Gold-Silver Price 13 August 2026: सोना-चांदी के भाव में भारी तेजी, दिल्ली से मुंबई तक जानें 24K और 22K का ताजा रेट
दिल्ली से मुंबई तक जानें 24K, 22K सोने और चांदी के ताजा भाव और बाजार का रुख
Gold-Silver Price 13 August 2026: भारतीय सर्राफा बाजार और कमोडिटी एक्सचेंजों में 13 अगस्त 2026, बृहस्पतिवार के दिन सोने और चांदी की कीमतों पर देशभर के निवेशकों, ज्वेलर्स और आम खरीदारों की निगाहें टिकी हुई हैं। वैश्विक बाजार से मिल रहे सकारात्मक संकेतों और घरेलू स्तर पर आगामी त्योहारी मौसम की मांग को देखते हुए कीमती धातुओं के भाव में लगातार बढ़त का रुख बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर की विनिमय दर में उतार-चढ़ाव, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की बढ़ती मांग ने भारतीय बाजारों में भी कीमतों को ऐतिहासिक ऊंचाइयों के करीब पहुंचा दिया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के साथ-साथ देश के प्रमुख शहरों के भौतिक सर्राफा बाजारों में भी सुबह से ही सरगर्मी देखी जा रही है।
स्थानीय करों, चुंगी, परिवहन लागत और ज्वेलर्स एसोसिएशन के मार्जिन के कारण भारत के अलग-अलग राज्यों और शहरों में सोने और चांदी के दामों में थोड़ा-बहुत अंतर देखने को मिल रहा है। इसके बावजूद, समग्र राष्ट्रीय ट्रेंड यह दर्शा रहा है कि सोना और चांदी दोनों ही कीमती धातुएं मजबूत स्थिति में कारोबार कर रही हैं। वायदा बाजार में भी निवेशकों की खरीदारी का जोर बना हुआ है, जिससे बुलियन मार्केट का माहौल काफी गरमाया हुआ है। आइए विस्तार से जानते हैं कि 13 अगस्त 2026 को देश के अलग-अलग कोनों में 24 कैरेट, 22 कैरेट सोने और शुद्ध चांदी की स्थिति क्या है।
Gold-Silver Price 13 August 2026: वैश्विक अनिश्चितता और घरेलू मांग से सोना-चांदी में उछाल
कीमती धातुओं के बाजार में आई इस तूफानी तेजी के पीछे कई बड़े वैश्विक और घरेलू कारण एक साथ काम कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने की लगातार की जा रही बड़े पैमाने पर खरीदारी और सुरक्षित संपत्ति के रूप में बुलियन की मांग में आई वृद्धि ने कीमतों को जबरदस्त सहारा दिया है। इसके अलावा, वैश्विक पटल पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों के फेरबदल से पैदा हुई अनिश्चितता के माहौल में बड़े संस्थागत निवेशक अपना धन सुरक्षित एसेट क्लास में लगाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी वजह से अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजारों में सोने और चांदी के हाजिर भाव मजबूत बने हुए हैं।
भारतीय संदर्भ में देखें तो मानसून की स्थिति बेहतर रहने के बाद अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था में मजबूती आई है, जिसके चलते आने वाले त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन के लिए आभूषणों की अग्रिम बुकिंग और भौतिक खरीदारी शुरू हो चुकी है। घरेलू बाजार में भारतीय ग्राहक और छोटे निवेशक भी लंबी अवधि के सुरक्षा तंत्र के रूप में सोने की खरीद में रुचि दिखा रहे हैं। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मजबूती थमती है या ब्याज दरों में कटौती की संभावनाएं बनती हैं, तो सर्राफा बाजार में तेजी को और अधिक पंख लग जाते हैं। यही वजह है कि मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी लगातार लिवाली का माहौल बना हुआ है, जिससे हाजिर बाजार में कीमतें नए रिकॉर्ड स्तर की ओर बढ़ती नजर आ रही हैं।
दिल्ली-एनसीआर में सोने और चांदी के ताजा भाव का विश्लेषण
देश की राजधानी दिल्ली और उससे सटे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के सर्राफा बाजारों में 13 अगस्त को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार चमक देखने को मिल रही है। दिल्ली के प्रमुख ज्वेलरी बाजारों जैसे चांदनी चौक, करोल बाग और साउथ एक्सटेंशन में 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव प्रति 10 ग्राम एक लाख तिरपन हजार रुपये से लेकर एक लाख उनसठ हजार रुपये के दायरे में दर्ज किया जा रहा है। वहीं, आभूषण निर्माण में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट सोने का भाव भी एक लाख इकतालीस हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास बना हुआ है। 18 कैरेट सोने के दाम भी ऊंचे स्तर पर ट्रेंड कर रहे हैं, जिससे हल्के आभूषण खरीदने वालों की जेब पर भी असर पड़ रहा है।
