-चांदी के बाजारों में आया भूचाल, दिनभर में ₹15000 से ज्यादा टूटे दाम; जानें अमेरिका के इस डेटा ने कैसे बिगाड़ा खेल

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Gold Silver Price Crash: कमोडिटी मार्केट में निवेश करने वाले भारतीय निवेशकों के लिए शुक्रवार, 5 जून 2026 का कारोबारी सत्र किसी बड़े झटके से कम नहीं रहा। वैश्विक बाजारों से मिले बेहद खराब संकेतों और अमेरिका से आए एक चौंकाने वाले आर्थिक आंकड़े के कारण घरेलू वायदा बाजार यानी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने और चांदी की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार रात को चांदी के दाम में 15,887 रुपये प्रति किलोग्राम तक की भारी-भरकम गिरावट आई, जबकि सोना भी प्रति 10 ग्राम 4,100 रुपये से ज्यादा टूटकर बंद हुआ।

इस अप्रत्याशित गिरावट के मुख्य कारणों में वैश्विक महंगाई की आशंका, कच्चे तेल (Crude Oil) की लगातार बढ़ती कीमतें, अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और सबसे बढ़कर अमेरिका का बेहद मजबूत ‘नॉन-फार्म पेरोल्स’ डेटा शामिल हैं। बाजार में आई इस सुनामी से निवेशकों को कुछ ही घंटों में करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। आइए विस्तार से समझते हैं कि आखिर अमेरिकी बाजार से ऐसा क्या डेटा आया जिसने भारतीय सर्राफा बाजार की चमक को एक ही दिन में फीका कर दिया।

Gold Silver Price Crash: एमसीएक्स (MCX) पर कहां पहुंचे सोने और चांदी के ताजा रेट?

शुक्रवार को बाजार बंद होने के समय मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सोने और चांदी दोनों ही अपने दिन के सबसे निचले स्तर (Day’s Low) के आसपास ट्रेड कर रहे थे। बाजार में बिकवाली का दबाव इतना ज्यादा था कि खरीदार पूरी तरह गायब नजर आए।

  • सोने की ताजा कीमतें (Gold Price Update): एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 2.62 फीसदी यानी 4,173 रुपये की बड़ी गिरावट के साथ 1,55,313 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। खबर लिखे जाने तक इसमें थोड़ी और गिरावट देखी गई और यह 2.69 फीसदी गिरकर 1,55,250 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। इस दौरान सोने ने दिन का हाई 1,58,598 रुपये और लो 1,55,245 रुपये का बनाया।

  • चांदी की ताजा कीमतें (Silver Price Update): चांदी के निवेशकों के लिए शुक्रवार का दिन किसी तबाही जैसा रहा। जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 5.88 फीसदी यानी 15,887 रुपये टूटकर 2,48,909 रुपये प्रति किलोग्राम के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। बाजार बंद होने के समय तक यह 5.93 फीसदी की गिरावट के साथ 2,49,100 रुपये पर बनी हुई थी। दिन के दौरान चांदी ने 2,61,892 रुपये का हाई लेवल भी छुआ था।

बड़ा सवाल: अचानक क्यों क्रैश हुआ सोने-चांदी का बाजार?

इस ऐतिहासिक गिरावट के पीछे मुख्य रूप से अमेरिकी लेबर डिपार्टमेंट (BLS) द्वारा शुक्रवार देर शाम जारी किया गया ‘नॉन-फार्म पेरोल’ (NFP) डेटा है। इस डेटा ने पूरी दुनिया के मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुमानों को पूरी तरह गलत साबित कर दिया।

दरअसल, अमेरिकी बाजार के जानकारों और एक्सपर्ट्स को उम्मीद थी कि मई के महीने में अमेरिका में केवल 85 हजार नई नौकरियों की बढ़ोतरी होगी। लेकिन जब असल आंकड़ा सामने आया, तो सब हैरान रह गए। मई में अमेरिका में नई नौकरियों की संख्या 1 लाख 72 हजार बढ़ गई, जो अनुमान से दोगुनी से भी ज्यादा है। इसके अलावा, अप्रैल के आंकड़े को भी संशोधित करके 1 लाख 15 हजार से बढ़ाकर 1.79 लाख कर दिया गया।