चांदी की बात करें तो दिल्ली-एनसीआर के बाजार में एक किलोग्राम शुद्ध चांदी की कीमत दो लाख पैंतीस हजार रुपये से लेकर दो लाख छियालीस हजार रुपये के बीच बनी हुई है। एनसीआर के प्रमुख सैटेलाइट शहरों जैसे गुरुग्राम, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद में भी कीमतें लगभग इसी स्तर पर बनी हुई हैं, हालांकि स्थानीय स्तर पर कुछ रुपयों का अंतर आ सकता है। दिल्ली सर्राफा संगठन के व्यापारियों का कहना है कि ऊंचे भाव के बावजूद स्थानीय ज्वेलरी शोरूमों में ग्राहकों की आवाजाही बनी हुई है। व्यापारी सलाह दे रहे हैं कि किसी भी प्रकार का लेनदेन करने से पहले स्थानीय एसोसिएशन द्वारा जारी ताजा दैनिक भाव की पुष्टि अवश्य कर लें।
मुंबई और महाराष्ट्र के सर्राफा बाजार में हलचल
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई को भारत का सबसे बड़ा बुलियन ट्रेडिंग हब माना जाता है। मुंबई के प्रसिद्ध जवेरी बाजार और आसपास के व्यापारिक सेंटरों में 13 अगस्त को सोने-चांदी के भाव राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रुझानों के पूरी तरह अनुकूल दिखाई दे रहे हैं। मुंबई में 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम लगभग एक लाख तिरपन हजार रुपये से लेकर एक लाख पचपन हजार रुपये के दायरे में चल रही है। इसके साथ ही 22 कैरेट सोने का भाव भी एक लाख इकतालीस हजार रुपये से एक लाख बयालीस हजार रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच स्थिर बना हुआ है।
महाराष्ट्र के अन्य प्रमुख व्यावसायिक शहरों जैसे पुणे, नागपुर, नासिक और कोल्हापुर में भी सोने और चांदी की दरों में इसी प्रकार की तेजी दर्ज की जा रही है। मुंबई के बाजार में चांदी की कीमत भी दो लाख पैंतीस हजार रुपये प्रति किलोग्राम से ऊपर बनी हुई है। मुंबई के अनुभवी बुलियन डीलरों का मानना है कि मुंबई बाजार सीधे विदेशी कमोडिटी एक्सचेंज कॉमैक्स (COMEX) के रुझानों से प्रभावित होता है, इसलिए यहां कीमतों में दिनभर में कई बार हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। जो निवेशक भौतिक सोने के बजाय कॉइन या बिस्किट में निवेश कर रहे हैं, वे भी बाजार की इस तेजी में काफी सक्रिय नजर आ रहे हैं।
कोलकाता, पटना और पूर्वी भारत में मांग एवं कीमतों का हाल
पूर्वी भारत के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्र कोलकाता में भी सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का दौर जारी है। कोलकाता के ऐतिहासिक बड़ा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव प्रति 10 ग्राम एक लाख तिरपन हजार रुपये के आसपास बना हुआ है, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव लगभग एक लाख इकतालीस हजार रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया है। पश्चिम बंगाल में पारंपरिक हस्तनिर्मित आभूषणों की भारी मांग रहती है, इसलिए त्योहारों से ठीक पहले सर्राफा बाजार में अच्छी चहल-पहल देखी जा रही है। चांदी के भाव भी कोलकाता में राष्ट्रीय औसत दर के अनुरूप ही ऊंचे स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।
बिहार की राजधानी पटना समेत पूर्वी भारत के अन्य शहरों जैसे रांची, भुवनेश्वर और गुवाहाटी में भी सोने-चांदी के दाम काफी ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। पटना के लोकल सर्राफा बाजार में शादी-विवाह की पूर्व तैयारियों के चलते आभूषणों और चांदी के सिक्कों की मांग में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पूर्वी भारत के बाजारों में मांग और आपूर्ति के संतुलन के आधार पर स्थानीय ज्वेलर्स थोड़ा बहुत प्रीमियम जोड़ते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्राहकों को खरीदारी करते समय हॉलमार्किंग और शुद्धता का विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि ऊंचे भाव में भी उन्हें सही और प्रमाणित आभूषण ही प्राप्त हो सकें।
चेन्नई, बेंगलुरु और दक्षिणी भारत में आभूषण बाजार की स्थिति
दक्षिण भारत का आभूषण बाजार भारत के कुल सोने की खपत में सबसे बड़ा योगदान देता है। तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में 13 अगस्त को सोने के भाव अन्य उत्तरी राज्यों की तुलना में थोड़े अधिक देखने को मिल रहे हैं। चेन्नई में 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम एक लाख चौवन हजार रुपये के आसपास पहुंचता हुआ नजर आ रहा है, जबकि 22 कैरेट सोना भी एक लाख इकतालीस हजार रुपये से अधिक के स्तर पर बना हुआ है। दक्षिण भारत में पारंपरिक मंदिर आभूषणों (Temple Jewellery) और भारी सोने के सेटों की अत्यधिक खपत होती है, जिसके कारण स्थानीय बाजारों में लिक्विडिटी और ट्रेडिंग वॉल्यूम बहुत ज्यादा रहता है।
कर्नाटक के बेंगलुरु और तेलंगाना के हैदराबाद जैसे टेक शहरों में भी 24 कैरेट सोना एक लाख तिरपन हजार रुपये प्रति 10 ग्राम से ऊपर और 22 कैरेट सोना एक लाख इकतालीस हजार रुपये के दायरे में कारोबार कर रहा है। इन दक्षिणी महानगरों में चांदी की कीमतें दो लाख पैंतीस हजार रुपये से लेकर दो लाख साठ हजार रुपये प्रति किलोग्राम तक दर्ज की जा रही हैं। स्थानीय करों, चुंगी और परिवहन लागत में अंतर होने के कारण चेन्नई और हैदराबाद जैसे शहरों में चांदी के दाम कभी-कभी उत्तर भारत के मुकाबले थोड़े ऊंचे रहते हैं। दक्षिण भारत के रिटेल ज्वेलर्स का कहना है कि सोने के बढ़े हुए दामों के बावजूद खरीदार टोकन मनी देकर बुकिंग कराने में रुचि दिखा रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय कारक, वायदा बाजार और विशेषज्ञों की राय
सोना और चांदी की वैश्विक कीमतों में तेजी के पीछे केवल घरेलू मांग ही जिम्मेदार नहीं है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों का भी इसमें बहुत बड़ा योगदान है। ग्लोबल मार्केट में अमेरिकी डॉलर इंडेक्स में नरमी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई गिरावट के कारण सोने को मजबूत सपोर्ट मिला है। इसके अलावा, दुनिया के कई बड़े केंद्रीय बैंकों द्वारा अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगातार बढ़ाने की नीति ने भी अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार को सहारा दिया है। एमसीएक्स पर सोना और चांदी के वायदा अनुबंध ऊंचे प्रीमियम पर ट्रेड हो रहे हैं, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि बाजार में तेजी का ट्रेंड फिलहाल बना रह सकता है।
कमोडिटी बाजार के वरिष्ठ विश्लेषकों का मानना है कि बुलियन में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव आ सकता है, लेकिन मध्यम से लंबी अवधि के लिए इसका आउटलुक सकारात्मक बना हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब-जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता या मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ता है, तब-तब सोना एक बेहतरीन हेजिंग टूल के रूप में काम करता है। हालांकि, कुछ बाजार विशेषज्ञों ने यह चेतावनी भी दी है कि ऊंचे स्तर पर मुनाफावसूली (Profit Booking) आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसलिए, नए निवेशकों को एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय बाजार में हर गिरावट पर धीरे-धीरे खरीदारी करने यानी ‘बाय ऑन डिप्स’ की रणनीति अपनानी चाहिए।
Gold-Silver Price 13 August 2026: खरीदारों और निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय सलाह
मौजूदा समय में जब सोने और चांदी के भाव ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर बने हुए हैं, तब आम खरीदारों और रिटेल निवेशकों को बेहद सतर्कता और समझदारी से काम लेने की आवश्यकता है। आभूषण खरीदते समय हमेशा भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा प्रमाणित हॉलमार्क (HUID) वाले गहने ही खरीदें। इससे सोने की शुद्धता की गारंटी मिलती है और भविष्य में इसे बदलने या बेचने पर सही मूल्य प्राप्त होता है। केवल बिल के साथ ही खरीदारी करें, क्योंकि इसमें करों और मेकिंग चार्ज का स्पष्ट ब्योरा होता है जो आपके वित्तीय अधिकारों की रक्षा करता है।
इसके अलावा, जो लोग केवल निवेश के उद्देश्य से सोना खरीदना चाहते हैं, उनके लिए भौतिक सोने के बजाय सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, डिजिटल गोल्ड या गोल्ड ईटीएफ (ETF) जैसे विकल्प कहीं अधिक सुरक्षित और किफायती साबित हो सकते हैं। इन डिजिटल माध्यमों में मेकिंग चार्ज और चोरी का डर नहीं रहता तथा इन पर अतिरिक्त लाभ भी मिलता है। चांदी में निवेश करने वाले लोगों को भी केवल रिफाइंड और सर्टिफाइड सिल्लियां या सिक्के ही खरीदने चाहिए। कुल मिलाकर, 13 अगस्त 2026 को सर्राफा बाजार का रुख तेज बना हुआ है, इसलिए समझदारी भरा और योजनाबद्ध निवेश ही आपको दीर्घकालिक लाभ दे सकता है।
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