इसके साथ ही अमेरिका के कुछ अन्य महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े भी सामने आए हैं:

  • अमेरिका में बेरोजगारी दर (Unemployment Rate) एक्सपर्ट्स की उम्मीद के मुताबिक 4.3 फीसदी पर ही स्थिर बनी हुई है।
  • लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट भी बिना किसी बदलाव के 61.8 फीसदी पर टिका हुआ है।
  • औसत प्रति घंटे की कमाई की सालाना ग्रोथ दर अप्रैल के 3.6 फीसदी से मामूली घटकर मई में 3.4 फीसदी पर आई है।

आसान शब्दों में समझें अच्छी खबर ने कैसे सोने को डुबाया

आम तौर पर नौकरियों का बढ़ना किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए बहुत अच्छी खबर होती है, लेकिन सोने-चांदी के बाजार के लिए यह ‘समीकरण’ उल्टा काम करता है। इसे आप बेहद आसान शब्दों में इस तरह समझ सकते हैं:

गिरावट का मुख्य गणित:

अमेरिका में नौकरियों का आंकड़ा मजबूत आने का सीधा मतलब है कि वहां की अर्थव्यवस्था अभी भी बेहद मजबूत स्थिति में है और वहां मंदी का कोई खतरा नहीं है। ऐसे में अमेरिकी केंद्रीय बैंक ‘फेडरल रिजर्व’ (US Federal Reserve) को अपनी ब्याज दरों में कटौती करने की कोई जल्दबाजी नहीं होगी। अब फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है। ऊंची ब्याज दरों के कारण अमेरिकी डॉलर इंडेक्स 99.4 के पार मजबूत हो गया। जब डॉलर मजबूत होता है और ब्याज दरें ऊंची रहती हैं, तो बड़े निवेशक सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों से अपना पैसा निकालकर बैंकों और बॉन्ड्स में लगाने लगते हैं। इसी वजह से सोने-चांदी में अचानक इतनी बड़ी बिकवाली आ गई।

Gold Silver Price Crash: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी मची भारी खलबली

अमेरिकी डेटा के जारी होते ही इसका सीधा और बड़ा असर अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी मार्केट (Comex) पर भी देखने को मिला। ग्लोबल मार्केट में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई।

डेटा आने से पहले कॉमेक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स 16.63 डॉलर की मामूली गिरावट के साथ 4,488.37 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रहा था। लेकिन जैसे ही नॉन-फार्म पेरोल के आंकड़े स्क्रीन पर आए, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 2.77 फीसदी यानी 124 डॉलर से भी ज्यादा टूटकर सीधे 4,380 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गिरा। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी की कीमतों में भी 6.68 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई।

Gold Silver Price Crash: बाजार की इस बड़ी गिरावट पर क्या कहते हैं कमोडिटी एक्सपर्ट्स?

चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी फंडामेंटल एनालिस्ट पिंकी यादव के अनुसार, निवेशक इस समय अमेरिकी आंकड़ों के अलावा मध्य-पूर्व (Middle-East) के भू-राजनीतिक घटनाक्रमों और वैश्विक महंगाई पर भी लगातार नजर बनाए हुए हैं। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स का 99.4 के स्तर पर मजबूत होना बुलियन (सोने-चांदी) की चमक को लगातार कम कर रहा है।

इसके साथ ही घरेलू स्तर पर भी महंगाई की चिंताएं बढ़ रही हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए खुदरा महंगाई (Retail Inflation) का अनुमान 4.6 फीसदी से बढ़ाकर 5.1 फीसदी कर दिया है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण आने वाले समय में घरेलू स्तर पर पेट्रोल और डीजल के महंगे होने की आशंका है, जिससे शेयर बाजार से लेकर कमोडिटी मार्केट तक में अस्थिरता का माहौल बना रह सकता है।

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